गंडक बैराज पर नेपाल बाढ़ का असर: 2 लाख क्यूसेक जलश्राव का अनुमान, बिहार अलर्ट पर
सारांश
मुख्य बातें
गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पर बुधवार देर रात नेपाल की बाढ़ का पानी पहुँच गया, जिससे बिहार के जल संसाधन विभाग ने तत्काल अलर्ट जारी किया। विभाग के आँकड़ों के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे IST तक बैराज में जलश्राव में लगभग 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई। अनुमान जताया गया है कि रात 11 बजे तक जलश्राव अपने चरम पर पहुँच सकता है, जिसके बाद इसमें क्रमशः कमी आने की संभावना है।
मौजूदा जलश्राव की स्थिति
जल संसाधन विभाग के अनुसार, गंडक नदी में इस बार अधिकतम जलश्राव करीब 2 लाख क्यूसेक रहने का अनुमान है। विभाग ने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए स्थिति सामान्य रहने की संभावना है। तुलनात्मक रूप से, इस वर्ष 14 जुलाई को गंडक में अधिकतम जलश्राव 2,24,000 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में 28 सितंबर को यह आँकड़ा 5,62,500 क्यूसेक तक पहुँच गया था। इन संदर्भ आँकड़ों की तुलना में इस बार की संभावित स्थिति काफी कम गंभीर बताई जा रही है।
सरकार और विभाग की तैयारी
बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि नेपाल से लगातार जलप्रवाह की जानकारी मिल रही है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है।
निगरानी और अलर्ट व्यवस्था
गंडक बैराज पर अधिकारियों और कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ नियंत्रण कक्षों से भी नदी के जलस्तर और जलश्राव की लगातार जानकारी ली जा रही है। विभाग ने बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्षों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
आम जनता के लिए संदेश
जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है। संबंधित अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन के दौरान नेपाल से आने वाली बाढ़ बिहार के लिए हर वर्ष एक बड़ी चुनौती बनती है। गौरतलब है कि गंडक नदी का जलग्रहण क्षेत्र नेपाल में होने के कारण वहाँ की वर्षा और फ्लैश फ्लड का सीधा असर बिहार पर पड़ता है। विभाग की निगरानी जारी है और जलश्राव में कमी आने के साथ ही स्थिति स्पष्ट होगी।