27 अगस्त 2026
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गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, सीएम सम्राट चौधरी ने बगहा-मोतिहारी समेत सीमावर्ती क्षेत्रों का किया दौरा

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गंडक नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, सीएम सम्राट चौधरी ने बगहा-मोतिहारी समेत सीमावर्ती क्षेत्रों का किया दौरा

सारांश

नेपाल की बारिश और देवघाट में देर से हुई वर्षा के चलते गंडक का जलश्राव 27 अगस्त की सुबह 9 बजे तक 1,04,400 क्यूसेक पहुँच गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद सीमावर्ती ज़िलों का दौरा कर प्रशासन को हाई-अलर्ट पर रखा।

मुख्य बातें

गंडक नदी का जलश्राव 26 अगस्त की रात 1,50,200 क्यूसेक के पीक पर पहुँचा, फिर 27 अगस्त सुबह दोबारा बढ़कर 1,04,400 क्यूसेक हो गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी का स्थलीय निरीक्षण किया।
जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक के तटबंधों पर अभी तक कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं।
गंगा नदी फिलहाल घटते रुझान में, लेकिन कुछ स्थानों पर 1-2 सेंटीमीटर मामूली वृद्धि संभव।
प्रशासन को आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश जारी।

बिहार में गंडक नदी के जलस्तर में 27 अगस्त 2026 को एक बार फिर तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सीमावर्ती ज़िलों बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी का स्थलीय निरीक्षण किया। यह उभार नेपाल में हुई भारी वर्षा और देवघाट क्षेत्र में देर से हुई बारिश के कारण आया है।

मुख्य घटनाक्रम

जल संसाधन विभाग के आँकड़ों के अनुसार 26 अगस्त की रात 11 बजे गंडक नदी का जलश्राव 1,50,200 क्यूसेक के पीक स्तर पर पहुँचा। इसके बाद कुछ कमी आई, परंतु देवघाट में बारिश के कारण जलस्तर में दोबारा उछाल आ गया।

27 अगस्त की सुबह गंडक बैराज पर जलश्राव का क्रमिक विवरण इस प्रकार रहा — सुबह 5:30 बजे 81,800 क्यूसेक, 6 बजे 88,300 क्यूसेक, 7 बजे 92,900 क्यूसेक, 8 बजे 99,800 क्यूसेक और 9 बजे तक 1,04,400 क्यूसेक — यानी साढ़े तीन घंटों में लगभग 22,600 क्यूसेक की बढ़त।

प्रशासनिक तैयारी और निर्देश

मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और एहतियाती उपायों की समीक्षा की। वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरे में उनके साथ रहे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।

तटबंधों की स्थिति

जल संसाधन विभाग के अनुसार वर्तमान में गंडक नदी के तटबंधों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया है। विभागीय स्तर पर नदियों और तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी जारी है तथा सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

गंगा नदी की स्थिति

गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल घटते रुझान में है, हालाँकि कुछ स्थानों पर 1 से 2 सेंटीमीटर तक मामूली वृद्धि की संभावना जताई गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के उत्तरी ज़िले हर मानसून सत्र में नेपाल से आने वाली नदियों के उफान से जूझते हैं। गंडक का जलश्राव यदि 1,50,000 क्यूसेक से ऊपर बना रहा, तो निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली परीक्षा राहत वितरण की पारदर्शिता और तटबंध रखरखाव में होती है। जब तक नेपाल के साथ जल-प्रबंधन पर ठोस द्विपक्षीय तंत्र नहीं बनता, बिहार के उत्तरी ज़िले हर साल इसी चक्र में फँसते रहेंगे।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंडक नदी का जलस्तर अचानक क्यों बढ़ा?
नेपाल में हुई भारी बारिश और देवघाट क्षेत्र में देर से हुई वर्षा के कारण गंडक नदी का जलश्राव एक बार फिर बढ़ गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार 26 अगस्त की रात 11 बजे यह 1,50,200 क्यूसेक के पीक पर था और 27 अगस्त सुबह 9 बजे तक 1,04,400 क्यूसेक दर्ज किया गया।
सीएम सम्राट चौधरी ने किन इलाकों का दौरा किया?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने 27 अगस्त को बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी का निरीक्षण किया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ थे और राहत-बचाव तैयारियों की समीक्षा की गई।
क्या गंडक के तटबंधों को कोई खतरा है?
जल संसाधन विभाग के अनुसार अभी तक गंडक नदी के तटबंधों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं देखा गया है। विभाग चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है और सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
गंगा नदी की स्थिति क्या है?
गंगा नदी फिलहाल घटते रुझान में है। हालाँकि, जल संसाधन विभाग ने कुछ स्थानों पर 1 से 2 सेंटीमीटर तक मामूली वृद्धि की संभावना जताई है और पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों की सुरक्षा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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