पंजाब में 7.5 लाख कर्मचारियों की पेन-डाउन हड़ताल, BJP सांसद तरुण चुघ ने भगवंत मान सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद तरुण चुघ ने 27 अगस्त को पंजाब की भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य के 7.5 लाख कर्मचारी और पेंशनर पेन-डाउन हड़ताल पर उतर आए हैं। उनके अनुसार यह हड़ताल सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों के विरुद्ध जनाक्रोश का प्रतीक है।
हड़ताल का कारण और पृष्ठभूमि
चुघ ने कहा कि पंजाब सरकार के कर्मचारी उच्च न्यायालय के सख्त आदेशों के बाद भी बकाया 18 प्रतिशत महँगाई भत्ते (DA) को प्राप्त करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'सरकार अब न्यायालय के आदेश को भी नहीं मान रही है।' पुरानी पेंशन योजना की बहाली और ठेका कर्मचारियों व पेंशनर्स की नियमित नियुक्ति की माँग लंबे समय से लंबित बताई जा रही है।
BJP का सरकार पर आरोप
चुघ ने कहा, 'पंजाब में 7.5 लाख कर्मचारी और पेंशनर, जिन पर 7.5 लाख परिवारों की जिम्मेदारी है, आज अपना काम छोड़कर पेन-डाउन हड़ताल के तहत सड़कों पर उतर आए हैं। यह राज्यव्यापी बंद, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की पंजाब-विरोधी और कर्मचारी-विरोधी नीतियों के खिलाफ जनता के गुस्से का ज्वालामुखी फटने जैसा है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन स्कूलों, अस्पतालों, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और सरकारी कर्मचारियों के DA के मामले में 'हाथ खड़े' कर लेती है।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
चुघ ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले 54 महीनों में हिंसक वारदातों में 'कई गुना बढ़ोतरी' हुई है। उनके अनुसार रेत माफिया, ड्रग माफिया और रंगदारी माफिया जैसे तत्व बेखौफ होकर सक्रिय हैं। हालाँकि, ये आरोप BJP नेता के बयान पर आधारित हैं और पंजाब सरकार की ओर से इन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
नेपाल आपदा और जम्मू-कश्मीर पर टिप्पणी
चुघ ने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कथित तौर पर कई भारतीय भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में चुघ ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की उमर अब्दुल्ला सरकार पर आरोप लगाया कि वह अब तक एक भी चुनावी वादा पूरा नहीं कर पाई है और जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
आगे क्या
पंजाब सरकार की ओर से इन आरोपों का कोई आधिकारिक खंडन अभी सामने नहीं आया है। यह देखना होगा कि हड़ताल के दबाव में सरकार DA बकाया और पुरानी पेंशन योजना पर कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं। राज्य में कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है।