अमेरिकी मीडिया की नजर में ईरान वार्ता और तनाव की स्थिति
सारांश
Key Takeaways
- वार्ता में 15 घंटे से अधिक का समय लगा।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नियंत्रण विवाद का केंद्र है।
- सुरक्षा इंतजामों के कारण राजधानी 'घोस्ट टाउन' में बदल गई।
- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं।
- कोई ठोस नतीजा अभी तक सामने नहीं आया है।
वाशिंगटन, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हो रही महत्वपूर्ण वार्ता पर अमेरिकी मीडिया की निगाहें गहरी हैं। शनिवार को आयोजित इन बैठकों में लंबी चर्चा, गहन मतभेद और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को प्रमुखता से दर्शाया गया।
न्यू यॉर्क टाइम्स, द वॉल स्ट्रीट जर्नल और द वाशिंगटन पोस्ट ने इन वार्ताओं को 'मैराथन कूटनीतिक प्रयास' की संज्ञा दी है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत देर रात से लेकर रविवार सुबह तक चली।
न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच संवाद रविवार सुबह 5 बजे तक चला। इसे एक ऐतिहासिक मुलाकात माना जा रहा है, जहां दोनों पक्ष कई हफ्तों की टकराव के बाद शांति की दिशा में कदम बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 घंटे से अधिक चली बातचीत इस बात का संकेत है कि दोनों पक्ष अभी भी चर्चा में लगे हुए हैं और कई मुद्दों पर बातचीत बाकी है, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
रिपोर्ट के अनुसार, विवाद का सबसे प्रमुख कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नियंत्रण है, जिसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग माना गया है। यही मुद्दा वाशिंगटन और तेहरान के बीच टकराव का केंद्र बना हुआ है। अखबार ने यह भी उल्लेख किया कि दशकों की दुश्मनी के बावजूद इस स्तर पर आमने-सामने बातचीत होना 'असाधारण' है।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस्लामाबाद की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी राजधानी एक 'घोस्ट टाउन' में बदल चुकी थी। प्रशासन ने कड़े सुरक्षा उपाय लागू करते हुए सड़कों को बंद कर दिया, दुकानों और दफ्तरों को बंद रखा और हजारों पुलिस बल तैनात किए गए। आमतौर पर व्यस्त रहने वाली सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वार्ता स्थल पर सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि पत्रकारों को अंदर जाने से पहले बार-बार जांच से गुजरना पड़ा और उन्हें रास्ते में हथियारबंद पुलिसकर्मियों का सामना करना पड़ा। यह सब इसलिए किया गया ताकि कोई भी 'बाधा डालने वाला तत्व' इन संवेदनशील वार्ताओं को प्रभावित न कर सके।
द वाशिंगटन पोस्ट ने इसे अमेरिका और ईरान के बीच दशकों में सबसे उच्च स्तर की सीधी बातचीत बताया, जिसकी अगुवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत आधी रात के बाद तक चली और अब तकनीकी मुद्दों पर चर्चा जारी है, जो सीमित प्रगति लेकिन निरंतर संवाद का संकेत देती है।
हालांकि, सभी रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट है कि अभी तक किसी नतीजे के बारे में स्पष्टता नहीं है। द न्यू यॉर्क टाइम्स ने बताया कि व्हाइट हाउस ने लंबी बातचीत के बावजूद वार्ता की स्थिति पर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।