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बिहार बाढ़: सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, सोन बैराज से 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

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बिहार बाढ़: सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, सोन बैराज से 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

सारांश

बिहार में बाढ़ का संकट गहराया — सीएम सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण कर राहत कार्यों की समीक्षा की। सोन बैराज से 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो तीन घंटे में 43,741 क्यूसेक बढ़ा। कोसी और गंडक बैराज पर स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर, पर निगरानी जारी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 4 सितंबर को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की।
सोन बैराज (इंद्रपुरी) से दोपहर 2 बजे तक 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था — तीन घंटे में 43,741 क्यूसेक की वृद्धि।
कोसी बैराज (बीरपुर) पर बहाव 1,91,175 क्यूसेक पर स्थिर; गंडक बैराज (वाल्मीकिनगर) पर 1,42,800 क्यूसेक का स्थिर प्रवाह।
सोन बैराज की डिज़ाइन डिस्चार्ज क्षमता 14.58 लाख क्यूसेक और गंडक बैराज की 8.50 लाख क्यूसेक है।
जोखिम वाले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई।

बिहार में बाढ़ की स्थिति 4 सितंबर को और गंभीर हो गई, जब सोन, कोसी और गंडक बैराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुँचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण और निर्देश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने हवाई दौरे के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन किया और प्रशासन के राहत-बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित नागरिकों की मुश्किलें कम करने, जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राहत सामग्री की त्वरित आपूर्ति के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

सोन बैराज: सबसे अधिक चिंता का केंद्र

जल संसाधन विभाग के शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार, इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज से सर्वाधिक 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच मात्र तीन घंटों में बहाव में 43,741 क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विभाग ने सोन बैराज की डिज़ाइन डिस्चार्ज क्षमता 14.58 लाख क्यूसेक बताई है। बहाव में यह लगातार वृद्धि प्रशासन के लिए मुख्य चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि इससे सोन नदी के किनारे के गाँवों और निचले इलाकों पर सीधा असर पड़ सकता है।

कोसी और गंडक बैराज: स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर

बीरपुर स्थित कोसी बैराज पर बहाव तुलनात्मक रूप से नियंत्रित रहा। शुक्रवार सुबह 11 बजे यह 2,02,310 क्यूसेक था, जो दोपहर तक घटकर 1,91,175 क्यूसेक पर आ गया। विभाग ने कोसी बैराज की स्थिति को स्थिर बताया, हालाँकि कोसी नदी की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारी तटबंधों पर सतत निगरानी बनाए हुए हैं।

वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक 1,42,800 क्यूसेक का स्थिर बहाव दर्ज किया गया। गंडक बैराज की डिज़ाइन डिस्चार्ज क्षमता 8.50 लाख क्यूसेक है। गंडक नदी के तटीय इलाकों में पहले से जलभराव की स्थिति बनी होने के कारण अधिकारी निचले क्षेत्रों पर विशेष नज़र रखे हुए हैं।

आम जनता पर असर और प्रशासन की तैयारी

बिहार के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में बाढ़ और जलभराव की समस्या गहरा गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बैराज डिस्चार्ज के आँकड़े लगातार बदल सकते हैं और इनका आकलन पिछले दो घंटों के डेटा के आधार पर किया जाता है। प्रशासन ने जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार प्रतिवर्ष मानसून सीजन में बड़े पैमाने पर बाढ़ की मार झेलता है — खासकर कोसी, गंडक और सोन जैसी नदियाँ ऐतिहासिक रूप से तबाही का कारण बनती रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, नदियों के जलस्तर और बैराज डिस्चार्ज की चौबीसों घंटे निगरानी जारी है। डिस्चार्ज में किसी भी अचानक बदलाव की स्थिति में तटीय आबादी को तत्काल सूचित किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

गंडक और सोन की विनाशलीला झेलता आया है, फिर भी हर साल हवाई सर्वेक्षण और निर्देशों की वही रस्म दोहराई जाती है। असली सवाल यह है कि बैराज डिस्चार्ज की रियल-टाइम जानकारी तटीय गाँवों तक कितनी तेज़ी से पहुँचती है और पूर्व-चेतावनी प्रणाली कितनी कारगर है। सोन बैराज पर तीन घंटे में 43,741 क्यूसेक की वृद्धि यह दर्शाती है कि स्थिति तेज़ी से बदल सकती है — ऐसे में प्रशासनिक प्रतिक्रिया की गति ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति क्या है?
4 सितंबर को बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सोन, कोसी और गंडक बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है और कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और जोखिम वाले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
सोन बैराज से कितना पानी छोड़ा जा रहा है?
जल संसाधन विभाग के अनुसार, शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक इंद्रपुरी स्थित सोन बैराज से 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच बहाव में 43,741 क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ को लेकर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुँचाई जाए और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कोसी और गंडक बैराज पर स्थिति कैसी है?
बीरपुर स्थित कोसी बैराज पर बहाव दोपहर 1-2 बजे 1,91,175 क्यूसेक पर स्थिर रहा और वाल्मीकिनगर के गंडक बैराज पर 1,42,800 क्यूसेक का स्थिर प्रवाह दर्ज किया गया। विभाग ने दोनों बैराजों की स्थिति को अपेक्षाकृत स्थिर बताया है, हालाँकि निगरानी जारी है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को क्या करना चाहिए?
प्रशासन ने जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों व सलाहों का पालन करने की अपील की है। बैराज डिस्चार्ज के आँकड़े लगातार बदल सकते हैं, इसलिए नदी तटीय क्षेत्रों के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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