30 जून 2026
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बिहार बाढ़ और सूखे दोनों के लिए तैयार: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का बड़ा बयान

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बिहार बाढ़ और सूखे दोनों के लिए तैयार: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का बड़ा बयान

सारांश

बिहार सरकार ने इस मानसून सीज़न में बाढ़ और सूखे — दोनों मोर्चों पर एक साथ तैयारी की है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के अनुसार, बाढ़ के अतिरिक्त पानी को जलाशयों में संग्रहित कर सूखे में किसानों को सिंचाई देने की नई योजना इस बार का सबसे बड़ा बदलाव है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने 30 जून 2026 को पटना में कहा कि बिहार बाढ़ और अल्पवृष्टि दोनों के लिए तैयार है।
उत्तर बिहार में नेपाल की और दक्षिण बिहार में झारखंड की अत्यधिक वर्षा बाढ़ का मुख्य कारण बनती है।
पिछले वर्ष नालंदा और जहानाबाद सहित दक्षिण बिहार के कई जिले झारखंड की बारिश से प्रभावित हुए थे।
नई योजना के तहत बाढ़ का अतिरिक्त पानी जलाशयों में संग्रहित कर सूखे में किसानों को सिंचाई दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 2025-2030 के जनादेश में 'न्याय के साथ विकास' की नीति जारी रखेंगे।

बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 30 जून 2026 को पटना में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने संभावित बाढ़ और अल्पवृष्टि — दोनों आपात परिस्थितियों से निपटने की व्यापक तैयारी पूरी कर ली है। जदयू कार्यालय में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ का संकट केवल स्थानीय वर्षा तक सीमित नहीं, बल्कि नेपाल और झारखंड में अत्यधिक बारिश होने पर भी राज्य में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

नदियों की निगरानी और तटबंध सुदृढ़ीकरण

चौधरी ने बताया कि उत्तर बिहार में नेपाल में अधिक वर्षा होने पर घाघरा, गंडक, कोसी और महानंदा नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ जाता है। वहीं, दक्षिण बिहार में झारखंड में भारी वर्षा बाढ़ की स्थिति पैदा करती है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष नालंदा और जहानाबाद सहित दक्षिण बिहार के कई जिले झारखंड की बारिश से प्रभावित हुए थे।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। तटबंधों को मज़बूत किया जा रहा है और आपात स्थिति से निपटने के लिए ज़रूरी संसाधन पहले से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जल संसाधन विभाग लगातार निगरानी में जुटा है।

बाढ़ के पानी को सूखे में काम लाने की नई योजना

चौधरी ने एक नई और महत्त्वपूर्ण योजना का ज़िक्र किया, जिसके तहत बाढ़ के अतिरिक्त पानी को नहरों और अन्य माध्यमों से जलाशयों में संग्रहित किया जाएगा। इस संग्रहित जल का उपयोग बाद में अल्पवृष्टि या सूखे की स्थिति में किसानों को सिंचाई उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।

उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य केवल बाढ़ नियंत्रण नहीं, बल्कि हर मौसमी परिस्थिति में किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करना भी है। यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन के कारण अनियमित मानसून बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए लगातार चुनौती बन रहा है।

सरकार के 100 दिन और सुशासन का दावा

राजनीतिक सवालों पर विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार के 100 दिन पूरे होने के साथ जनता के भरोसे को और मज़बूती मिली है। उन्होंने कहा कि 2025 से 2030 तक के जनादेश का मूल आधार सुशासन और विकास की वही नीति है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थापित किया था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उसी विकास मॉडल और 'न्याय के साथ विकास' की नीति को आगे बढ़ा रहे हैं।

आरसीपी सिंह-नीतीश मुलाकात और राबड़ी देवी के आवास पर बयान

आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर चौधरी ने कहा कि उन्हें भी इसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है और मुलाकात में हुई बातचीत सार्वजनिक नहीं है, इसलिए इस पर अटकलें लगाने का कोई औचित्य नहीं।

राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली कराने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करेगी और जो भी उचित होगा, वही किया जाएगा। गौरतलब है कि यह मुद्दा राज्य में राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

आगे क्या होगा

मानसून की प्रगति के साथ बिहार में जल संसाधन विभाग की निगरानी और तेज़ होने की संभावना है। बाढ़ के पानी के संग्रहण की नई योजना किसानों के लिए कितनी कारगर साबित होती है, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार बाढ़ के पानी को जलाशयों में संग्रहित कर सूखे में उपयोग करने की योजना एक सोची-समझी रणनीतिक पहल लगती है — अगर क्रियान्वयन ज़मीन पर उतरे। असली सवाल यह है कि नहरों और जलाशयों की मौजूदा क्षमता इस अतिरिक्त जल को संभालने में कितनी सक्षम है, जिसका जवाब अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ। गौरतलब है कि बिहार में तटबंध मज़बूती के वादे हर मानसून से पहले दोहराए जाते हैं, और हर साल बाढ़ की तबाही भी होती है। इस बार योजना की विश्वसनीयता उसके ब्यौरे और निगरानी तंत्र पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में बाढ़ का सबसे बड़ा कारण क्या है?
बिहार में बाढ़ केवल स्थानीय वर्षा से नहीं, बल्कि नेपाल में अधिक बारिश होने पर घाघरा, गंडक, कोसी और महानंदा नदियों का जलस्तर बढ़ने से भी आती है। दक्षिण बिहार में झारखंड की भारी वर्षा भी बाढ़ की स्थिति पैदा करती है।
बिहार सरकार की बाढ़ के पानी को संग्रहित करने की योजना क्या है?
सरकार ने एक नई योजना शुरू की है जिसके तहत बाढ़ के अतिरिक्त पानी को नहरों और अन्य माध्यमों से जलाशयों में संग्रहित किया जाएगा। इस पानी का उपयोग बाद में अल्पवृष्टि या सूखे की स्थिति में किसानों को सिंचाई उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
पिछले वर्ष बिहार के कौन-से जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे?
पिछले वर्ष नालंदा और जहानाबाद सहित दक्षिण बिहार के कई जिले झारखंड में हुई भारी वर्षा के कारण बाढ़ से प्रभावित हुए थे। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के अनुसार, इस वर्ष अभी तक स्थिति नियंत्रण में है।
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार कौन-सी नीति पर चल रही है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थापित 'न्याय के साथ विकास' के मॉडल को आगे बढ़ा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि 2025 से 2030 तक के जनादेश का आधार सुशासन और विकास की यही नीति है।
आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात पर सरकार का क्या कहना है?
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि उन्हें भी इस मुलाकात की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। मुलाकात में क्या बातचीत हुई, यह सार्वजनिक नहीं है, इसलिए उन्होंने इस पर अटकलें लगाने से परहेज़ किया।
राष्ट्र प्रेस
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