ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर में भाग लेने से किया इनकार
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तेहरान, 20 अप्रैल (राष्ट्रीय प्रेस)। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने जानकारी दी है कि देश ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे चरण में भाग लेने से मना कर दिया है। यह वार्ता पाकिस्तान में आयोजित होने की संभावनाएं थीं।
एजेंसी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि वार्ता में ईरान की अनुपस्थिति का मुख्य कारण अमेरिका की “अत्यधिक मांगें, अव्यवहारिक अपेक्षाएँ, बार-बार बदलता रुख, विरोधाभासी बयान और समुद्री नाकाबंदी” हैं। ईरान का मानना है कि यह नाकाबंदी युद्धविराम का उल्लंघन करती है।
आईआरएनए ने आगे कहा कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच की वार्ता से संबंधित खबरें सही नहीं हैं। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने एक रिपोर्ट की जानकारी दी है।
एजेंसी ने अमेरिका की ओर से आई खबरों को “मीडिया का खेल” और “दोषारोपण की रणनीति” बताया, जिसका उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की “अत्यधिक, तर्कहीन और अव्यवहारिक मांगें, बार-बार बदलता रुख, विरोधाभासी बयान और समुद्री नाकाबंदी” के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
आईआरएनए ने यह भी कहा कि वर्तमान स्थिति में बातचीत से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद बहुत कम है।
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए थे। इन हमलों में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और आम नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा नियंत्रण स्थापित किया।
8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच एक युद्धविराम हुआ। इसके बाद 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच लंबी बातचीत हुई, लेकिन यह वार्ता सफल नहीं हो पाई, जिसके बाद अमेरिका ने जलमार्ग पर अपनी नाकाबंदी लागू कर दी। खबरों के अनुसार, दोनों देशों के बीच जल्द ही पाकिस्तान में एक और दौर की शांति वार्ता होने की संभावनाएं थीं।