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रिपब्लिक ऑफ वानुअतु और तुवालु की यात्रा पर जाएंगे पबित्रा मार्गेरिटा

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रिपब्लिक ऑफ वानुअतु और तुवालु की यात्रा पर जाएंगे पबित्रा मार्गेरिटा

सारांश

केंद्रीय मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा की चार दिवसीय यात्रा से भारत और प्रशांत द्वीप देशों के बीच संबंधों को मजबूती मिलेगी। यह यात्रा द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

पबित्रा मार्गेरिटा की यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
यह यात्रा प्रशांत द्वीप देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा देगी।
वानुअतु में मंत्री का सूचना प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का दौरा महत्वपूर्ण है।
तुवालु में भी द्विपक्षीय बैठकें होंगी।
यह यात्रा एक्ट ईस्ट नीति के अंतर्गत आती है।

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय विदेश और टेक्सटाइल राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा बुधवार से चार दिवसीय यात्रा पर रिपब्लिक ऑफ वानुअतु और तुवालु जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि यह यात्रा प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों, विकास, व्यापार, और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दों पर संवाद करना है।

मंत्रालय के अनुसार, मार्गेरिटा 22 से 25 मई 2026 तक ओशिनिया द्वीप समूह में रहेंगे।

योजनानुसार, मंत्री 22-23 अप्रैल 2026 को रिपब्लिक ऑफ वानुअतु में रहेंगे। इस दौरान उनका देश के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की उम्मीद है। यहाँ वे भारत सरकार की सहायता से स्थापित सूचना प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का दौरा भी करेंगे।

वानुअतु के बाद मंत्री का अगला पड़ाव तुवालु होगा। वे यहाँ 24 अप्रैल को पहुँचेंगे और दो दिन तक रहेंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, और देश के अन्य शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और भारत के ग्रांट इन एड कार्यक्रम के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पबित्रा मार्गेरिटा का रिपब्लिक ऑफ वानुअतु और तुवालु का दौरा प्रशांत द्वीप देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। यह यात्रा मई 2023 में पोर्ट मोरेस्बी में आयोजित भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन की निरंतरता में है, जो भारत की एक्ट ईस्ट नीति को और सशक्त बनाती है।

2014 में शुरू हुआ एफआईपीआईसी भारत और 14 प्रशांत द्वीप देशों (पीआईसी) का एक समूह है, जिसमें कुक आइलैंड्स, फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माइक्रोनेशिया, फिजी, किरिबाती, नाउरू, नियू, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, रिपब्लिक ऑफ मार्शल आइलैंड्स, समोआ, सोलोमन आइलैंड्स, टोंगा, तुवालु, और वानुअतु शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें प्रशांत द्वीप देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पबित्रा मार्गेरिटा की यह यात्रा द्विपक्षीय मुद्दों पर संवाद को बढ़ावा देगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पबित्रा मार्गेरिटा की यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों, विकास, व्यापार, और स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करना है।
मार्गेरिटा कब तक वानुअतु में रहेंगे?
मार्गेरिटा 22-23 अप्रैल 2026 को वानुअतु में रहेंगे।
तुवालु में मंत्री का कार्यक्रम क्या होगा?
तुवालु में मंत्री प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ बैठक करेंगे और परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे।
एफआईपीआईसी का क्या उद्देश्य है?
एफआईपीआईसी का उद्देश्य भारत और प्रशांत द्वीप देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
यह यात्रा कब शुरू होगी?
यह यात्रा 22 अप्रैल 2026 से शुरू होगी।
राष्ट्र प्रेस
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