चीन का बहुध्रुवीय सहअस्तित्व: मानव प्रगति की सही दिशा
सारांश
Key Takeaways
- चीन का स्थिरता में योगदान
- 15वीं पंचवर्षीय योजना का महत्व
- बहुध्रुवीय सहअस्तित्व के लाभ
- वैश्विक सहयोग का समर्थन
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी में चीन की प्रगति
बीजिंग, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 9 मार्च को शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) के उप महासचिव सोहेल खान, जिन्हें 14वीं चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के चौथे सत्र के दूसरे पूर्णाधिवेशन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था, ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के साथ एक साक्षात्कार में अपने विचार साझा किए। उनका मानना है कि चीन ने हमेशा से ही अशांत वैश्विक परिदृश्य में एक स्थिर शक्ति के रूप में कार्य किया है, और उनका कहना है कि चीन द्वारा प्रस्तावित बहुध्रुवीय सहअस्तित्व ही मानव प्रगति की सही दिशा है।
सोहेल खान ने बताया कि चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसका मील का पत्थर की तरह महत्व है। यह योजना चीनी विशेषताओं वाले एक आधुनिक समाजवादी देश के भविष्य के विकास की दिशा को स्पष्ट करती है। अगले पांच वर्षों में चीन के विकास के लिए यह एक नई 'योजना' है।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन का तेज़ विकास विश्व के कई देशों के लिए चौंकाने वाला रहा है, खासकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में। यह सब चीन की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विशिष्ट विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने में सक्षम है। पिछले चार-पांच वर्षों में, चीन ने कई अद्भुत उपलब्धियां हासिल की हैं। विशेषकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संबंधित प्रौद्योगिकियों के विकास ने उद्योग, कृषि, चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव और प्रगति को गति दी है। समय यह साबित करेगा कि वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार में चीन की ताकतवर वृद्धि विश्व की प्रमुख शक्तियों में उसकी स्थायी स्थिति को सुनिश्चित करेगी।
सोहेल खान ने यह भी बताया कि चीन हमेशा से दुनिया में स्थिरता का प्रतीक रहा है। चीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “उभय जीत” वाले सहयोग का समर्थन करता है। चीन का मानना है कि “शून्य-जमा खेल” की प्रतिस्पर्धा केवल आपसी नुकसान का कारण बनती है। इसका मतलब यह है कि राष्ट्रों के बीच समानता, आपसी सम्मान, और साझा विकास के माध्यम से ही मानवता के लिए सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व संभव है। जटिल और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय स्थितियों में, चीन एक प्रमुख शक्ति के रूप में अपनी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता निभाते हुए सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
चीन द्वारा प्रस्तावित बहुध्रुवीय सहअस्तित्व ही मानव प्रगति की एकमात्र सही दिशा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)