क्या रंगिया की सभा ने कांग्रेस की अव्यवस्था और संस्कृति से दूरी को उजागर किया?

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क्या रंगिया की सभा ने कांग्रेस की अव्यवस्था और संस्कृति से दूरी को उजागर किया?

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रंगिया में कांग्रेस पर हमला किया, उन्होंने कहा कि इस सभा ने कांग्रेस की अव्यवस्था और संस्कृति से दूरी को उजागर किया है। क्या यह असम की राजनीति में गंभीर बदलाव का संकेत है?

Key Takeaways

  • कांग्रेस की अव्यवस्था ने असम की संस्कृति से उसकी दूरी को उजागर किया है।
  • मुख्यमंत्री सरमा ने असम की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • राजनीतिक गतिविधियों को स्थानीय मूल्यों का सम्मान करना चाहिए।
  • जागरूक मतदाता ही राज्य को सही दिशा में ले जा सकते हैं।
  • भविष्य में रायजोर दल और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना है।

गुवाहाटी, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को रंगिया कस्बे में हाल ही में आयोजित एक राजनीतिक सभा पर कांग्रेस पर कड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने न केवल अव्यवस्था को उजागर किया, बल्कि राज्य की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से कांग्रेस के बढ़ते अलगाव को भी सामने लाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम कांग्रेस की आंतरिक स्थिति और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हैं।

पत्रकारों से बातचीत में, मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि उन्हें प्रारंभ में इस बैठक की जानकारी नहीं थी, लेकिन जब उन्होंने आयोजन से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो देखे, तो वे चकित रह गए।

उन्होंने कहा, “मैंने जो दृश्य देखे, वे किसी संगठित राजनीतिक बैठक के नहीं लग रहे थे। वहां स्पष्टता और अनुशासन की कमी थी, केवल अव्यवस्था थी।”

मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस के भीतर की गहरी समस्या का संकेत बताते हुए कहा कि पार्टी लगातार असम की सांस्कृतिक लोकाचार और सामाजिक संवेदनशीलता से दूर होती जा रही है। उनके अनुसार, स्थानीय परंपराओं और मूल्यों की अनदेखी करने वाली राजनीतिक गतिविधियां राज्य में सामाजिक सद्भाव के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

सीएम सरमा ने कहा कि असम की राजनीति को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक मूल्यों के सम्मान पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इन मूलभूत सिद्धांतों की अनदेखी करने वाले राजनीतिक दृष्टिकोणों का समाज की एकता पर दीर्घकालिक और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने लोकतांत्रिक सतर्कता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि चुनावों में कांग्रेस को हराना न केवल असम के हित में है, बल्कि व्यापक राष्ट्रीय हित के लिए भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे असम की संस्कृतिक अखंडता और सामाजिक ताने-बाने की रक्षा के लिए सतर्क रहें और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का जिम्मेदारी से उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जागरूक और जिम्मेदार मतदाता ही राज्य को सही दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले क्षेत्रीय दल रायजोर दल के बीच भविष्य में राजनीतिक गठबंधन की संभावना भी जताई। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन अंततः होगा और इसे संभव बनाने में मिया समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “रायजोर दल और कांग्रेस अंततः एक साथ आएंगे और इस राजनीतिक सामंजस्य में मिया समुदाय अहम भूमिका निभाएगा।”

Point of View

यह घटना असम की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। मुख्यमंत्री सरमा का बयान कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी और असम की सांस्कृतिक धारा से उसकी दूरी को उजागर करता है। यह समय है कि सभी राजनीतिक दल स्थानीय मूल्यों को प्राथमिकता दें।
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

सीएम सरमा ने कांग्रेस पर कौन सा आरोप लगाया?
सीएम सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सभा ने अव्यवस्था को उजागर किया और यह पार्टी की संस्कृति से बढ़ती दूरी का संकेत है।
क्या कांग्रेस असम की संस्कृति को नजरअंदाज कर रही है?
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, कांग्रेस स्थानीय परंपराओं और मूल्यों की अनदेखी कर रही है, जो समाज में गंभीर खतरों का सामना करवा सकती है।
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