क्या सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में पीएम मोदी ने कहा था- मेरे जीवन का लक्ष्य सोमनाथ का पुनर्निर्माण?

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क्या सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में पीएम मोदी ने कहा था- मेरे जीवन का लक्ष्य सोमनाथ का पुनर्निर्माण?

सारांश

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत हो चुकी है, जो ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इस अवसर पर कई आध्यात्मिक कार्यक्रम भी होंगे। जानिए पीएम मोदी के भावुक भाषण के बारे में।

Key Takeaways

  • सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत हुई।
  • पीएम मोदी ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया।
  • सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।
  • यह पर्व आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आगाज़ है।
  • सोमनाथ का मंदिर राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व आज से शुरू हुआ है, जो ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इस पर्व के साथ पूरे वर्ष होने वाले कई आध्यात्मिक कार्यक्रमों और आयोजनों का आगाज़ भी हो गया है।

मोदी आर्काइव ने सोशल मीडिया पर 2001 के एक प्रोग्राम की पुरानी तस्वीरें साझा की हैं, जब मंदिर ने अपनी स्वर्ण जयंती मनाई थी, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी भी शामिल थे। यह समारोह उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में आयोजित हुआ था।

मोदी आर्काइव ने बताया कि 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ मंदिर में एक ऐतिहासिक सभा का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा के स्वर्ण जयंती समारोह का समापन करना था। यह तारीख सरदार पटेल की जयंती के साथ मेल खाती है, जिन्होंने 1951 में सबसे पहले सोमनाथ मंदिर के नवीनीकरण की योजना बनाई थी।

पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 1026 में सोमनाथ का मंदिर ध्वस्त किया गया था। सोमनाथ मंदिर भारत की आत्मा का प्रतीक है। यह पौराणिक काल से भारत की संस्कृति, श्रद्धा और समृद्धि का प्रतीक रहा है। यह भूमि द्वादश ज्योतिर्लिंग दादा सोमनाथ की पवित्र भूमि के रूप में प्रसिद्ध है। सोमनाथ मंदिर राष्ट्र के स्वाभिमान को जागरूक करने वाली एक भव्य कृति है।

इस कार्यक्रम में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद और कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी जैसे दिग्गजों के विजन को याद किया, जिनकी मेहनत से सोमनाथ का पुनर्निर्माण संभव हुआ।

एक भावुक भाषण में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की आत्मा को दर्शाता है और उन्होंने उन 'वीरों' को भी याद किया, जिन्होंने विदेशी हमलावरों से ज्योतिर्लिंग को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि मेरे जीवन का लक्ष्य सोमनाथ का पुनर्निर्माण है। सरदार पटेल ने हिंदुस्तान को सोमनाथ के रूप में सांस्कृतिक चेतना में जो मंदिर दिया है, उसके लिए न सिर्फ गुजरात बल्कि पूरा देश गौरव अनुभव करता है। आज हम संकल्प करें कि सोमनाथ के मंदिर का पुनर्निर्माण होना चाहिए। यह हमारा परम कर्तव्य है। सोमनाथ को शिक्षा, संस्कृति और धर्म के केंद्र के रूप में विकसित करना मेरा संकल्प है।

Point of View

भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है। यह पर्व हमें एकजुटता और गर्व का अनुभव कराता है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व क्या है?
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने सोमनाथ के बारे में क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि मेरे जीवन का लक्ष्य सोमनाथ का पुनर्निर्माण है।
इस पर्व का महत्व क्या है?
यह पर्व भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और समृद्धि का प्रतीक है।
सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कब हुआ था?
सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण 1951 में हुआ था।
सोमनाथ मंदिर की पौराणिक महत्व क्या है?
सोमनाथ मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यह पौराणिक काल से श्रद्धा का प्रतीक रहा है।
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