खेलों में लड़कियों की बढ़ती रुचि पर सविता पूनिया की खुशी
सारांश
Key Takeaways
- सविता पूनिया ने खेलों में लड़कियों की बढ़ती रुचि को सराहा।
- महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही राष्ट्रीय प्रगति संभव है।
- रियो ओलंपिक ने भारतीय बेटियों को प्रेरित किया।
- टोक्यो ओलंपिक के बाद महिला हॉकी के प्रति दृष्टिकोण बदला।
- गांव की लड़कियाँ अब शिक्षा और खेल में भाग ले रही हैं।
नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय महिला हॉकी टीम की प्रमुख खिलाड़ी सविता पूनिया ने खेलों में लड़कियों की बढ़ती रुचि पर अपनी खुशी व्यक्त की है। दिल्ली में आयोजित चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के कार्यक्रम 'सशक्त महिलाएं, विकसित भारत' में सविता ने भाग लिया।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और संस्थागत क्षेत्रों में महिलाओं की पूर्ण और सक्रिय भागीदारी के बिना सच्ची राष्ट्रीय प्रगति संभव नहीं है। बातचीत के दौरान, सविता ने अपनी राय प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि जब भारतीय महिला हॉकी टीम ने रियो ओलंपिक में पदक जीता, तो यह आशा जगाई कि देश की बेटियां भी खेल के क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि पदक जीतने के बाद महिला हॉकी टीम की सभी मांगों को पूरा किया गया।
सविता ने बताया कि टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर आने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का जिस तरह से स्वागत किया गया, वह अद्भुत था। उन्होंने कहा कि इस ओलंपिक के बाद महिला हॉकी के प्रति लोगों का दृष्टिकोण पूरी तरह से बदल गया।
उन्होंने यह भी कहा कि खेलों में बेटियों के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते और अधिक लड़कियों को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सविता ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके प्रयासों के कारण गाँव की लड़कियाँ अब बाहर जाकर पढ़ाई, खेल और अन्य गतिविधियों में भाग लेने लगी हैं।
सविता का प्रदर्शन टोक्यो ओलंपिक 2020 में उल्लेखनीय था। उन्होंने अपनी गोलकीपिंग से कई महत्वपूर्ण गोल बचाए थे, जिसके कारण उन्हें 'द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया' का उपनाम दिया गया। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है और हाल में उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड देने की घोषणा भी की गई है।
इस कार्यक्रम में सविता के अलावा रक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव दीप्ति मोहिल चावला, पूर्व भारतीय उच्चायुक्त वीनी सिकरी और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य शमिका रवि भी उपस्थित रहीं।