नेपाल बाढ़ के बाद महाराजगंज हाई अलर्ट पर, DM-SP ने गंडक नदी का नाव से किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में प्रशासन ने 27 अगस्त को हाई अलर्ट घोषित कर दिया। जिला अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति अवस्थी ने नाव से गंडक नदी का सीधा निरीक्षण किया और बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लिया। वाल्मीकि बैराज पर रात भर में करीब 1,50,000 क्यूसेक पानी पहुँचा, हालाँकि अधिकारियों के अनुसार अब स्तर स्थिर हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक बाढ़ आई, जिसके कारण नारायणी नदी और त्रिशूली नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा। भोटेकोशी नदी, जो त्रिशूली नदी तंत्र का हिस्सा है, में भी उफान दर्ज किया गया। इस श्रृंखला प्रभाव के चलते भारतीय सीमा से लगे महाराजगंज के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया।
बचाव दल की तैयारी
राहत और बचाव टीम के सब-इंस्पेक्टर सौरभ धर दुबे ने बताया, 'हमारी एसएसबी आरआरटी बुधवार से ही तैनात है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हमारे पास दो बोट, लाइफ जैकेट और लाइफबॉय हैं। अगर कोई शव या सामान मिलता है, तो हम तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करेंगे। अभी तक कुछ नहीं मिला है। हालाँकि, हमने यहाँ मछली पकड़ रहे दो मछुआरों को अलर्ट कर दिया है। उन्हें अगले दो से तीन दिनों तक बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी है क्योंकि जलस्तर लगातार ऊपर-नीचे हो रहा है।' सोहागी बरवा और निचलौल क्षेत्रों में SDRF और PAC के जवान तैनात किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक शक्ति अवस्थी ने कहा, 'हम लगातार साइट पर कैंप कर रहे हैं। SSB के साथ निरंतर पेट्रोलिंग जारी है और सभी ज़रूरी निर्देश जारी किए गए हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि नारायणी और त्रिशूली नदियों में जलस्तर वृद्धि के मद्देनज़र महाराजगंज के संवेदनशील इलाकों पर विशेष नज़र रखी जा रही है।
जिला अधिकारी का आकलन
जिला अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि वाल्मीकि बैराज पर रात भर में लगभग 1,50,000 क्यूसेक पानी पहुँचा, लेकिन अब स्थिति स्थिर है। उन्होंने कहा, 'भोटेकोशी नदी त्रिशूली नदी तंत्र का हिस्सा है और क्योंकि त्रिशूली नारायणी नदी की एक सहायक नदी है, इसलिए नारायणी में जलस्तर बढ़ने की संभावना अधिक थी। फिर भी हमारी टीम पूरी तरह अलर्ट है।'
व्यापक राज्य अलर्ट और आगे की स्थिति
मऊ के जिला अधिकारी आनंद वर्धन ने बताया कि नेपाल की त्रासदी को देखते हुए राज्य स्तर पर अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से कुशीनगर, महाराजगंज और देवरिया जिलों पर ध्यान केंद्रित है। उन्होंने कहा कि मऊ में गंडक नदी का कोई सीधा असर नहीं है, फिर भी एहतियाती निगरानी जारी है। आने वाले दो से तीन दिन नदी के उतार-चढ़ाव के लिहाज़ से निर्णायक माने जा रहे हैं।