सीजीटीएन सर्वे में 90%25 से अधिक लोगों ने चीन की गरीबी उन्मूलन में भूमिका की सराहना की
सारांश
Key Takeaways
- 93.5%25 उत्तरदाताओं ने चीन की गरीबी उन्मूलन में सफलता की सराहना की।
- चीन ने 832 गरीब जिलों में उद्योगों का विकास किया।
- चीन का दृष्टिकोण जन-केंद्रित विकास है।
- गरीबी उन्मूलन का मुख्य आधार विकास है।
- सशक्त संगठनात्मक संरचना गरीबी उन्मूलन की कुंजी है।
बीजिंग, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। २०२१ में चीन ने गरीबी उन्मूलन की दिशा में 'पूर्ण विजय' की घोषणा की और इस प्रक्रिया के लिए पाँच वर्षों की संक्रमणकालीन अवधि निर्धारित की। इस अवधि के दौरान, देश के ८३२ अत्यंत गरीब जिलों में प्रमुख उद्योगों का विकास हुआ, जिससे गरीबी उन्मूलन की मजबूत नींव रखी गई।
सीजीटीएन द्वारा किए गए एक वैश्विक सर्वेक्षण के अनुसार, ९३.५ प्रतिशत उत्तरदाताओं ने चीन की गरीबी उन्मूलन में सफलता को विश्वभर में गरीबी को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
सर्वेक्षण में शामिल ८९.५ प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन की सफलता ने केवल भौतिक गरीबी को समाप्त नहीं किया, बल्कि विचारधारा, जीवनशैली और स्थानीय शासन में भी सकारात्मक बदलाव लाया है। विकासशील देशों में चीन ने न केवल बड़े पैमाने पर गरीबी में कमी की है, बल्कि आर्थिक परिवर्तन भी किया है, जिससे वैश्विक गरीबी उन्मूलन की प्रक्रिया में तेजी आई है।
सर्वेक्षण में शामिल लोगों ने चीन की poverty alleviation की रणनीतियों को मजबूती से स्वीकार किया है। ९२.९ प्रतिशत का मानना है कि जन-केंद्रित विकास दृष्टिकोण चीन में गरीबी उन्मूलन का मूल तत्व है। वहीं, ८५.८ प्रतिशत का कहना है कि गरीबी उन्मूलन का मुख्य आधार विकास है, और विकास ही सबसे प्रभावी समाधान है।
इसके अलावा, ९०.५ प्रतिशत का मानना है कि चीन की सशक्त संगठनात्मक संरचना और कुशल परिचालन तंत्र ने सभी हितधारकों के प्रयासों को प्रभावी रूप से एकीकृत किया है, जो गरीबी उन्मूलन की दिशा में उसकी सफलता की कुंजी है।
(स्रोत: चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)