खेलो इंडिया डायलॉग: जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने युवाओं को खेलों से जोड़ने का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 27 अगस्त 2026 को जोधपुर में आयोजित 'खेलो इंडिया डायलॉग कार्यक्रम' में भाग लिया और युवाओं से खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) की पूर्व संध्या पर किया गया, जो हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
मुख्य संदेश और आह्वान
शेखावत ने कार्यक्रम में कहा कि देश के युवाओं को विकसित भारत की यात्रा में खेलों के माध्यम से अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि युवा खेल के मैदान से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोडियम पर भारत की उपस्थिति को और मजबूत करें। उनके अनुसार, खेलों से जुड़ाव युवाओं को नशे से दूर रखने और ऊर्जावान बनाए रखने में भी सहायक है।
सरकारी पहल और खेलो इंडिया का महत्व
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'खेलो इंडिया डायलॉग' सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। NIFT जोधपुर और माय भारत के स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाई, जिसके लिए शेखावत ने उन्हें बधाई दी।
युवाओं की आवाज़
माय भारत की स्वयंसेविका दर्शना राजपुरोहित ने कहा, 'इस कार्यक्रम में हमने पीएम मोदी से काफी कुछ सीखा। माय भारत ने हमें काफी मौके दिए हैं। मैंने विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 में राजस्थान में प्रथम स्थान हासिल किया था और इसके बाद नई दिल्ली स्थित संसद भवन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।' तैराक योग्या सिंह ने कहा कि खेलो इंडिया प्लेटफॉर्म एथलीटों को पहचान, आर्थिक मदद और प्रशिक्षण सुविधाएं देता है, जिससे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
NIFT निदेशक का नज़रिया
NIFT जोधपुर के निदेशक हरि शंकर प्रसाद ने कहा कि इस कार्यक्रम से युवाओं में खेल, फिटनेस और नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के युवाओं को मैदान पर जाकर खेलने के आह्वान से छात्र प्रेरित हो रहे हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस का संदर्भ
शेखावत ने 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिन हर नागरिक के लिए खेलों से जुड़ने और आने वाली पीढ़ियों को खेल के मैदान तक पहुँचाने का संकल्प लेने का अवसर है। यह कार्यक्रम उस व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है जो भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में जारी है।