27 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ के बाद बिहार में NDRF की 9 टीमें तैनात, गंडक नदी से खतरा; आईजी बुंदेला बोले- 'निगरानी बढ़ाई'

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नेपाल बाढ़ के बाद बिहार में NDRF की 9 टीमें तैनात, गंडक नदी से खतरा; आईजी बुंदेला बोले- 'निगरानी बढ़ाई'

सारांश

नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ में 177 मौतों के बाद बिहार में NDRF की 9 टीमें तैनात हैं। गंडक नदी से कुशीनगर और बिहार के कई जिलों को खतरा है। बिहार के मुख्यमंत्री ने खुद स्थिति की समीक्षा की और दो अतिरिक्त टीमें माँगी गईं।

मुख्य बातें

NDRF ने बिहार के संवेदनशील इलाकों में 9 टीमें तैनात की हैं, जिनमें से 2 टीमें विशेष रूप से गंडक नदी क्षेत्र के लिए हैं।
नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ में मृतकों की संख्या 177 तक पहुँच गई है।
गंडक नदी से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और बिहार के कई जिलों को खतरा बताया गया है।
बिहार के मुख्यमंत्री ने बुधवार को स्थिति की व्यक्तिगत समीक्षा की और 2 अतिरिक्त NDRF टीमें माँगी गईं।
भारत सरकार ने नेपाल को मानवीय सहायता व आपदा राहत पहुँचाई है; ज़रूरत पड़ने पर और सहायता देने को तैयार।
केंद्रीय जल आयोग नदियों के जलस्तर पर निरंतर नज़र बनाए हुए है।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने 27 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के मद्देनज़र बिहार के संवेदनशील क्षेत्रों में NDRF की 9 टीमें तैनात की जा चुकी हैं और बल पूरी तरह स्टैंडबाय पर है। गंडक नदी से उत्पन्न खतरे को देखते हुए इनमें से दो टीमें विशेष रूप से गंडक-प्रभावित क्षेत्रों के लिए नियुक्त की गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

आईजी बुंदेला ने बताया कि नेपाल और चीन में अभूतपूर्व बाढ़ की खबर मिलते ही केंद्रीय जल आयोग के साथ समन्वय कर बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ की संभावना का आकलन किया गया। उन्होंने कहा, "गंडक नदी उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों को प्रभावित करती है। उत्तर प्रदेश में कुशीनगर और बिहार के वे जिले, जिनसे होकर गंडक नदी गुजरती है और अंत में गंगा में मिल जाती है, प्रभावित हो सकते हैं। राज्य सरकार स्थिति पर नज़र रखे हुए है और NDRF की टीमें वहाँ तैनात हैं।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बरसात के मौसम में केंद्रीय स्तर पर होने वाली नियमित बैठक में NDRF की तैनाती पहले से योजनाबद्ध की जाती है, लेकिन नेपाल की ताज़ा त्रासदी के बाद निगरानी और तैनाती दोनों को और मज़बूत किया गया है।

बिहार के मुख्यमंत्री की समीक्षा

बिहार के मुख्यमंत्री ने बुधवार को व्यक्तिगत रूप से स्थिति की समीक्षा की, जिसके बाद दो अतिरिक्त NDRF टीमों की माँग की गई और उन्हें दो अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया। यह इस बात का संकेत है कि राज्य प्रशासन बाढ़ की संभावना को गंभीरता से ले रहा है।

नेपाल में तबाही का पैमाना

ताज़ा आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या 177 तक पहुँच गई है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून का मौसम अपने चरम पर है और पहाड़ी नदियाँ पहले से उफान पर हैं। गौरतलब है कि नेपाल की नदियाँ भारत के मैदानी इलाकों, विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश, में बाढ़ का प्रमुख कारण बनती रही हैं।

भारत की मानवीय सहायता

आईजी बुंदेला ने बताया कि भारत सरकार ने नेपाल को व्यापक मानवीय सहायता और आपदा राहत पहुँचाई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई प्रभावित देश अतिरिक्त सहायता माँगता है तो NDRF उसे देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर निरंतर निगरानी जारी है और ज़रूरत पड़ने पर और टीमें तैनात की जा सकती हैं। केंद्रीय जल आयोग नदियों के जलस्तर पर नज़र बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिन बिहार के गंडक-तटीय जिलों के लिए निर्णायक होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि हर साल एक ही चक्र क्यों दोहराया जाता है। गंडक और कोसी जैसी नदियों से बिहार में बाढ़ का खतरा दशकों पुरानी समस्या है, फिर भी दीर्घकालिक अवसंरचना समाधान — जैसे नदी प्रबंधन समझौते और बाढ़-रोधी तटबंध — अधूरे हैं। प्रतिक्रियात्मक तैनाती ज़रूरी है, पर असली परीक्षा यह है कि क्या नेपाल के साथ जल-प्रबंधन पर कोई स्थायी द्विपक्षीय तंत्र बन पाएगा।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ के बाद बिहार में NDRF की कितनी टीमें तैनात हैं?
NDRF की कुल 9 टीमें बिहार के संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं, जिनमें से 2 टीमें विशेष रूप से गंडक नदी क्षेत्र के लिए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद 2 अतिरिक्त टीमें भी भेजी गई हैं।
गंडक नदी से किन-किन इलाकों को खतरा है?
गंडक नदी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और बिहार के उन जिलों को प्रभावित कर सकती है जिनसे होकर यह नदी गुजरती है और अंत में गंगा में मिलती है। NDRF आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला के अनुसार दोनों राज्यों में स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।
नेपाल की भोटेकोशी नदी बाढ़ में कितनी मौतें हुई हैं?
ताज़ा आधिकारिक जानकारी के अनुसार नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या 177 तक पहुँच गई है। यह आँकड़ा अभी भी बदल सकता है क्योंकि राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
क्या भारत ने नेपाल को बाढ़ राहत में मदद की है?
हाँ, भारत सरकार ने नेपाल को व्यापक मानवीय सहायता और आपदा राहत पहुँचाई है। NDRF आईजी बुंदेला ने कहा कि यदि नेपाल अतिरिक्त सहायता माँगता है तो NDRF उसे देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति पर कौन नज़र रख रहा है?
केंद्रीय जल आयोग नदियों के जलस्तर पर निरंतर निगरानी कर रहा है और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाए हुए है। बिहार के मुख्यमंत्री ने स्वयं बुधवार को स्थिति की समीक्षा की और NDRF की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए।
राष्ट्र प्रेस
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