सोमनाथ मंदिर पुनर्प्रतिष्ठा के 75 वर्ष: PM मोदी के दौरे पर गुजरात में उत्साह, स्वामी अंबरीशानंद बोले — आस्था को कोई मिटा नहीं सकता

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सोमनाथ मंदिर पुनर्प्रतिष्ठा के 75 वर्ष: PM मोदी के दौरे पर गुजरात में उत्साह, स्वामी अंबरीशानंद बोले — आस्था को कोई मिटा नहीं सकता

सारांश

सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर गुजरात में 'संस्कृति पर्व' का आयोजन हो रहा है। 11 मई को PM मोदी के आगमन से पहले स्वामी अंबरीशानंद ने कहा कि 17 बार लूटे जाने के बाद भी सोमनाथ की आस्था अटूट रही — यह भारत की सनातन संस्कृति की अजेय शक्ति का प्रमाण है।

मुख्य बातें

सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर 8 से 11 मई 2026 तक ' संस्कृति पर्व ' का आयोजन।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को सोमनाथ पहुँचेंगे; साधु-संतों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह।
स्वामी अंबरीशानंद के अनुसार सोमनाथ मंदिर को इतिहास में 17 बार लूटा और तोड़ा गया, लेकिन हर बार भक्तों की आस्था ने उसे पुनः स्थापित किया।
1947 में स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर के जीर्णोद्धार और पुनर्स्थापना का संकल्प लिया था।
वडोदरा के इतिहासकार चंद्रशेखर पाटिल ने कहा कि करीब 1029 साल पहले मोहम्मद गजनवी ने मंदिर को लूटा था, फिर भी आस्था कभी समाप्त नहीं हुई।

सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 8 मई से 11 मई 2026 तक आयोजित 'संस्कृति पर्व' को लेकर गुजरात में व्यापक उत्साह का माहौल है। 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ आगमन की प्रतीक्षा में साधु-संत और श्रद्धालु विशेष उत्साहित हैं।

स्वामी अंबरीशानंद का संदेश

सूरत में भारत सेवाश्रम संघ के संयुक्त सचिव और सूरत शाखा के अध्यक्ष स्वामी अंबरीशानंद ने प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बताया। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

और PM मोदी का मुख्यमंत्री काल से लेकर अब तक इस मंदिर से गहरा संस्थागत संबंध रहा है। ऐसे में यह दौरा केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान की राजनीति का भी हिस्सा है — जिसे समझना ज़रूरी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोमनाथ मंदिर का 'संस्कृति पर्व' क्या है?
'संस्कृति पर्व' सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 8 से 11 मई 2026 तक आयोजित एक विशेष सांस्कृतिक-धार्मिक कार्यक्रम है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को सोमनाथ पहुँचेंगे।
सोमनाथ मंदिर को कितनी बार लूटा गया?
स्वामी अंबरीशानंद के अनुसार सोमनाथ मंदिर को इतिहास में 17 बार लूटा और तोड़ा गया। वडोदरा के इतिहासकार चंद्रशेखर पाटिल ने बताया कि करीब 1029 साल पहले मोहम्मद गजनवी ने मंदिर पर आक्रमण किया था।
सरदार पटेल का सोमनाथ मंदिर से क्या संबंध है?
1947 में देश की स्वतंत्रता के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और पुनर्स्थापना का संकल्प लिया था। उन्हीं के संकल्प के आधार पर मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया और 75 वर्ष पहले मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा हुई।
PM मोदी का सोमनाथ ट्रस्ट से क्या संबंध है?
सोमनाथ ट्रस्ट की परंपरा के अनुसार गुजरात का मुख्यमंत्री ट्रस्ट से जुड़ा रहता है। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे और प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मंदिर से उनका गहरा जुड़ाव बना हुआ है।
स्वामी अंबरीशानंद कौन हैं?
स्वामी अंबरीशानंद भारत सेवाश्रम संघ के संयुक्त सचिव और सूरत शाखा के अध्यक्ष हैं। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्त्व पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
राष्ट्र प्रेस
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