नवसारी नगर निगम का सीसीआरएस ऐप: 48 घंटे में 85% शिकायतें निपटा रहा यह डिजिटल समाधान
सारांश
मुख्य बातें
नवसारी नगर निगम के कॉम्प्रिहेन्सिव कम्प्लेंट रिड्रेसल सिस्टम (सीसीआरएस) ऐप ने गुजरात के नवसारी शहर में नागरिक शिकायत निवारण की तस्वीर बदल दी है — जनवरी 2026 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई इस प्रणाली के ज़रिए अब तक 4,000 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से 85 प्रतिशत का निवारण 48 घंटे के भीतर किया जा रहा है। टूटी सड़कें, पेयजल लीकेज, जलभराव, स्ट्रीटलाइट, ड्रेनेज और पेड़ों की छंटनी जैसी रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए अब नागरिकों को सरकारी दफ़्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
सीसीआरएस ऐप कैसे काम करता है
यह प्रणाली आधुनिक तकनीक और सुव्यवस्थित प्रशासनिक ढाँचे पर टिकी है। नागरिक अपनी समस्या की फ़ोटो खींचकर ऐप पर अपलोड करते हैं, जिसके बाद शिकायत आधिकारिक रूप से दर्ज हो जाती है। शिकायत दर्ज होते ही निगम की डेडिकेटेड मोबाइल रेस्पॉन्स टीम मौके पर पहुँचती है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
नागरिकों का अनुभव
स्थानीय निवासी अशोकभाई राठौड़ ने बताया कि पानी का लीकेज हो, ड्रेनेज की समस्या हो, लाइटिंग की दिक्कत हो या सड़क पर गड्ढा — फ़ोटो लेकर ऐप पर भेजें और 48 घंटे के भीतर नगर निगम समाधान कर देता है। एक अन्य निवासी अंतरिक्ष परमार ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत का नतीजा तय समय सीमा में मिलना बड़ी राहत है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
नवसारी नगर निगम कमिश्नर देव चौधरी ने कहा, 'हमने एक मज़बूत सिस्टम बनाया है। इसके तहत हम एसएलए अवधि के भीतर दर्ज किसी भी शिकायत का 48 घंटे में समाधान करते हैं। इस वर्ष अब तक मिली 4,000 से अधिक शिकायतों में से 85 प्रतिशत का निस्तारण तय समय सीमा में हो चुका है।' यह पहल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में नवसारी को स्वच्छ, सुविधायुक्त और नागरिक-केंद्रित बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।
गुजरात के अन्य निगमों के लिए मॉडल
नागरिक सेवा वितरण में यह डिजिटल बदलाव ऐसे समय में आया है जब देशभर के शहरी निकाय नागरिक शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए तकनीकी समाधान खोज रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नवसारी का यह तेज़, पारदर्शी और तकनीक-आधारित मॉडल गुजरात के अन्य नगर निगमों के लिए एक प्रभावी उदाहरण बन सकता है। गौरतलब है कि पायलट चरण की सफलता के बाद इस प्रणाली को और विस्तार देने की संभावना है।