क्या मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव शुक्रवार को लाडली बहना योजना की 32वीं किस्त ट्रांसफर करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- लाडली बहना योजना का लाभ 125 करोड़ से अधिक महिलाओं को मिलेगा।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा 32वीं किस्त ट्रांसफर की जाएगी।
- प्रत्येक लाभार्थी को 1,500 रुपए मिलेंगे।
- योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
- आगे के वर्षों में राशि बढ़ाने की योजना है।
भोपाल, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को लाडली बहना योजना की अगली किस्त का हस्तांतरण करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा नर्मदापुरम जिले के माखन नगर में आयोजित समारोह में 125 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में योजना की किस्त भेजी जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार को एक बयान में बताया कि राज्यभर में इस योजना के 125 करोड़ से अधिक पात्र लाभार्थियों के खातों में 1,836 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जाएगी।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री गैस सिलेंडर रिफिलिंग सहायता के लिए 29 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में 90 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भी ट्रांसफर करेंगे। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री यादव नर्मदापुरम जिले के लिए विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे।
लाडली बहना योजना के प्रत्येक लाभार्थी को 1,500 रुपए मिलेंगे, क्योंकि पिछले साल नवंबर में इस राशि में 250 रुपए की वृद्धि की गई थी। यह वर्ष 2026 की पहली किस्त होगी और जून 2023 में योजना शुरू होने के बाद से यह 32वीं किस्त होगी।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री) के कार्यकाल के दौरान, 2023 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले, इस योजना को 1,000 रुपए की मासिक किस्त के साथ लागू किया गया था।
बाद में, सितंबर 2023 में यह राशि बढ़ाकर 1,250 रुपए कर दी गई। मुख्यमंत्री यादव ने पहले कहा था कि 2028 तक यह राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि राज्य में अगले विधानसभा चुनाव 2028 में होंगे।
राज्य सरकार के अनुसार, जून 2023 से दिसंबर 2025 तक, इस योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में कुल 48,632.70 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए जा चुके हैं।
जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच ही 38,635.89 करोड़ रुपए का हस्तांतरण किया गया।
सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना ने राज्य भर की महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान सुनिश्चित किया है। आने वाले समय में, लाभार्थी महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त हो सकें।