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नेपाल बाढ़ से बिहार अलर्ट: 7 की मौत, गंडक उफान पर; NDRF तैनात, 8 जिलों को हाई अलर्ट

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नेपाल बाढ़ से बिहार अलर्ट: 7 की मौत, गंडक उफान पर; NDRF तैनात, 8 जिलों को हाई अलर्ट

सारांश

नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने 7 जानें लीं और गंडक नदी के रास्ते बिहार में खतरा बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च-स्तरीय समिति बनाई, 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी हुआ और NDRF टीमें तैनात की गईं।

मुख्य बातें

नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से कम से कम 7 लोगों की मौत , कई लापता।
बिहार के 8 जिलों — पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर — में हाई अलर्ट जारी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च-स्तरीय समिति गठित की; मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।
NDRF और SDRF टीमें तैनात; गोपालगंज, बेतिया और मुजफ्फरपुर में टीमें स्टैंडबाय पर।
GLOF की आशंका और गंडक नदी में जलस्तर वृद्धि के मद्देनज़र गंडक बैराज के गेट नियंत्रित करने के निर्देश।

नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने कम से कम 7 लोगों की जान ले ली और कई अन्य लापता हो गए। इस तबाही की लहर भारत की सीमा तक पहुँचने की आशंका के मद्देनज़र बिहार सरकार ने तत्काल हाई अलर्ट जारी कर दिया है और राज्य के कई जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियाँ तेज़ कर दी गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की आशंका के चलते गंडक नदी में जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित जिलों के ज़िला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

पश्चिम चंपारण के ज़िला मजिस्ट्रेट तरनजोत सिंह ने अधिकारियों और कार्यकारी इंजीनियरों को निर्देश दिए कि नेपाल सीमा से लगे गाँवों और गंडक नदी के किनारे बसे इलाकों में सभी आवश्यक एहतियाती उपाय तुरंत सुनिश्चित किए जाएँ।

सरकार की प्रतिक्रिया

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति पर नज़र रखने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'एक उच्च-स्तरीय टीम बनाई गई है। मुख्य सचिव और डीजीपी इस पर नज़र रख रहे हैं और मैं भी एक बैठक कर रहा हूँ। ज़रूरत पड़ने पर मैं खुद वहाँ जाऊँगा।'

जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के गेट और नहरों के ज़रिये जल-प्रवाह को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की है कि वे घबराएँ नहीं, सतर्क रहें और आधिकारिक निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

प्रभावित जिले और तैनाती

पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर — कुल 8 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी को राहत एवं बचाव की तैयारियाँ पूरी रखने का निर्देश दिया गया है।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें तैनात की जा रही हैं। गोपालगंज और बेतिया में एक-एक NDRF टीम, तथा मुजफ्फरपुर में एक टीम स्टैंडबाय पर रखी गई है। ज़िला अधिकारियों को नावें, सामुदायिक रसोई और आश्रय स्थल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मानसून पहले से सक्रिय है और कई नदियाँ उफान पर हैं। नेपाल से आने वाली नदियाँ — विशेषकर गंडक — उत्तर बिहार के लिए परंपरागत रूप से बाढ़ का सबसे बड़ा स्रोत रही हैं। गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून के दौरान इन नदियों में जलस्तर बढ़ने से लाखों ग्रामीण प्रभावित होते हैं। इस बार GLOF की आशंका ने खतरे को और गंभीर बना दिया है।

क्या होगा आगे

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नेपाल में जलस्तर की निगरानी लगातार जारी है और किसी भी स्थिति में तत्काल निकासी के लिए योजनाएँ तैयार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे निर्णायक रहेंगे। लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी किनारे न जाएँ और प्रशासन के संपर्क में रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर बार बिहार प्रशासन की तैयारी की असली परीक्षा तब होती है जब पानी सीमा पार करता है — न कि जब बैठकें होती हैं। गंडक नदी उत्तर बिहार के लिए दशकों से संकट का पर्याय रही है, फिर भी स्थायी बाढ़ नियंत्रण ढाँचे की कमी बनी हुई है। NDRF तैनाती और उच्च-स्तरीय समितियाँ तात्कालिक राहत देती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि नदी किनारे बसे लाखों ग्रामीणों के लिए दीर्घकालिक पुनर्वास और पूर्व-चेतावनी प्रणाली कब मज़बूत होगी।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल की बाढ़ से बिहार को क्यों खतरा है?
नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ और GLOF की आशंका के कारण गंडक नदी में जलस्तर बढ़ रहा है, जो उत्तर बिहार से होकर गुज़रती है। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा या ग्लेशियर झीलों के टूटने से भारतीय सीमा तक बाढ़ का पानी तेज़ी से पहुँच सकता है।
बिहार के किन जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है?
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर — कुल 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों को राहत एवं बचाव की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
NDRF और SDRF की तैनाती कहाँ की गई है?
गोपालगंज और बेतिया में एक-एक NDRF टीम तथा मुजफ्फरपुर में एक टीम स्टैंडबाय पर रखी गई है। SDRF टीमें भी संबंधित जिलों में तैनात की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की निगरानी के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई है, जिसमें मुख्य सचिव और DGP शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ज़रूरत पड़ने पर वे स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
GLOF क्या है और यह बिहार के लिए कितना खतरनाक है?
GLOF यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड — हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने से बनी झीलों के अचानक टूटने की घटना है। नेपाल में ऐसी घटनाएँ गंडक जैसी नदियों के ज़रिये बिहार में विनाशकारी बाढ़ ला सकती हैं, जिससे लाखों ग्रामीण प्रभावित होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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