क्या पीएम मोदी 11 जनवरी को सोमनाथ मंदिर के स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम में शामिल होंगे?
सारांश
Key Takeaways
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी तक आयोजित होगा।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को कार्यक्रम में भाग लेंगे।
- यह पर्व 1026 में हुए हमले की 1,000वीं वर्षगांठ के अवसर पर मनाया जा रहा है।
- मंदिर का मुख्य विषय 'अटूट आस्था' है।
- यह भारतीय संस्कृति और गौरव का प्रतीक है।
प्रभास पाटन, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन किया जाएगा, जिसमें साल भर विभिन्न कार्यक्रम होंगे। अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि 8 से 11 जनवरी तक मंदिर परिसर में कई आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को इस विशेष समारोह में हिस्सा लेंगे।
यह पर्व वर्ष 1026 में हुए पहले बड़े हमले की 1,000वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। विदेशी आक्रांताओं ने इस मंदिर को बार-बार लूटा और ध्वस्त किया, लेकिन हर बार इसे पुनर्निर्मित किया गया है।
यह पर्व राष्ट्रीय गौरव और सभ्यता की शक्ति का प्रतीक है। इसका मुख्य विषय 'अटूट आस्था' है, जो भारत की स्थायी संस्कृति और भावना के प्रतीक के रूप में मंदिर के महत्व को उजागर करता है।
पीएम मोदी ने एक ब्लॉग में कहा था कि सोमनाथ मंदिर भारतीय आत्मा का शाश्वत प्रतीक है। नफरत और कट्टरता भले ही एक पल के लिए इसे नष्ट करने की कोशिश कर सकती है, लेकिन अच्छाई की शक्ति में विश्वास और दृढ़ता हमेशा के लिए निर्माण की ताकत रखती है।
उन्होंने बताया कि जनवरी 1026 में हमलावरों द्वारा सोमनाथ पर पहला हमला हुआ था, और 2026 में इस घटना की 1,000वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।
प्रधानमंत्री ने सोमनाथ के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि यह भारत की अदम्य सभ्यता का प्रतीक है, जो बार-बार हमलों के बावजूद आज भी गर्व से खड़ा है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं ने सोमनाथ पर आक्रमण किया, तब उनका उद्देश्य भक्ति नहीं, बल्कि विनाश था। 2026 एक महत्वपूर्ण वर्ष होगा, जब इस पवित्र स्थल के लिए 1,000 वर्ष पूरे होंगे।
इसके अलावा, 2026 में पुनर्निर्मित मंदिर को भक्तों के लिए खोले जाने के 75 वर्ष भी पूरे होंगे।