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मध्य पूर्व में तनाव के बीच भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिए कई स्रोतों से कर रहा है आयात: हरदीप सिंह पुरी

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मध्य पूर्व में तनाव के बीच भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिए कई स्रोतों से कर रहा है आयात: हरदीप सिंह पुरी

सारांश

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऊर्जा आपूर्ति के लिए केवल मध्य-पूर्व पर निर्भर नहीं है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि विभिन्न स्रोतों और मार्गों से ऊर्जा आयात किया जा रहा है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।

मुख्य बातें

भारत ऊर्जा आयात के लिए विभिन्न स्रोतों का उपयोग कर रहा है।
सरकार ने गैस की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सीएनजी और पीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
अमेरिका ने रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंधों में ढील दी है।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच, भारत सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति को स्पष्ट किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को बताया कि भारत अपनी ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए केवल मध्य-पूर्व पर निर्भर नहीं है, बल्कि विभिन्न स्रोतों और मार्गों से तेल और गैस की आपूर्ति को सुनिश्चित कर रहा है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत का ऊर्जा आयात निरंतर विभिन्न देशों और मार्गों से हो रहा है, जिससे देश की आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित बनी हुई है।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं कि युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद आम लोगों को गैस की आपूर्ति में रुकावट न आए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मीडिया के सदस्यों के साथ आज हुई अनौपचारिक चर्चा में हमने बात की कि भारत का ऊर्जा आयात विभिन्न स्रोतों और मार्गों से निरंतर जारी है।"

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए गए हैं।

मंत्री ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सीएनजी और पीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। युद्ध की स्थिति के बावजूद अन्य उद्योगों को भी उनकी आवश्यकता के अनुसार लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक गैस की आपूर्ति जारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार सस्ती और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत आपूर्ति को और मजबूत करने के लिए मध्य-पूर्व के बाहर के देशों से अतिरिक्त द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) कार्गो भी खरीद रहा है। इसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में संभावित बाधाओं के बावजूद देश में ऊर्जा उपलब्धता को स्थिर बनाए रखना है।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता है, चूंकि दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है।

इस बीच, अमेरिका ने भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी है। अमेरिका का कहना है कि इससे मौजूदा संकट के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें विभिन्न स्रोतों का उपयोग किया जा रहा है। यह स्थिति देश की ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद करेगी और आम लोगों को गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत अपने ऊर्जा आयात के लिए किन स्रोतों पर निर्भर है?
भारत ऊर्जा आयात के लिए केवल मध्य-पूर्व पर निर्भर नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों और मार्गों से तेल और गैस की आपूर्ति कर रहा है।
क्या युद्ध की स्थिति में गैस की आपूर्ति प्रभावित होगी?
केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद, आम लोगों को गैस की आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं आएगी।
राष्ट्र प्रेस
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