27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महबूबा मुफ्ती को AI वीडियो का बहाना नहीं, माफी मांगनी चाहिए थी: उमर अब्दुल्ला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महबूबा मुफ्ती को AI वीडियो का बहाना नहीं, माफी मांगनी चाहिए थी: उमर अब्दुल्ला

सारांश

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती को सीधे घेरा — जंतर-मंतर पर बल प्रयोग के समर्थन वाले बयान पर माफी माँगने की जगह AI वीडियो का बहाना बनाना राजनीतिक बेईमानी है। यह टकराव NC और PDP के बीच बढ़ती दूरी को और उजागर करता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 27 जुलाई को महबूबा मुफ्ती से जंतर-मंतर बयान पर सार्वजनिक माफी की माँग की।
PDP के एक विधायक ने विवादित वीडियो को AI-जनरेटेड बताया था, जिसे अब्दुल्ला ने सिरे से खारिज किया।
अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि मुफ्ती कश्मीर और नई दिल्ली में अलग-अलग बयान देती हैं।
उन्होंने कहा — उग्रवाद की आड़ में आम नागरिकों की मनमाने तरीके से गिरफ्तारी या पासपोर्ट रोकना उचित नहीं।
मुफ्ती ने 2015 के BJP -PDP गठबंधन और अन्य विवादों पर भी कभी खेद नहीं जताया: अब्दुल्ला।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार, 27 जुलाई को श्रीनगर में मीडिया से बात करते हुए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुफ्ती को जंतर-मंतर पर बल प्रयोग के समर्थन में दिए गए अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए थी — न कि अपने विधायक के ज़रिए उस वीडियो को AI-जनरेटेड बताकर पल्ला झाड़ना चाहिए था।

विवाद की पृष्ठभूमि

महबूबा मुफ्ती के जंतर-मंतर भाषण का एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया, जिसमें उन्हें कश्मीर घाटी में बल प्रयोग का समर्थन करते हुए सुना गया। व्यापक आलोचना के बाद PDP के एक विधायक ने दावा किया कि वह वीडियो AI तकनीक से बनाया गया था। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने इस सफाई को सिरे से नकारते हुए कहा, 'सबने वह रील देखी। उन्हें यह मान लेना चाहिए था कि उन्होंने जो कहा, वह सही नहीं था।'

उमर अब्दुल्ला के मुख्य आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती जंतर-मंतर पर जम्मू-कश्मीर के आम लोगों की आवाज़ बुलंद करने नहीं गई थीं, बल्कि वहाँ मौजूद कुछ वर्गों को खुश करने के लिए वे ऐसे बयान दे आईं जो घाटी में बल प्रयोग को न्यायसंगत ठहराते हैं। उन्होंने कहा कि मुफ्ती की यह पुरानी आदत है — कश्मीर में कुछ और, नई दिल्ली में कुछ और कहना।

अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि उग्रवाद की चुनौती को आम नागरिकों के खिलाफ मनमानी कार्रवाई का आधार नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा, 'अगर यहाँ उग्रवाद है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि लोगों को बिना वजह गिरफ्तार किया जाए या उनके पासपोर्ट रोक दिए जाएँ।'

2015 के BJP-PDP गठबंधन का संदर्भ

मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि महबूबा मुफ्ती ने 2015 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन सरकार बनाने और उससे जुड़े अन्य विवादास्पद राजनीतिक फैसलों पर भी कभी खेद नहीं जताया। उनके अनुसार, माफी न माँगने का यह रवैया मुफ्ती की राजनीतिक शैली का हिस्सा बन चुका है।

राजनीतिक असर

यह टकराव ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और PDP के बीच पहले से ही गहरी खाई है। विश्लेषकों का मानना है कि अब्दुल्ला की यह सीधी आलोचना घाटी की राजनीति में PDP को और अलग-थलग कर सकती है। यह देखना बाकी है कि महबूबा मुफ्ती इस सार्वजनिक दबाव पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल भी उठता है। AI वीडियो विवाद ने एक बड़े सवाल को उजागर किया है: क्या भारतीय राजनीति में डीपफेक और AI-जनरेटेड सामग्री अब जवाबदेही से बचने का नया हथियार बन रही है?
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती से माफी क्यों माँगने को कहा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि महबूबा मुफ्ती ने जंतर-मंतर पर कश्मीर घाटी में बल प्रयोग का समर्थन करने वाला बयान दिया, जिसकी व्यापक आलोचना हुई। उनके अनुसार, मुफ्ती को इस बयान के लिए सार्वजनिक माफी माँगनी चाहिए थी, न कि वीडियो को AI-जनरेटेड बताकर जिम्मेदारी से बचना चाहिए था।
महबूबा मुफ्ती के AI वीडियो विवाद में क्या हुआ था?
महबूबा मुफ्ती के जंतर-मंतर भाषण का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वे बल प्रयोग का समर्थन करती दिखीं। विवाद बढ़ने पर PDP के एक विधायक ने दावा किया कि वह वीडियो AI तकनीक से बनाया गया था। उमर अब्दुल्ला ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि 'सबने वह रील देखी।'
उमर अब्दुल्ला ने उग्रवाद और नागरिक अधिकारों पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उग्रवाद एक वास्तविक चुनौती है, लेकिन इसकी आड़ में आम नागरिकों को बिना वजह गिरफ्तार करना या उनके पासपोर्ट रोकना उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि मुफ्ती के बयान ने इसी मनमानी कार्रवाई को वैधता देने का काम किया।
महबूबा मुफ्ती और BJP के 2015 गठबंधन का इस विवाद से क्या संबंध है?
उमर अब्दुल्ला ने 2015 के BJP-PDP गठबंधन का हवाला देते हुए कहा कि महबूबा मुफ्ती ने उस विवादास्पद फैसले पर भी कभी पछतावा नहीं जताया। उनके अनुसार, माफी न माँगना मुफ्ती की राजनीतिक शैली का हिस्सा बन चुका है।
इस विवाद का जम्मू-कश्मीर की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह टकराव सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस और PDP के बीच बढ़ती दूरी को और गहरा कर सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, अब्दुल्ला की सीधी आलोचना घाटी की राजनीति में PDP को और अलग-थलग कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले