10 अगस्त 2026
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कोसी नदी का जलस्तर 97,935 क्यूसेक पार, बिहार के 20 जिलों में हाई अलर्ट

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कोसी नदी का जलस्तर 97,935 क्यूसेक पार, बिहार के 20 जिलों में हाई अलर्ट

सारांश

नेपाल की बारिश से कोसी नदी का डिस्चार्ज 97,935 क्यूसेक पार कर गया है और बराह क्षेत्र में 1,23,000 क्यूसेक तक पहुँच गया। बिहार के 20 जिलों में हाई अलर्ट, कोसी बराज के 11 गेट खुले — और विशेषज्ञों की चेतावनी है कि बहाव 1,50,000 क्यूसेक तक जा सकता है।

मुख्य बातें

कोसी नदी का डिस्चार्ज 22 जून को सुबह 10 बजे तक 97,935 क्यूसेक दर्ज किया गया।
नेपाल के बराह क्षेत्र में डिस्चार्ज 1,23,000 क्यूसेक तक पहुँचा; विशेषज्ञों के अनुसार यह 1,50,000 क्यूसेक से अधिक हो सकता है।
कोसी बराज के 11 गेट एहतियातन खोले गए; इंजीनियर और फील्ड कर्मी तटबंधों पर तैनात।
मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने पुष्टि की कि जलस्तर वृद्धि नेपाल की बारिश का परिणाम है।
मौसम विभाग ने बिहार के 20 जिलों में भारी बारिश, बिजली और 50–60 किमी/घंटे की हवाओं का अलर्ट जारी किया।

नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में 22 जून को जारी मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर खतरनाक गति से बढ़ रहा है, जिसके मद्देनज़र बिहार प्रशासन ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। कोसी बराज कंट्रोल रूम के आँकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 10 बजे नदी का डिस्चार्ज 97,935 क्यूसेक दर्ज किया गया और जलस्तर में वृद्धि अनवरत जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

एहतियात के तौर पर कोसी बराज के 11 गेट खोल दिए गए हैं। नेपाल के बराह क्षेत्र — जो कोसी बेसिन का प्रमुख जलग्रहण क्षेत्र है — में सुबह 10 बजे तक डिस्चार्ज 1,23,000 क्यूसेक तक पहुँच गया। अधिकारियों के अनुसार यह आँकड़ा अभी भी ऊपर जा रहा है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि ऊपरी इलाकों में बारिश इसी तरह जारी रही, तो दिन में बहाव 1,50,000 क्यूसेक से अधिक हो सकता है — एक स्तर जो कोसी तटबंधों के भीतर बसे क्षेत्रों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।

प्रशासन की तैयारी

बीरपुर जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बताया कि जलस्तर में यह वृद्धि नेपाल में हो रही बारिश का सीधा परिणाम है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों और फील्ड कर्मियों को पहले ही तटबंधों पर तैनात कर दिया गया है।

विभाग ने जूनियर इंजीनियरों, सहायक इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों को तटबंधों तथा संवेदनशील इलाकों की चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बिहार के 20 जिलोंपटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और बांका — में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 50–60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

किसानों, मछुआरों और नदी किनारे व निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

आम जनता पर असर

कोसी तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों में पिछले बाढ़ के कटु अनुभवों को लेकर गहरी चिंता है। गौरतलब है कि बिहार में हर वर्ष कोसी नदी से सटे जिलों में भीषण बाढ़ आती है, जिससे हज़ारों परिवार विस्थापित होते हैं और फसल, घर तथा बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

क्या होगा आगे

कोसी नदी की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नज़र बनी हुई है। आगे की कार्रवाई नेपाल में बारिश की तीव्रता और नदी के जलस्तर पर निर्भर करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून अभी अपने शुरुआती दौर में है और आने वाले हफ्तों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत में बाढ़, और तटबंधों पर टिकी उम्मीदें। 97,935 क्यूसेक का यह आँकड़ा अभी शुरुआत है; असली परीक्षा तब होगी जब बहाव 1,50,000 क्यूसेक पार करेगा। सवाल यह है कि दशकों से चली आ रही तटबंध-केंद्रित रणनीति कब तक पर्याप्त रहेगी, और नेपाल के साथ जल-प्रबंधन में दीर्घकालिक समन्वय की कमी कब तक बिहार के लाखों परिवारों को हर साल विस्थापन की कीमत चुकाने पर मजबूर करती रहेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोसी नदी का जलस्तर अभी कितना है?
22 जून को सुबह 10 बजे कोसी बराज पर नदी का डिस्चार्ज 97,935 क्यूसेक दर्ज किया गया। नेपाल के बराह क्षेत्र में यही आँकड़ा 1,23,000 क्यूसेक तक पहुँच चुका था और अधिकारियों के अनुसार जलस्तर अभी भी बढ़ रहा है।
बिहार में बाढ़ का खतरा कितना गंभीर है?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि नेपाल में बारिश जारी रही तो बहाव 1,50,000 क्यूसेक से अधिक हो सकता है, जिससे कोसी तटबंधों के भीतर बसे क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। मौसम विभाग ने 20 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
कोसी बराज के गेट क्यों खोले गए?
नेपाल में भारी बारिश के कारण नदी में पानी की मात्रा तेज़ी से बढ़ने पर दबाव नियंत्रित करने के लिए कोसी बराज के 11 गेट खोले गए हैं। यह एक मानक एहतियाती कदम है जो अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से निकालने के लिए उठाया जाता है।
बिहार के किन जिलों में अलर्ट जारी है?
मौसम विभाग ने पटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और बांका — कुल 20 जिलों में भारी बारिश, बिजली गिरने और 50–60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के लिए क्या कदम उठाए हैं?
बीरपुर जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश के अनुसार इंजीनियरों और फील्ड कर्मियों को पहले ही तटबंधों पर तैनात कर दिया गया है। जूनियर इंजीनियरों और सहायक इंजीनियरों को संवेदनशील इलाकों की चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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