कोसी नदी का जलस्तर 97,935 क्यूसेक पार, बिहार के 20 जिलों में हाई अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में 22 जून को जारी मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर खतरनाक गति से बढ़ रहा है, जिसके मद्देनज़र बिहार प्रशासन ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। कोसी बराज कंट्रोल रूम के आँकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 10 बजे नदी का डिस्चार्ज 97,935 क्यूसेक दर्ज किया गया और जलस्तर में वृद्धि अनवरत जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
एहतियात के तौर पर कोसी बराज के 11 गेट खोल दिए गए हैं। नेपाल के बराह क्षेत्र — जो कोसी बेसिन का प्रमुख जलग्रहण क्षेत्र है — में सुबह 10 बजे तक डिस्चार्ज 1,23,000 क्यूसेक तक पहुँच गया। अधिकारियों के अनुसार यह आँकड़ा अभी भी ऊपर जा रहा है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि ऊपरी इलाकों में बारिश इसी तरह जारी रही, तो दिन में बहाव 1,50,000 क्यूसेक से अधिक हो सकता है — एक स्तर जो कोसी तटबंधों के भीतर बसे क्षेत्रों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।
प्रशासन की तैयारी
बीरपुर जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बताया कि जलस्तर में यह वृद्धि नेपाल में हो रही बारिश का सीधा परिणाम है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों और फील्ड कर्मियों को पहले ही तटबंधों पर तैनात कर दिया गया है।
विभाग ने जूनियर इंजीनियरों, सहायक इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों को तटबंधों तथा संवेदनशील इलाकों की चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार के 20 जिलों — पटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और बांका — में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 50–60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
किसानों, मछुआरों और नदी किनारे व निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
आम जनता पर असर
कोसी तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों में पिछले बाढ़ के कटु अनुभवों को लेकर गहरी चिंता है। गौरतलब है कि बिहार में हर वर्ष कोसी नदी से सटे जिलों में भीषण बाढ़ आती है, जिससे हज़ारों परिवार विस्थापित होते हैं और फसल, घर तथा बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
क्या होगा आगे
कोसी नदी की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नज़र बनी हुई है। आगे की कार्रवाई नेपाल में बारिश की तीव्रता और नदी के जलस्तर पर निर्भर करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून अभी अपने शुरुआती दौर में है और आने वाले हफ्तों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।