27 अगस्त 2026
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हिमंता सरमा बोले: 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' अमेरिका-यूरोप की देन, भारतीय संस्कृति से नहीं है नाता

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हिमंता सरमा बोले: 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' अमेरिका-यूरोप की देन, भारतीय संस्कृति से नहीं है नाता

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमनाथ में पश्चिमी पीढ़ी-वर्गीकरण को भारतीय मूल्यों के लिए अप्रासंगिक बताया। उनके अनुसार, भारत में रिश्ते लेबल से नहीं, पारिवारिक बंधनों से परिभाषित होते हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर UCC विरोध के ज़रिए महिला-विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 27 अगस्त को सोमनाथ में कहा कि 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' अमेरिका-यूरोप की अवधारणाएं हैं।
सरमा के अनुसार, भारतीय समाज में पीढ़ियों को लेबल में बाँटना उचित नहीं; यहाँ परिवार और रिश्ते सर्वोपरि हैं।
सावन के महीने में सोमनाथ दर्शन कर सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ विश्व के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल होगा।
नेपाल की बाढ़ पर चिंता जताते हुए उन्होंने असम में आई हालिया बाढ़ का भी उल्लेख किया।
सरमा ने कांग्रेस पर समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध कर महिलाओं के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 27 अगस्त को सोमनाथ में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' जैसी पीढ़ी-आधारित अवधारणाएं पश्चिमी समाज की उपज हैं और भारत की सामाजिक व सांस्कृतिक जड़ों से इनका कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में पीढ़ियों को इस तरह के लेबल में बाँटने की परंपरा नहीं रही है।

मुख्य बयान: भारतीय संस्कृति में लेबल नहीं, रिश्ते हैं

सरमा ने कहा, 'हमारे देश में बेटे-बेटियाँ, माता-पिता और दादा-दादी व नाना-नानी होते हैं। अपने बच्चों को 'जेन जेड' या 'जेन अल्फा' जैसे लेबल में बाँटना सही नहीं है।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ये कॉन्सेप्ट अमेरिका और यूरोप से आए हैं और भारतीय संस्कृति में इनके लिए कोई जगह नहीं है। उनके अनुसार, परिवार की एकता और बच्चों की भलाई के लिए अथक परिश्रम करना ही भारतीय मूल्यों की पहचान है।

सोमनाथ दर्शन और तीर्थस्थल का महत्व

सोमनाथ मंदिर की यात्रा के संदर्भ में सरमा ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में उन्हें इस प्रमुख तीर्थस्थल के दर्शन का सौभाग्य मिला। उन्होंने यात्रा की व्यवस्था के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए कहा कि सोमनाथ आने वाले समय में दुनिया के प्रमुख तीर्थस्थलों में अपनी जगह बनाएगा।

नेपाल बाढ़ पर चिंता

नेपाल में आई बाढ़ को लेकर सरमा ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में असम भी बाढ़ की चपेट में आया था और ऐसी प्राकृतिक आपदाएं जन-जीवन के साथ-साथ संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुँचाती हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों की शांति और कल्याण के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

कांग्रेस पर हमला: समान नागरिक संहिता का मुद्दा

सरमा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी महिलाओं के हितों के विरुद्ध काम करती है। उनके अनुसार, कांग्रेस के विरोध के कारण देश में अब तक समान नागरिक संहिता (UCC) लागू नहीं हो पाई है। सरमा ने महिलाओं से कांग्रेस का बहिष्कार करने की अपील करते हुए कहा कि समान अधिकारों के लिए समान कानून अनिवार्य है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब UCC को लेकर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह भी कह सकते हैं कि पीढ़ी-आधारित वर्गीकरण मूलतः विपणन और मनोविज्ञान का उपकरण है, न कि संस्कृति का आरोपण। UCC पर कांग्रेस को महिला-विरोधी बताना एक पुरानी भाजपा रणनीति है, जो चुनावी ध्रुवीकरण के नज़रिए से देखे जाने पर अधिक राजनीतिक लगती है। सोमनाथ यात्रा के दौरान दिए गए इन बयानों का संयोजन धार्मिक-सांस्कृतिक और राजनीतिक संदेश को एक साथ साधने की कोशिश दिखाता है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंता सरमा ने 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' पर क्या कहा?
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि ये अवधारणाएं अमेरिका और यूरोप से आई हैं और भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था से इनका कोई सीधा संबंध नहीं है। उनके अनुसार, भारत में बच्चों को इस तरह के लेबल में बाँटने की बजाय परिवार की एकता पर ध्यान देना चाहिए।
सरमा ने सोमनाथ यात्रा के दौरान क्या कहा?
सरमा ने सावन के पवित्र महीने में सोमनाथ दर्शन का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ आने वाले समय में विश्व के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल होगा।
सरमा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विरोध के कारण देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू नहीं हो पाई है, जो महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए ज़रूरी है। उन्होंने महिलाओं से कांग्रेस का बहिष्कार करने की अपील की।
नेपाल बाढ़ पर असम के मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
सरमा ने नेपाल में आई बाढ़ पर चिंता जताई और असम में हाल ही में आई बाढ़ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाएं जन-जीवन और संपत्ति दोनों को भारी नुकसान पहुँचाती हैं और प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की।
भारत में 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' की अवधारणा कितनी प्रासंगिक है?
ये अवधारणाएं मूलतः पश्चिमी विपणन और समाजशास्त्र से उपजी हैं, जो 1990 के दशक के बाद जन्मी पीढ़ियों को वर्गीकृत करती हैं। सरमा जैसे नेताओं का तर्क है कि भारतीय पारिवारिक ढाँचा इन लेबलों से परे है, हालांकि शहरी युवाओं के बीच ये शब्द आम बोलचाल में शामिल हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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