गंडक बाढ़ पर CM सम्राट चौधरी का दौरा: स्थिति सामान्य होने की राह पर, PM मोदी और अमित शाह की नजर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 27 अगस्त 2026 को कहा कि नेपाल की बाढ़ से उत्पन्न संकट के बाद गंडक नदी के जलप्रवाह की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार और उत्तर प्रदेश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री का सीमावर्ती जिलों का दौरा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने गुरुवार, 27 अगस्त को बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।
दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने गंडक नदी के जलस्तर, तटबंधों की सुरक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति और राहत-बचाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निगरानी में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
मुख्यमंत्री की मीडिया से बातचीत
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, 'नेपाल में एक तरह से आपदा आई है, यह चिंता का विषय है और सबको चिंता भी करनी पड़ेगी।' उन्होंने कहा कि अब वाल्मीकिनगर से लेकर पटना तक स्थिति सामान्य होने की दिशा में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण गंडक नदी में कुछ अतिरिक्त जल आ रहा है, किंतु फिलहाल पानी का डिस्चार्ज करीब एक लाख क्यूसेक के आसपास है।
केंद्र की सक्रियता
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों की बाढ़ स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड के कारण सीमावर्ती जिलों में खतरे की आशंका बनी हुई थी।
प्रशासनिक तैयारियाँ और अलर्ट
पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण समेत सीमावर्ती जिलों में जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जलप्रवाह में किसी भी बदलाव के अनुसार तत्काल जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
आगे क्या
गौरतलब है कि नेपाल में मानसून के दौरान अत्यधिक वर्षा से उत्पन्न फ्लैश फ्लड बिहार के सीमावर्ती जिलों के लिए हर वर्ष गंभीर चुनौती बनती है। इस वर्ष भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और केंद्र की सक्रिय निगरानी राहत की बात है। आने वाले दिनों में मानसून की चाल पर नजर रखना अहम होगा।