मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में 33 लाख पेंशन हितग्राहियों के खातों में राशि ट्रांसफर की
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सागर, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर जिले के गढ़ाकोटा में आयोजित रहस मेला का शुभारंभ करते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लगभग 33 लाख हितग्राहियों के खातों में राशि का ट्रांसफर किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि रहली क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए फूड पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सीएम ने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति में ऋतुओं और मौसम के साथ मेलों का अद्भुत संबंध है। जब धान और सोयाबीन की फसल कटती है, तब दीवाली मनाई जाती है, और गेहूं की फसल आने पर होली का उत्सव मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि किसान कल्याण वर्ष में कृषि आधारित व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। राज्य सरकार ने पशुपालन और दूध उत्पादन को प्राथमिकता दी है। बजट 2026-27 में नई यशोदा योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत हमारे स्कूलों में 8वीं तक के विद्यार्थियों को ट्रेटा पैक दूध मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं और लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि दी जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की माह जनवरी पेड इन फरवरी 2026 की राशि हितग्राहियों के खातों में एक ही क्लिक से ट्रांसफर की। इस योजना के तहत प्रति हितग्राही को हर माह 600 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कुल 32.78 लाख से अधिक हितग्राहियों के खातों में 196.72 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई है।
मुख्यमंत्री यादव ने बुंदेलखंड में बीड़ी उद्योग और तेंदूपत्ता संग्रहण की चर्चा करते हुए कहा कि यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जीविका है। यहां बीड़ी, तेंदूपत्ते और हस्तकला आधारित लघु इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बीड़ी बनाने वाले और तेंदूपत्ता संग्रहण करने वालों के उन्नयन के लिए सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की एक कमेटी बनाई जाएगी। क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स एवं स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा और ढाना में शासकीय महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय और इतिहास के नए विषय खोलने की भी मंजूरी दी गई है।