पश्चिम बंगाल चुनाव: 80 हजार मतदान केंद्रों पर 68 एससी और 16 एसटी सीटें आरक्षित
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं।
- लगभग 80,000 मतदान केंद्र हैं।
- 68 एससी और 16 एसटी के लिए आरक्षित सीटें।
- 5,46,053 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
- मतदान प्रक्रिया में 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग लागू की जाएगी।
कोलकाता, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं, जिनमें से 210 सामान्य, 68 अनुसूचित जाति (एससी) और 16 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं।
चुनाव आयुक्त ने बताया कि पश्चिम बंगाल में लगभग 80,000 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से करीब 61,000 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग लागू करने का निर्णय लिया है।
ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी की है। दिसंबर 2025 में मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद 5,46,053 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। एसआईआर प्रक्रिया से पहले की स्थिति में पश्चिम बंगाल में मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ थी, जबकि अब यह 7.04 करोड़ हो गई है, जिससे सूची में 61 लाख से अधिक नामों का परिवर्तन हुआ है। 6,006,675 मतदाताओं के नाम अभी भी विचाराधीन हैं।
पश्चिम बंगाल में पुरुष मतदाताओं की संख्या 3.28 करोड़, महिला मतदाता 3.16 करोड़, थर्ड जेंडर 1152, दिव्यांग 4.16 लाख, वयोवृद्ध 3.79 लाख, शतायु व्यक्ति 6,653, सर्विस मतदाता 1.08 लाख, 20 से 29 साल1.31 करोड़ और 18 से 19 साल5.23 लाख वोटर हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही ईवीएम/वीवीपीएटी की अंतिम से पहले वाली गिनती की जाएगी। मतदान परिणामों की घोषणा के 72 घंटों के भीतर पहली बार इंडेक्स कार्ड और सांख्यिकीय रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएंगी। फॉर्म 17सी और ईवीएम डेटा में विसंगति होने पर हर मामले में वीवीपीएटी पर्चियों की अनिवार्य गिनती की जाएगी। परिणाम घोषित होने के 7 दिनों के भीतर उम्मीदवार द्वारा आवेदन करने पर 5 फीसदीमाइक्रो कंट्रोलर की जांच और सत्यापन किया जाएगा।