क्या सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे?

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क्या सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे?

सारांश

गुजरात के प्रभास पाटन में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन होने जा रहा है, जो सोमनाथ मंदिर की हजारों साल पुरानी विरासत को याद करने का अवसर है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इसके बारे में जानकारी दी है। इस पर्व में 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद भी होगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे।

Key Takeaways

  • सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन 8 से 11 जनवरी को होगा।
  • प्रधानमंत्री मोदी इस आयोजन में शामिल होंगे।
  • 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद होगा।
  • यह पर्व सोमनाथ मंदिर की विरासत को सम्मानित करने का अवसर है।
  • अधिक संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।

गांधीनगर, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के प्रभास पाटन में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की है। इस पर्व का उद्देश्य सोमनाथ मंदिर की हजारों साल पुरानी विरासत का स्मरण करना और उसकी महानता को सम्मानित करना है।

सोमनाथ मंदिर केवल एक भवन नहीं, बल्कि भारत की अडिग भावना और संस्कृति का प्रतीक है। यह भारत की उस सभ्यता की आत्मा का प्रतीक है, जो हजारों साल पुरानी है, जिस पर बार-बार हमले हुए, लेकिन जिसे कभी भी पूरी तरह से नष्ट नहीं किया जा सका। यही कारण है कि यह मंदिर हमेशा से भारतीयों की श्रद्धा और विश्वास का केंद्र रहा है।

साल 1026 से लेकर अब तक सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमले हुए, लेकिन आज भी यह पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। इस वर्ष सोमनाथ मंदिर के प्रति अटूट आस्था के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया जा रहा है। इसके तहत मंदिर परिसर में 8 से 11 जनवरी तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि इस आयोजन के तहत 8 से 11 जनवरी तक प्रभास पाटन में 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद होगा। इसका अर्थ है कि लगातार तीन दिनों तक सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘ॐ’ की ध्वनि निरंतर गूंजती रहेगी।

हर्ष संघवी ने सभी को इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर का हिस्सा बनने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर इस विशेष आयोजन में शामिल हों और सोमनाथ मंदिर की महिमा को अनुभव करें।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी खुद भी 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उपस्थित होंगे।

'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार से 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद प्रारंभ हो जाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के मंदिर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

Point of View

बल्कि यह भारतीय संस्कृति की अद्वितीयता और ऐतिहासिकता को भी उजागर करता है। सोमनाथ मंदिर का महत्व न केवल धार्मिक है, बल्कि यह भारतीय इतिहास से भी जुड़ा हुआ है। इस प्रकार के आयोजन हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कब मनाया जाएगा?
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी के बीच मनाया जाएगा।
इस पर्व का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पर्व का उद्देश्य सोमनाथ मंदिर की हजारों साल पुरानी विरासत को याद करना और उसकी महत्ता को सलाम करना है।
क्या प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे?
हाँ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उपस्थित रहेंगे।
अखंड ओंकार नाद क्या है?
अखंड ओंकार नाद का अर्थ है निरंतर तीन दिनों तक 'ॐ' की आवाज गूंजती रहना।
इस कार्यक्रम में कितने लोग शामिल होंगे?
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
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