पबित्रा मार्गेरिटा की वियतनाम, लाओ पीडीआर और पलाऊ यात्रा: 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को मिलेगी नई ऊर्जा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश एवं कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 26 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक वियतनाम, लाओ पीडीआर और पलाऊ की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने 24 अगस्त 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह तीन-देशीय दौरा भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'इंडो-पैसिफिक विजन' को व्यावहारिक गति देने की दिशा में एक अहम कदम है।
वियतनाम: उन्नत रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा
यात्रा के पहले चरण में 26-27 अगस्त को मार्गेरिटा वियतनाम में वरिष्ठ सरकारी नेताओं से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों में हाल की प्रगति की समीक्षा होगी — विशेष रूप से उस उपलब्धि की, जब वियतनाम के पार्टी महासचिव एवं राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को 'बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया था। वे प्रमुख हितधारकों और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे।
लाओ पीडीआर: 70 वर्षों की राजनयिक विरासत का उत्सव
दूसरे चरण में 28-29 अगस्त को मार्गेरिटा लाओ पीडीआर का दौरा करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है। MEA के अनुसार, इस दौरान ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को आगे बढ़ाने तथा विकास साझेदारी को मज़बूत करने पर विचार-विमर्श होगा। भारत के सहयोग से चल रही परियोजनाओं — जिनमें साझी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट भी शामिल हैं — की प्रगति की समीक्षा भी एजेंडे में है। यहाँ भी भारतीय समुदाय से मुलाकात प्रस्तावित है।
गौरतलब है कि MEA ने रेखांकित किया है कि भारत और मेकांग क्षेत्र के देशों के बीच गहरे सभ्यतागत व सांस्कृतिक सूत्र हैं। यह यात्रा आसियान की एकता और केंद्रीयता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मज़बूती देगी।
पलाऊ: प्रशांत द्वीप देशों से संवाद का मंच
यात्रा के अंतिम चरण में 1-2 सितंबर 2026 को मार्गेरिटा पलाऊ पहुँचेंगे। वे 'पैसिफिक आइलैंड्स फोरम' (PIF) और उससे जुड़ी बैठकों के तहत आयोजित 'डायलॉग पार्टनर्स के साथ PIF नेताओं की बैठक' में भाग लेंगे। पलाऊ के नेताओं के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है। MEA के अनुसार, यह मंच भारत को PIF सदस्य देशों और अन्य डायलॉग पार्टनर्स के साथ एक साथ संवाद करने का दुर्लभ अवसर प्रदान करेगा।
व्यापक रणनीतिक महत्व
यह तीन-देशीय यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यवस्थित रूप से विस्तार दे रहा है। पैसिफिक आइलैंड्स फोरम और प्रशांत द्वीप देशों के साथ भारत की पारंपरिक रूप से करीबी साझेदारी के और गहरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले हफ्तों में इन तीनों देशों के साथ हुई बातचीत के नतीजे सामने आने की संभावना है।