क्या महबूबा मुफ्ती के बयान बदलते रहते हैं, उन पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए?
सारांश
Key Takeaways
- महबूबा मुफ्ती के बयान पर उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र कुमार चौधरी की प्रतिक्रिया।
- जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक बयानबाजी का महत्व।
- मुफ्ती के बयानों में बदलाव को लेकर उठाए गए सवाल।
- जम्मू-कश्मीर के इतिहास और उसकी राजनीतिक धारा।
- नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष का बयान।
जम्मू, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (जेकेपीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती द्वारा जम्मू संभाग में नए जिलों के गठन पर दिए गए बयान ने राजनीतिक हलचलों को जन्म दिया है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र कुमार चौधरी ने मंगलवार को मुफ्ती पर तीखा हमला किया।
सुरेंद्र कुमार चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "जम्मू-कश्मीर ने बहुत विभाजन देखा है, पिछले 11 वर्षों में यहाँ काफी नुकसान हुआ है। पहला नुकसान तब हुआ, जब भाजपा और पीडीपी ने गठबंधन किया। दूसरा नुकसान तब हुआ, जब पीडीपी ने भाजपा को पूरा सहयोग दिया और जम्मू-कश्मीर के हिस्से कराए। महाराजा गुलाब सिंह, महाराजा हरि सिंह और शेर-ए-कश्मीर अब्दुल्ला साहब ने इस राज्य को बनाया, उसे तोड़ा गया और इसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। आज जम्मू-कश्मीर की मुश्किलें राज्य के बराबर हैं, लेकिन इसका दर्जा केंद्र शासित प्रदेश का है और फंडिंग भी इसी के अनुसार होती है।"
उन्होंने कहा, "महबूबा मुफ्ती के बयान पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए। जब वे पावर में होती हैं, तो उनके कुछ बयान होते हैं और जब नहीं होती हैं, तो उनके अलग बयान होते हैं। मुझे गर्व है कि हमारे नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है।"
उपमुख्यमंत्री ने कहा, "फारूक अब्दुल्ला ने जब कोई बात कह दी, वह पार्टी के शीर्ष से लेकर नीचे तक, पार्टी के हर कार्यकर्ता के लिए पत्थर की लकीर है।"
इससे पहले, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मुफ्ती की जम्मू संभाग में नए जिलों की मांग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि रियासत को तोड़ने वाले कई लोग हैं, लेकिन वे कभी सफल नहीं होंगे। कोई नया जिला नहीं बनाया जाएगा। पहले से ही बहुत जिले हैं, इन्हें संभालना बड़ी बात है।
अब्दुल्ला ने सवाल उठाते हुए कहा, "महबूबा मुफ्ती भी मुख्यमंत्री रहीं और उनके पिता भी सीएम थे, तब उन्होंने क्या किया?" उंगली उठाना बहुत आसान होता है, लेकिन उस समय तीन उंगलियाँ आपकी तरफ भी इशारा करती हैं।