दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नाबालिग भाइयों को हत्या के प्रयास में पकड़ा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नाबालिग भाइयों को हत्या के प्रयास में पकड़ा

सारांश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार दो नाबालिग भाइयों को गिरफ्तार किया है। यह घटना जहांगीरपुरी में हुई थी, जब आरोपियों ने एक व्यक्ति पर चाकू से हमला किया।

मुख्य बातें

दो नाबालिग भाई हत्या के प्रयास में गिरफ्तार हुए हैं।
यह घटना जहांगीरपुरी में हुई थी।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी का उपयोग किया।
घटना में चाकू का इस्तेमाल हुआ।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हत्या के प्रयास के एक केस में लगभग एक महीने से फरार दो नाबालिग आरोपियों को पकड़कर एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। इन दोनों आरोपियों की उम्र 15 और 17 वर्ष है और ये दोनों सगे भाई हैं।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 6 फरवरी 2026 की है। जब जहांगीरपुरी के जी-ब्लॉक में रहने वाले मुकेश नामक व्यक्ति अपने काम से घर लौटे, तब उनके बेटे ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले दो लड़कों ने बिना किसी कारण के उसे थप्पड़ मारा। यह सुनकर मुकेश अपने भाई के साथ उन लड़कों से बात करने के लिए उनकी झुग्गी के पास पहुंचे। वहां दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया।

इसी दौरान आरोप है कि दोनों नाबालिग लड़कों ने मुकेश और उनके भाई को धमकाया और अचानक चाकू निकालकर उन पर हमला कर दिया। हमले में मुकेश के भाई को कंधे और पेट में गंभीर चोटें आईं। जब मुकेश ने बचाव करने की कोशिश की, तो उन्हें भी चाकू लगा। इसके बाद इस मामले में जहांगीरपुरी थाने में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया।

घटना के बाद दोनों नाबालिग आरोपी मौके से भाग गए थे और पिछले लगभग एक महीने से पुलिस उनकी खोज कर रही थी। इस बीच क्राइम ब्रांच को इन दोनों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। यह टीम इंस्पेक्टर संदीप स्वामी के नेतृत्व में काम कर रही थी और पूरी कार्रवाई की निगरानी एसीपी गिरीश कौशिक कर रहे थे। टीम में एसआई प्रदीप ढुल, एसआई अनिल सरोहा, एसआई रवि राणा, एएसआई सुनील समेत कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

पुलिस ने मानव खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर इन दोनों लड़कों की लोकेशन का पता लगाया। अंततः टीम ने कार्रवाई करते हुए जहांगीरपुरी इलाके से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने इस मामले में अपनी भूमिका को भी स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें कानून के तहत हिरासत में ले लिया।

पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि दोनों नाबालिग सगे भाई हैं और बचपन से ही जहांगीरपुरी में रह रहे हैं। उनकी पढ़ाई भी बहुत कम है; एक ने आठवीं तक और दूसरे ने छठी तक पढ़ाई की है। उनके पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं और उनके परिवार में कुल पांच भाई हैं।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन दोनों ने इलाके में दबदबा बनाने के लिए यह वारदात की थी। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि युवा अपराधों में लिप्त हो रहे हैं। पुलिस की तत्परता और प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन समाज में सुधार की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह पहली बार है कि दिल्ली में नाबालिगों ने गंभीर अपराध किया है?
नहीं, दिल्ली में नाबालिगों द्वारा गंभीर अपराधों की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं।
पुलिस ने इन नाबालिगों को कैसे पकड़ा?
पुलिस ने मानव खुफिया और तकनीकी निगरानी के माध्यम से इनकी लोकेशन ट्रैक की और उन्हें गिरफ्तार किया।
क्या आरोपियों के परिवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है?
वर्तमान में आरोपियों के परिवार के बारे में कोई आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं है।
क्या इस मामले की जांच अभी भी जारी है?
हां, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
क्या नाबालिगों को जेल में रखा जाएगा?
नाबालिग होने के कारण उन्हें विशेष कानूनों के तहत हिरासत में रखा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले