28 जुलाई 2026
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महबूबा मुफ्ती ने जंतर-मंतर बयान पर जम्मू-कश्मीर से माफी माँगी, बोलीं — 'अनजाने में छूटा अहम वाक्यांश'

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महबूबा मुफ्ती ने जंतर-मंतर बयान पर जम्मू-कश्मीर से माफी माँगी, बोलीं — 'अनजाने में छूटा अहम वाक्यांश'

सारांश

जंतर-मंतर पर दिए बयान से उपजे विवाद के बाद महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर की जनता से माफी माँगी। उन्होंने माना कि एक अहम वाक्यांश अनजाने में छूट गया, जिससे बात का संदर्भ बदल गया। साथ ही वायरल वीडियो को AI-निर्मित बताने के PDP के शुरुआती दावे को भी उन्होंने खारिज किया।

मुख्य बातें

महबूबा मुफ्ती ने 28 जुलाई को जंतर-मंतर बयान पर जम्मू-कश्मीर की जनता से सार्वजनिक माफी माँगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि पत्रकारों से बातचीत में 'सुरक्षा बलों को बनाए रखने का बहाना बनता है' — यह वाक्यांश अनजाने में छूट गया।
मुफ्ती ने वायरल वीडियो को AI-निर्मित बताने के दावों को खारिज किया; कहा — फुटेज असली और सटीक है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद गनी लोन ने बयान की कड़ी आलोचना की थी।
PDP ने पहले वीडियो को AI-जनित बताकर मुफ्ती का बचाव किया था, लेकिन अब पार्टी प्रमुख ने खुद माफी माँग ली।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार, 28 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने बयानों के लिए जम्मू-कश्मीर की जनता से औपचारिक रूप से माफी माँगी। उन्होंने स्वीकार किया कि पत्रकारों से बातचीत के क्रम में अनजाने में एक निर्णायक वाक्यांश उनसे छूट गया, जिससे उनकी बात का संदर्भ ही बदल गया।

क्या था विवादित बयान

मुफ्ती के अनुसार, वे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री के रूप में उमर अब्दुल्ला के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कश्मीर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर एक विशेष बात कहना चाहती थीं। उनका कहना था कि उनके वक्तव्य में 'सुरक्षा बलों को बनाए रखने का बहाना बनता है' — यह वाक्यांश अनजाने में छूट गया, जिससे पूरे बयान का अर्थ उलट गया।

उन्होंने स्पष्ट किया, 'मैं इस गलती के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों से माफी माँगती हूँ।' उन्होंने इस चूक की पूरी जिम्मेदारी खुद ली।

वायरल वीडियो पर महबूबा का रुख

सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैले उनके जंतर-मंतर वाले वीडियो क्लिप को लेकर भी महबूबा मुफ्ती ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज किया कि फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई थी या उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिए तैयार किया गया था। उनके अनुसार, वायरल वीडियो पूरी तरह असली और सटीक है — विवाद केवल उस छूटे हुए वाक्यांश के कारण उपजा।

गौरतलब है कि शुरुआत में PDP ने मुफ्ती का बचाव करते हुए वीडियो को AI-निर्मित बताया था, लेकिन अब पार्टी प्रमुख ने स्वयं इस दावे को नकारते हुए माफी माँग ली है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

जंतर-मंतर पर दिए गए बयानों ने जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक गलियारों में तीखी हलचल मचा दी थी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महबूबा के उक्त बयान की कड़ी आलोचना की।

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और विधायक सज्जाद गनी लोन ने भी उन बयानों पर कड़ा एतराज़ जताया और आरोप लगाया कि यह जम्मू-कश्मीर में बल प्रयोग को न्यायसंगत ठहराने की कोशिश थी। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने इन बयानों के विरोध में एक मार्च भी निकाला।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों के बीच सुरक्षा नीति और क्षेत्रीय स्वायत्तता को लेकर बहस पहले से तेज़ है। महबूबा की माफी से तात्कालिक विवाद थम सकता है, लेकिन उनके मूल वक्तव्य की राजनीतिक व्याख्याएँ आने वाले दिनों में भी चर्चा में बनी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसलिए भी कि PDP ने पहले वीडियो को AI-निर्मित बताकर जो बचाव की रणनीति अपनाई, उसे खुद पार्टी प्रमुख ने ही पलट दिया। यह घटनाक्रम दिखाता है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की भूमिका पर किसी भी अस्पष्ट बयान की राजनीतिक कीमत कितनी तेज़ी से चुकानी पड़ सकती है। उमर अब्दुल्ला और सज्जाद गनी लोन जैसे नेताओं की तत्काल प्रतिक्रिया यह भी संकेत देती है कि पोस्ट-370 जम्मू-कश्मीर में विपक्षी दलों के बीच सुरक्षा-नीति पर सार्वजनिक एकजुटता बनाए रखने का दबाव बढ़ा है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महबूबा मुफ्ती ने किस बयान के लिए माफी माँगी?
महबूबा मुफ्ती ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिए गए उस बयान के लिए माफी माँगी, जिसमें कश्मीर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर एक अहम वाक्यांश अनजाने में छूट गया था। उनके अनुसार इस चूक से उनकी बात का संदर्भ बदल गया और विवाद उत्पन्न हुआ।
क्या महबूबा मुफ्ती का वायरल वीडियो AI से बनाया गया था?
नहीं। महबूबा मुफ्ती ने खुद स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो पूरी तरह असली और सटीक है। उन्होंने AI-निर्मित फुटेज के दावों को सिरे से खारिज किया, हालाँकि PDP ने शुरुआत में यही दावा किया था।
उमर अब्दुल्ला और सज्जाद गनी लोन ने महबूबा के बयान पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जंतर-मंतर पर दिए गए महबूबा के बयान की कड़ी आलोचना की। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और विधायक सज्जाद गनी लोन ने भी एतराज़ जताया और कहा कि यह जम्मू-कश्मीर में बल प्रयोग को न्यायसंगत ठहराने की कोशिश थी। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने विरोध मार्च भी निकाला।
PDP ने पहले क्या रुख अपनाया था?
शुरुआत में PDP ने महबूबा मुफ्ती का बचाव करते हुए वायरल वीडियो को AI के ज़रिए तैयार किया गया बताया था। हालाँकि बाद में पार्टी प्रमुख ने खुद इस दावे को नकार दिया और सार्वजनिक रूप से माफी माँगी।
इस विवाद का जम्मू-कश्मीर की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा नीति और राजनीतिक स्वायत्तता पर बहस पहले से तेज़ है। महबूबा की माफी से तात्कालिक विवाद थम सकता है, लेकिन उनके मूल बयान की राजनीतिक व्याख्याएँ आने वाले दिनों में भी चर्चा में बनी रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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