क्या नवसारी में नए ड्रेनेज और जलापूर्ति नेटवर्क से पेयजल और स्वास्थ्य की समस्याओं से मिलेगी राहत?
सारांश
Key Takeaways
- नवसारी में जलापूर्ति और ड्रेनेज नेटवर्क का विकास हो रहा है।
- 112 करोड़ रुपए की लागत के साथ यह परियोजना शुरू की गई है।
- 25,000 नागरिकों को पेयजल और स्वास्थ्य में सुधार मिलेगा।
- स्वच्छता और सुरक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
- नवसारी के चार गांवों में सड़क, लाइट, और ड्रेनेज का विकास होगा।
गांधीनगर, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार शहरीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ नागरिकों की जीवन सुगमता को सुधारने के प्रति प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार शहरों के विस्तार के साथ ही नए क्षेत्रों में जलापूर्ति, ड्रेनेज पाइपलाइन, सड़क और स्वच्छता जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है।
हाल ही में नवसारी महानगर पालिका ने 112 करोड़ रुपए की जलापूर्ति और ड्रेनेज परियोजना का कार्यान्वयन किया है।
यह उल्लेखनीय है कि 1 जनवरी, 2025 को नवसारी महानगर पालिका का गठन हुआ, जिसमें पूर्व के नवसारी विजलपोर नगर पालिका क्षेत्र के साथ 4 निकटवर्ती गांवों एरु, धारागीरी, दांतेज और हांसापोर को शामिल किया गया।
इन बाहरी इलाकों में पेयजल और ड्रेनेज की गंभीर समस्याएं थीं। इन समस्याओं के समाधान के लिए नवसारी महानगर पालिका लगभग 112 करोड़ रुपए की लागत से एक नया जलापूर्ति और ड्रेनेज नेटवर्क विकसित कर रही है।
इस परियोजना के अंतर्गत नगर पालिका द्वारा नई पानी और ड्रेनेज की पाइपलाइनें, ओवरहेड टंकी, भूमिगत सम्प, ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं बनाई जाएंगी। इससे 25,000 से अधिक स्थानीय नागरिकों को पेयजल और गंदे पानी की निकासी की समस्या से राहत मिलेगी। विशेषकर, बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी समाधान होगा।
नवसारी में जलापूर्ति और नया ड्रेनेज नेटवर्क केवल ढांचागत सुविधाओं में सुधार नहीं करेगा, बल्कि यह शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। नवसारी मनपा क्षेत्र में शामिल किए गए चार गांवों में सड़क, लाइट, ड्रेनेज और पानी के नए नेटवर्क के साथ-साथ उद्यान और तालाबों का विकास भी किया जा रहा है।
नवसारी महानगरपालिका के आयुक्त देव चौधरी ने बताया कि नए साल में नवसारी महानगर पालिका शहर में बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दे रही है। इसमें ड्रेनेज, सड़कें, स्टॉर्म वाटर और पानी की व्यवस्थाएं शामिल हैं। पहले चरण में इन चार गांवों में कार्य किया जाएगा। यह परियोजना समय पर प्रगति कर रही है, जिससे लोगों को जल्द राहत मिलेगी।
वर्ष 2005 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार ‘शहरी विकास वर्ष’ मनाने की पहल की थी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और 2025 को फिर से ‘शहरी विकास वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है।