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गंडक बैराज पर नेपाल बाढ़ का असर: 2 लाख क्यूसेक जलश्राव का अनुमान, बिहार अलर्ट पर

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गंडक बैराज पर नेपाल बाढ़ का असर: 2 लाख क्यूसेक जलश्राव का अनुमान, बिहार अलर्ट पर

सारांश

नेपाल की बाढ़ का पानी बुधवार रात गंडक बैराज पहुँचा — लेकिन इस बार आँकड़े 2024 के 5.62 लाख क्यूसेक के मुकाबले महज 2 लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है। बिहार सरकार अलर्ट पर है, पर विभाग का संदेश साफ है: घबराएँ नहीं, सतर्क रहें।

मुख्य बातें

नेपाल की बाढ़ का पानी बुधवार देर रात गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पहुँचा।
रात 8:30 बजे IST तक जलश्राव में 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज; रात 11 बजे तक चरम पर पहुँचने का अनुमान।
अधिकतम जलश्राव करीब 2 लाख क्यूसेक रहने की संभावना — 2024 के 5,62,500 क्यूसेक से काफी कम।
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा — नेपाल से जानकारी मिल रही है, सरकार पूरी तरह तैयार।
जल संसाधन विभाग ने अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।

गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पर बुधवार देर रात नेपाल की बाढ़ का पानी पहुँच गया, जिससे बिहार के जल संसाधन विभाग ने तत्काल अलर्ट जारी किया। विभाग के आँकड़ों के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे IST तक बैराज में जलश्राव में लगभग 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। अनुमान जताया गया है कि रात 11 बजे तक जलश्राव अपने चरम पर पहुँच सकता है, जिसके बाद इसमें क्रमशः कमी आने की संभावना है।

मौजूदा जलश्राव की स्थिति

जल संसाधन विभाग के अनुसार, गंडक नदी में इस बार अधिकतम जलश्राव करीब 2 लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है। विभाग ने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए स्थिति सामान्य रहने की संभावना है। तुलनात्मक रूप से, इस वर्ष 14 जुलाई को गंडक में अधिकतम जलश्राव 2,24,000 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में 28 सितंबर को यह आँकड़ा 5,62,500 क्यूसेक तक पहुँच गया था। इन संदर्भ आँकड़ों की तुलना में इस बार की संभावित स्थिति काफी कम गंभीर बताई जा रही है।

सरकार और विभाग की तैयारी

बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि नेपाल से लगातार जलप्रवाह की जानकारी मिल रही है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है।

निगरानी और अलर्ट व्यवस्था

गंडक बैराज पर अधिकारियों और कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ नियंत्रण कक्षों से भी नदी के जलस्तर और जलश्राव की लगातार जानकारी ली जा रही है। विभाग ने बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्षों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

आम जनता के लिए संदेश

जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है। संबंधित अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन के दौरान नेपाल से आने वाली बाढ़ बिहार के लिए हर वर्ष एक बड़ी चुनौती बनती है। गौरतलब है कि गंडक नदी का जलग्रहण क्षेत्र नेपाल में होने के कारण वहाँ की वर्षा और फ्लैश फ्लड का सीधा असर बिहार पर पड़ता है। विभाग की निगरानी जारी है और जलश्राव में कमी आने के साथ ही स्थिति स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राहत की बात है, लेकिन यह सवाल बना रहता है कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र की निगरानी और द्विपक्षीय चेतावनी तंत्र कितना प्रभावी है। गंडक बैराज पर अलर्ट और तटबंध निगरानी अच्छे संकेत हैं, परंतु जब तक नेपाल के साथ रियल-टाइम डेटा-शेयरिंग की व्यवस्था मजबूत नहीं होती, बिहार हर बार इसी 'प्रतीक्षा और देखो' की स्थिति में रहेगा।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंडक बैराज पर नेपाल की बाढ़ का क्या असर पड़ा?
नेपाल में आई बाढ़ का पानी बुधवार देर रात गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पहुँचा, जिससे जलश्राव में 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। जल संसाधन विभाग के अनुसार अधिकतम जलश्राव करीब 2 लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है और स्थिति सामान्य रहने की संभावना जताई गई है।
2024 की तुलना में इस बार गंडक में जलश्राव कितना है?
वर्ष 2024 में 28 सितंबर को गंडक नदी में जलश्राव 5,62,500 क्यूसेक तक पहुँच गया था। इस बार अधिकतम जलश्राव करीब 2 लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है, जो 2024 के रिकॉर्ड से काफी कम है।
बिहार सरकार ने क्या तैयारी की है?
उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार ने संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। गंडक बैराज पर अधिकारियों और कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है और तटबंधों व नियंत्रण कक्षों से लगातार निगरानी की जा रही है।
क्या गंडक नदी के किनारे रहने वाले लोगों को खतरा है?
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है। हालाँकि, नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है। विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।
गंडक नदी में जलश्राव कब चरम पर पहुँचने का अनुमान था?
जल संसाधन विभाग के अनुमान के अनुसार, बुधवार रात 11 बजे IST तक जलश्राव अपने चरम पर पहुँच सकता था, जिसके बाद इसमें कमी आनी शुरू होने की संभावना जताई गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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