27 अगस्त 2026
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विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने वियतनाम के PM हंग से की मुलाकात, भारत-वियतनाम साझेदारी को नई दिशा

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विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने वियतनाम के PM हंग से की मुलाकात, भारत-वियतनाम साझेदारी को नई दिशा

सारांश

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा का हनोई दौरा महज शिष्टाचार भेंट नहीं — यह भारत-वियतनाम एनहैंस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को कागज से जमीन पर उतारने की कोशिश है। PM हंग से मुलाकात, ITEC पूर्व छात्रों से संवाद और टेक्सटाइल सहयोग — तीनों मिलकर 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' की व्यावहारिक परीक्षा हैं।

मुख्य बातें

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने 27 अगस्त 2026 को हनोई में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की।
बैठक में एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को ठोस नतीजों में बदलने पर चर्चा हुई।
मई 2026 में राष्ट्रपति 'तो लाम' की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंध उन्नत साझेदारी के स्तर पर पहुँचे थे।
मार्गेरिटा ने ITEC और ICCR के पूर्व छात्रों से संवाद कर शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
वियतनाम के टेक्सटाइल उद्योग प्रतिनिधियों से वैल्यू चेन सहयोग पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मार्गेरिटा ने हनोई में पूर्व राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने 27 अगस्त 2026 को हनोई में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप (बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी) को ठोस धरातल पर उतारने के उपायों पर चर्चा की। इस बैठक में मार्गेरिटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित कीं और उच्च-स्तरीय प्रतिबद्धताओं को वास्तविक नतीजों में बदलने के लिए प्रधानमंत्री हंग के मार्गदर्शन का आभार व्यक्त किया।

बैठक का मुख्य एजेंडा

मार्गेरिटा ने बैठक में वियतनामी राष्ट्रपति 'तो लाम' की भारत की सफल राजकीय यात्रा का विशेष उल्लेख किया, जिसके दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर पर पहुँचे। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। जनरल सेक्रेटरी और राष्ट्रपति 'तो लाम' की भारत की सफल राजकीय यात्रा और संबंधों को 'एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर तक ले जाने की बात की।"

गौरतलब है कि मई 2026 में नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति 'तो लाम' के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने वियतनाम को भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'विजन महासागर' का "मुख्य स्तंभ" बताया था। उसी अवसर पर दोनों देशों के संबंधों को उन्नत साझेदारी के स्तर पर ले जाने की औपचारिक घोषणा हुई थी।

क्षमता-निर्माण और शैक्षणिक सहयोग

मार्गेरिटा ने बुधवार, 26 अगस्त को हनोई में इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम (ITEC) और इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (ICCR) के पूर्व छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत की विकास साझेदारी और क्षमता-निर्माण पहलें वियतनामी अधिकारियों और विद्वानों के माध्यम से जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही हैं। राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि भारत अधिक वियतनामी छात्रों के शिक्षा के लिए आने का स्वागत करेगा।

वस्त्र उद्योग में सहयोग की संभावनाएं

मार्गेरिटा ने वियतनाम के टेक्सटाइल उद्योग के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और वस्त्र एवं कपड़ों की वैल्यू चेन में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक टेक्सटाइल आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

सभ्यतागत संबंधों को नमन

राज्य मंत्री ने हनोई में वियतनाम के संस्थापक और पूर्व राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर लिखा, "उनके स्थायी योगदान और भारत-वियतनाम के बीच उन गहरे सभ्यतागत संबंधों को नमन किया, जिन्हें उनके नेतृत्व ने और मजबूत बनाया।" मार्गेरिटा मंगलवार, 25 अगस्त को हनोई पहुँचे थे और यह दौरा भारत-वियतनाम उन्नत साझेदारी को आगे बढ़ाने की व्यापक कूटनीतिक कोशिश का हिस्सा है।

आगे की राह

इस दौरे से स्पष्ट है कि भारत दक्षिण-पूर्व एशिया में वियतनाम को एक रणनीतिक धुरी के रूप में देखता है। शिक्षा, वस्त्र उद्योग और उच्च-स्तरीय राजनयिक संवाद — तीनों मोर्चों पर एक साथ सक्रियता यह संकेत देती है कि दोनों देश साझेदारी को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखना चाहते।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह साझेदारी व्यापार, रक्षा और तकनीक में मापने योग्य नतीजे दे पाएगी। मार्गेरिटा का दौरा शिक्षा और वस्त्र उद्योग जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों पर केंद्रित रहा — यह संकेत है कि भारत इस बार घोषणाओं से आगे जाना चाहता है। दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती मुखरता के बीच वियतनाम भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के लिए एक स्वाभाविक रणनीतिक साझीदार है, लेकिन द्विपक्षीय व्यापार की वास्तविक क्षमता अभी भी काफी हद तक अनछुई है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पबित्रा मार्गेरिटा का वियतनाम दौरा किस उद्देश्य से हुआ?
विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 25 अगस्त 2026 को हनोई पहुँचे और भारत-वियतनाम एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के लिए यह दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वियतनाम के प्रधानमंत्री, ITEC-ICCR पूर्व छात्रों और टेक्सटाइल उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
भारत-वियतनाम एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप क्या है?
यह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का उन्नत स्तर है, जिसकी घोषणा मई 2026 में नई दिल्ली में PM मोदी और वियतनामी राष्ट्रपति 'तो लाम' की बैठक के बाद हुई थी। इसमें रक्षा, व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग सहित व्यापक क्षेत्रों में साझेदारी शामिल है।
वियतनाम भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में क्यों अहम है?
PM मोदी ने वियतनाम को भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'विजन महासागर' का 'मुख्य स्तंभ' बताया है। दक्षिण-पूर्व एशिया में वियतनाम की भौगोलिक स्थिति, बढ़ता आर्थिक कद और रणनीतिक महत्व इसे भारत के लिए एक प्रमुख साझीदार बनाते हैं।
ITEC और ICCR कार्यक्रम वियतनाम में क्या भूमिका निभा रहे हैं?
इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम (ITEC) और इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (ICCR) के जरिए बड़ी संख्या में वियतनामी अधिकारी और विद्वान भारत में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। मार्गेरिटा ने इन कार्यक्रमों के पूर्व छात्रों से संवाद में कहा कि ये पहलें जमीनी स्तर पर ठोस बदलाव ला रही हैं।
मार्गेरिटा ने हो ची मिन्ह की समाधि पर श्रद्धांजलि क्यों दी?
विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने हनोई में वियतनाम के संस्थापक और पूर्व राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर भारत-वियतनाम के गहरे सभ्यतागत संबंधों को रेखांकित किया। यह कदम कूटनीतिक शिष्टाचार के साथ-साथ दोनों देशों के ऐतिहासिक जुड़ाव को सम्मान देने का प्रतीक था।
राष्ट्र प्रेस
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