बिहार बाढ़ और सूखा प्रबंधन 2025: विजय कुमार चौधरी ने बताई दोहरी तैयारी की रणनीति
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 30 जून 2025 को पटना में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने इस मानसून सीजन में संभावित बाढ़ और अल्पवृष्टि — दोनों आपात स्थितियों से एक साथ निपटने की व्यापक रणनीति तैयार की है। जदयू कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ की समस्या केवल स्थानीय वर्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नेपाल और झारखंड में भारी बारिश होने पर भी राज्य में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
मुख्य घटनाक्रम: किन नदियों पर है सबसे ज़्यादा नज़र
चौधरी ने बताया कि उत्तर बिहार में नेपाल की ओर से आने वाली घाघरा, गंडक, कोसी और महानंदा नदियों का जलस्तर नेपाल में अत्यधिक वर्षा होने पर तेज़ी से बढ़ता है। वहीं दक्षिण बिहार में झारखंड की भारी बारिश बाढ़ की वजह बनती है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष नालंदा और जहानाबाद सहित दक्षिण बिहार के कई जिले इसी कारण से प्रभावित हुए थे।
उन्होंने आश्वस्त किया कि इस वर्ष अभी तक स्थिति नियंत्रण में है। तटबंधों को सुदृढ़ किया जा रहा है और आपात प्रबंधन के लिए आवश्यक संसाधन पहले से तैनात किए जा रहे हैं।
नई जल संग्रहण योजना: बाढ़ के पानी से होगी सूखे में सिंचाई
चौधरी ने एक नई सरकारी योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत बाढ़ के अतिरिक्त पानी को नहरों और अन्य माध्यमों से जलाशयों में संग्रहित किया जाएगा। यह संग्रहित जल अल्पवृष्टि या सूखे की स्थिति में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के काम आएगा। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य सिर्फ बाढ़ नियंत्रण नहीं, बल्कि हर मौसमी परिस्थिति में किसानों को पर्याप्त जल उपलब्ध कराना है।
सरकार की प्रतिक्रिया: 100 दिन और सुशासन का दावा
राजनीतिक सवालों पर चौधरी ने कहा कि सरकार के 100 दिन पूरे होने के साथ जनता का भरोसा और मज़बूत हुआ है। उन्होंने कहा कि 2025 से 2030 तक के जनादेश का आधार वही सुशासन और विकास की नीति है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थापित किया था। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 'न्याय के साथ विकास' के उसी मॉडल को आगे बढ़ा रहे हैं।
आरसीपी सिंह-नीतीश मुलाकात और राबड़ी देवी आवास विवाद
आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात पर पूछे गए सवाल पर चौधरी ने कहा कि उन्हें भी इसकी जानकारी मीडिया के ज़रिये ही मिली है और बातचीत का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं होने के कारण अटकलें लगाना उचित नहीं। राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली कराने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।
आगे क्या
जल संसाधन विभाग की निगरानी टीमें नेपाल और झारखंड की नदियों के जलस्तर पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। बाढ़ के पानी के संग्रहण की नई योजना यदि प्रभावी रही, तो यह बिहार के किसानों के लिए मानसून के बाद की सिंचाई में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है।