पश्चिम बंगाल में फाइनल वोटर लिस्ट: न्यायिक निर्णय और डिलीटेड नामों पर खास ध्यान

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पश्चिम बंगाल में फाइनल वोटर लिस्ट: न्यायिक निर्णय और डिलीटेड नामों पर खास ध्यान

सारांश

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने फाइनल लिस्ट जारी करने का आदेश दिया है। इसमें न्यायिक निर्णय और डिलीटेड नामों के लिए विशेष चिह्न होंगे। जानें इस प्रक्रिया की अहमियत और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ।

Key Takeaways

  • फाइनल वोटर लिस्ट 28 फरवरी को जारी होगी।
  • विशेष चिह्नों का उपयोग किया जाएगा।
  • ये प्रक्रिया मतदाता सूची की शुद्धता के लिए महत्वपूर्ण है।
  • 200 न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
  • भाजपा ने इसे जरूरी कदम बताया है।

कोलकाता, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी गतिविधियां बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 28 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची जारी करने का स्पष्ट आदेश दिया है। इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने बताया कि फाइनल वोटर लिस्ट निर्धारित समय पर जारी की जाएगी, लेकिन इसमें दो अतिरिक्त विशेषताएँ होंगी।

मनोज अग्रवाल ने कहा, "जैसे हर बार सामान्य सूची जारी होती है, ठीक उसी तरह 28 फरवरी को फाइनल सूची जारी होगी, लेकिन इसमें दो विशेषताएँ और होंगी। जिन मामलों में न्यायिक निर्णय हुआ है, उनके ऊपर 'न्यायिक निर्णय के अधीन' लिखा होगा। वहीं, जो नाम डिलीट हुए हैं, उनके ऊपर 'डिलीटेड' लिखा होगा। बाकी चीजें सामान्य रहेंगी।"

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूरे राज्य में वोटिंग का आंकड़ा लगभग 60,06,675 है।

वहीं दूसरी ओर, कलकत्ता हाईकोर्ट ने 200 न्यायिक अधिकारियों की मांग की है, जिनमें से 100-100 अधिकारी ओडिशा और झारखंड हाईकोर्ट से होंगे। इन अधिकारियों को उन न्यायिक अधिकारियों की टीम में शामिल किया जाएगा, जिन्हें 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' (तार्किक असंगति) श्रेणी में पहचाने गए मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच और निर्णय लेने के लिए पहले से नियुक्त किया गया है।

पड़ोसी राज्यों से 200 न्यायिक अधिकारियों को बुलाने का निर्णय कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।

बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे, कोलकाता पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार और पश्चिम बंगाल के विशेष रोल पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता भी मौजूद थे।

यह एसआईआर अभियान पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को शुद्धिकरण करने के लिए चुनाव आयोग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें लाखों दावे और आपत्तियां आईं हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सक्रियता से यह प्रक्रिया तेज हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ओडिशा और झारखंड से 200 न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की अनुमति दी, ताकि 80 लाख से अधिक दावों का सत्यापन समय पर हो सके।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि 28 फरवरी तक सभी सत्यापन पूरे नहीं हो पाते हैं तो फाइनल रोल जारी किया जाए और बाद में सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की जाए, जिसे भी अंतिम रोल का हिस्सा माना जाएगा।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी। दूसरी ओर, भाजपा ने कहा कि यह मतदाता सूची को शुद्ध करने की जरूरी कवायद है, जिसमें फर्जी नामों को हटाया जा रहा है।

Point of View

NationPress
26/02/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल में फाइनल वोटर लिस्ट कब जारी होगी?
फाइनल वोटर लिस्ट 28 फरवरी को जारी होगी।
क्या विशेष चिह्नों का उपयोग होगा?
हां, न्यायिक निर्णय के अधीन नामों के लिए 'न्यायिक निर्णय के अधीन' और डिलीटेड नामों के लिए 'डिलीटेड' लिखा जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य क्या है?
इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है।
कितने न्यायिक अधिकारियों को शामिल किया जाएगा?
200 न्यायिक अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
क्या भाजपा ने इस प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया दी है?
हां, भाजपा ने इसे जरूरी कवायद बताया है।
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