सोमनाथ पुनर्स्थापना के 75 वर्ष: हिमंता बिस्वा सरमा बोले — यह भारत के सभ्यतागत पुनर्जागरण का प्रतीक
सारांश
सोमनाथ मंदिर की पुनर्स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे भारत के सभ्यतागत पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। उन्होंने सरदार पटेल की दूरदृष्टि और PM मोदी के 'विकास भी, विरासत भी' मंत्र को इस यात्रा की धुरी करार दिया।
मुख्य बातें
असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 8 मई 2026 को सोमनाथ मंदिर पुनर्स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर एक्स पर पोस्ट साझा की।
उन्होंने मंदिर को भारत की अडिग आस्था, सभ्यता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।
सरमा ने संस्कृत श्लोक —
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 8 मई 2026 को कहा कि ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष भारत की अटूट आस्था, सभ्यतागत गरिमा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के जीवंत प्रमाण हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से मंदिर की आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया।
सरमा ने क्या कहा
सरमा ने अपनी पोस्ट में लिखा,
संपादकीय दृष्टिकोण
जिन्हें BJP बार-बार अपने आख्यान में शामिल करती है। 'विकास भी, विरासत भी' का नारा सुनने में संतुलित लगता है, लेकिन यह देखना ज़रूरी है कि सोमनाथ ट्रस्ट की अध्यक्षता स्वयं PM मोदी के पास है — यह धर्म और राज्य की सीमारेखा पर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सोमनाथ मंदिर पुनर्स्थापना के 75 वर्ष का क्या महत्व है?
सोमनाथ मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1951 में स्वतंत्रता के बाद शुरू हुए पुनर्निर्माण अभियान के तहत उद्घाटित किया गया था। 2026 में इसके 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे स्मारक कार्यक्रमों और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल का सोमनाथ मंदिर से क्या संबंध है?
भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उनके संकल्प और दूरदृष्टि के कारण सदियों के आक्रमण और विनाश के बाद मंदिर का पुनर्जीवन संभव हो सका।
सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्षता कौन करता है?
वर्तमान में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। हाल के वर्षों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं के लिए कई बुनियादी ढाँचा और पर्यटन परियोजनाएँ भी शुरू की गई हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमनाथ पर कौन-सा संस्कृत श्लोक साझा किया?
सरमा ने श्लोक 'सोमलिंगं नरो दृष्ट्वा सर्वपापैः प्रमुच्यते, लभते फलम् मनोवाञ्छितम् मृतः स्वर्गं समाश्रयेत' साझा किया, जो सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के आध्यात्मिक फल का वर्णन करता है।
सोमनाथ मंदिर कहाँ स्थित है और इसका क्या महत्व है?
सोमनाथ मंदिर गुजरात के पश्चिमी तट पर स्थित है और इसे भगवान शिव को समर्पित 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह भारत के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक परिदृश्य में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है।