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राजदूत शेरपा की वियतनाम में अहम बैठकें: संसदीय सहयोग और माई सन विरासत स्थल पर आगे बढ़ेगा काम

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राजदूत शेरपा की वियतनाम में अहम बैठकें: संसदीय सहयोग और माई सन विरासत स्थल पर आगे बढ़ेगा काम

सारांश

राजदूत शेरिंग वांगचुक शेरपा ने हनोई में वीआईपीएफजी अध्यक्ष फान ची हियू से मुलाकात कर संसदीय सहयोग को नई दिशा दी। साथ ही डा नांग में यूनेस्को विश्व धरोहर माई सन पर साइट इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना के अगले कदमों पर चर्चा हुई — भारत-वियतनाम की सभ्यतागत साझेदारी का विस्तार।

मुख्य बातें

राजदूत शेरिंग वांगचुक शेरपा ने 9 जुलाई 2026 को हनोई में वीआईपीएफजी अध्यक्ष फान ची हियू से मुलाकात की।
दोनों पक्षों ने संसदीय मैत्री मजबूत करने और विधायी अनुभवों के आदान-प्रदान पर सहमति जताई।
8 जुलाई को राजदूत ने डा नांग पीपुल्स कमेटी की उपाध्यक्ष गुयेन थी आन्ह थी से मुलाकात की।
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल माई सन पर साइट इंटरप्रिटेशन सेंटर (एसआईसी) की स्थापना के अगले कदमों पर चर्चा हुई।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम माई सन में संरक्षण और बहाली का काम जारी रखे हुए है।
दूतावास ने रेखांकित किया कि चाम संस्कृति भारत और वियतनाम के बीच गहरा सभ्यतागत सेतु है।

वियतनाम में भारत के राजदूत शेरिंग वांगचुक शेरपा ने 9 जुलाई 2026 को हनोई में वियतनाम-इंडिया पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप (वीआईपीएफजी) के नवनियुक्त अध्यक्ष फान ची हियू से मुलाकात की और भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के तहत चल रही पहलों की विस्तृत जानकारी दी। यह बैठक दोनों देशों के बीच संसदीय और सभ्यतागत संबंधों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संसदीय मैत्री को नई मजबूती

राजदूत शेरपा ने फान ची हियू को वीआईपीएफजी का अध्यक्ष बनने पर बधाई दी। फान ची हियू वियतनाम की नेशनल असेंबली की कानून एवं न्याय समिति के अध्यक्ष भी हैं। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि बैठक में 'भारत-वियतनाम की आगे बढ़ती और भविष्य पर केंद्रित साझेदारी' पर विचार-विमर्श हुआ।

दोनों पक्षों ने मौजूदा संसदीय मैत्री को और सुदृढ़ करने, विधायी अनुभवों के आदान-प्रदान तथा दोनों देशों की संसदों के बीच सहयोग विस्तार पर सहमति जताई। दूतावास के अनुसार, दोनों देशों के पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप इंडिया-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

माई सन विरासत स्थल पर अगला कदम

राजदूत शेरपा ने बुधवार, 8 जुलाई को डा नांग पीपुल्स कमेटी की उपाध्यक्ष गुयेन थी आन्ह थी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। इस बैठक में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल माई सन स्थल पर साइट इंटरप्रिटेशन सेंटर (एसआईसी) की स्थापना से जुड़े अगले कदमों पर विस्तृत चर्चा हुई।

दूतावास ने बताया कि बैठक में भारतीय दूतावास और दा नांग शहर के बीच आगामी साझा गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। गौरतलब है कि माई सन में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक विशेषज्ञ टीम लंबे समय से संरक्षण और पुनर्स्थापना का कार्य कर रही है, और राजदूत शेरपा ने इस कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की।

चाम संस्कृति: भारत-वियतनाम का सभ्यतागत सेतु

दूतावास ने रेखांकित किया कि चाम संस्कृति भारत और वियतनाम के बीच एक गहरा सभ्यतागत रिश्ता जोड़ती है। माई सन के प्राचीन हिंदू मंदिर परिसर को इस साझा विरासत का प्रतीक माना जाता है, और एसआईसी की स्थापना इस ऐतिहासिक संबंध को आधुनिक पर्यटन व शिक्षा से जोड़ने का प्रयास है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और वियतनाम अपनी एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के तहत रक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग तेज़ कर रहे हैं।

आगे क्या

संसदीय मैत्री समूह के स्तर पर आदान-प्रदान और माई सन में एसआईसी की स्थापना — दोनों मोर्चों पर अगले कदम जल्द उठाए जाने की उम्मीद है। दा नांग और भारतीय दूतावास के बीच आगामी साझा गतिविधियाँ इस द्विपक्षीय साझेदारी को और व्यापक आधार देंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दक्षिण-पूर्व एशिया में सभ्यतागत संबंधों को रणनीतिक साझेदारी की नींव बनाती है। संसदीय मैत्री समूह अक्सर औपचारिकता तक सिमटे रहते हैं; असली परीक्षा यह होगी कि विधायी अनुभवों का यह आदान-प्रदान किसी ठोस नीतिगत परिणाम में बदलता है या नहीं। चाम संस्कृति के माध्यम से भारत जो कथा गढ़ रहा है, वह चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच वियतनाम के साथ एक वैकल्पिक और गहरे ऐतिहासिक जुड़ाव की याद दिलाती है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजदूत शेरिंग वांगचुक शेरपा ने वियतनाम में किससे मुलाकात की?
राजदूत शेरपा ने 9 जुलाई 2026 को हनोई में वीआईपीएफजी अध्यक्ष फान ची हियू से और 8 जुलाई को डा नांग पीपुल्स कमेटी की उपाध्यक्ष गुयेन थी आन्ह थी से मुलाकात की। दोनों बैठकों में भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
माई सन साइट इंटरप्रिटेशन सेंटर (एसआईसी) क्या है?
एसआईसी यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल वियतनाम के माई सन स्थल पर स्थापित किया जाने वाला एक केंद्र है, जो आगंतुकों को चाम सांस्कृतिक विरासत और भारत-वियतनाम के ऐतिहासिक संबंधों की जानकारी देगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) वहाँ पहले से संरक्षण कार्य कर रहा है।
वीआईपीएफजी क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
वीआईपीएफजी यानी वियतनाम-इंडिया पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप दोनों देशों की संसदों के बीच संवाद और सहयोग का मंच है। यह समूह भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को संसदीय स्तर पर मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है।
चाम संस्कृति भारत और वियतनाम को कैसे जोड़ती है?
चाम संस्कृति प्राचीन हिंदू और बौद्ध परंपराओं पर आधारित है, जो भारतीय उपमहाद्वीप से दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैली थी। माई सन के मंदिर परिसर इसी सभ्यतागत संबंध के प्रमाण हैं, और भारत एएसआई के माध्यम से इनके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप क्या है?
यह भारत और वियतनाम के बीच रक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक और संसदीय सहयोग को समेटने वाली उच्चस्तरीय द्विपक्षीय साझेदारी है। संसदीय मैत्री समूह और सांस्कृतिक विरासत परियोजनाएँ इसी साझेदारी के अंग हैं।
राष्ट्र प्रेस
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