नेपाल बाढ़ के बाद बिहार में NDRF की 9 टीमें तैनात, गंडक नदी से खतरा; आईजी बुंदेला बोले- 'निगरानी बढ़ाई'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने 27 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के मद्देनज़र बिहार के संवेदनशील क्षेत्रों में NDRF की 9 टीमें तैनात की जा चुकी हैं और बल पूरी तरह स्टैंडबाय पर है। गंडक नदी से उत्पन्न खतरे को देखते हुए इनमें से दो टीमें विशेष रूप से गंडक-प्रभावित क्षेत्रों के लिए नियुक्त की गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
आईजी बुंदेला ने बताया कि नेपाल और चीन में अभूतपूर्व बाढ़ की खबर मिलते ही केंद्रीय जल आयोग के साथ समन्वय कर बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ की संभावना का आकलन किया गया। उन्होंने कहा, "गंडक नदी उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों को प्रभावित करती है। उत्तर प्रदेश में कुशीनगर और बिहार के वे जिले, जिनसे होकर गंडक नदी गुजरती है और अंत में गंगा में मिल जाती है, प्रभावित हो सकते हैं। राज्य सरकार स्थिति पर नज़र रखे हुए है और NDRF की टीमें वहाँ तैनात हैं।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बरसात के मौसम में केंद्रीय स्तर पर होने वाली नियमित बैठक में NDRF की तैनाती पहले से योजनाबद्ध की जाती है, लेकिन नेपाल की ताज़ा त्रासदी के बाद निगरानी और तैनाती दोनों को और मज़बूत किया गया है।
बिहार के मुख्यमंत्री की समीक्षा
बिहार के मुख्यमंत्री ने बुधवार को व्यक्तिगत रूप से स्थिति की समीक्षा की, जिसके बाद दो अतिरिक्त NDRF टीमों की माँग की गई और उन्हें दो अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया। यह इस बात का संकेत है कि राज्य प्रशासन बाढ़ की संभावना को गंभीरता से ले रहा है।
नेपाल में तबाही का पैमाना
ताज़ा आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या 177 तक पहुँच गई है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून का मौसम अपने चरम पर है और पहाड़ी नदियाँ पहले से उफान पर हैं। गौरतलब है कि नेपाल की नदियाँ भारत के मैदानी इलाकों, विशेषकर बिहार और उत्तर प्रदेश, में बाढ़ का प्रमुख कारण बनती रही हैं।
भारत की मानवीय सहायता
आईजी बुंदेला ने बताया कि भारत सरकार ने नेपाल को व्यापक मानवीय सहायता और आपदा राहत पहुँचाई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई प्रभावित देश अतिरिक्त सहायता माँगता है तो NDRF उसे देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर निरंतर निगरानी जारी है और ज़रूरत पड़ने पर और टीमें तैनात की जा सकती हैं। केंद्रीय जल आयोग नदियों के जलस्तर पर नज़र बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिन बिहार के गंडक-तटीय जिलों के लिए निर्णायक होंगे।