25 अगस्त 2026
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बिहार बाढ़: सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, गंगा खतरे के निशान से 97 सेमी ऊपर

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बिहार बाढ़: सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, गंगा खतरे के निशान से 97 सेमी ऊपर

सारांश

गंगा, कोसी, गंडक और घाघरा खतरे के निशान से ऊपर बहने के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त को छह जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। फरक्का बराज के सभी गेट खुलने से जलस्तर में जल्द सुधार की उम्मीद है, लेकिन दियारा और निचले इलाकों में अभी भी राहत का इंतज़ार है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त को पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय और खगड़िया का हवाई सर्वेक्षण किया।
पटना के गांधीघाट पर गंगा खतरे के निशान से 97 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज — केंद्रीय जल आयोग के अनुसार।
मुख्यमंत्री की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद फरक्का बराज के सभी गेट खोले गए; जलस्तर में सुधार की उम्मीद।
अधिकारियों को भोजन, पेयजल और राहत सामग्री समय पर पहुँचाने तथा जल संसाधन विभाग को पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश।
कोसी (बलतारा, खगड़िया) खतरे के निशान से 81 सेमी , गंडक (डुमरियाघाट) 69 सेमी और घाघरा (दरौली, सिवान) 41 सेमी ऊपर।
भागलपुर एयरपोर्ट पर समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पानी का दबाव तेजी से कम हो रहा है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार, 24 अगस्त को बाढ़ की गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। गंगा सहित राज्य की कई प्रमुख नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय और खगड़िया के दियारा व निचले इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों के अनुसार, पटना के गांधीघाट पर सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 97 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया।

हवाई सर्वेक्षण और समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर, दियारा क्षेत्रों की स्थिति तथा चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों का निरीक्षण किया। सर्वेक्षण के बाद भागलपुर एयरपोर्ट पर उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें नदियों के जलस्तर, तटबंधों की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

हवाई सर्वेक्षण में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक अभियान कुंदन कृष्णन, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नदियों का जलस्तर — ज़िलेवार स्थिति

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, 24 अगस्त की सुबह राज्य की प्रमुख नदियाँ निम्न स्तर पर बह रही थीं:

पटना के दीघाघाट पर गंगा खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर और हाथीदह में 75 सेंटीमीटर ऊपर थी। भागलपुर के कहलगांव में गंगा 46 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज हुई। गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक नदी 69 सेंटीमीटर, खगड़िया के बलतारा में कोसी 81 सेंटीमीटर, खगड़िया में बूढ़ी गंडक 29 सेंटीमीटर, कटिहार के कुरसेला में कोसी 34 सेंटीमीटर, सिवान के दरौली में घाघरा 41 सेंटीमीटर और मनेर में सोन नदी 36 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।

फरक्का बराज के गेट खुले, सुधार की उम्मीद

अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से वार्ता किए जाने के बाद फरक्का बराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। इससे गंगा के जलस्तर में शीघ्र कमी आने और बाढ़ की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई गई है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पानी का दबाव तेजी से घट रहा है।

सरकार के निर्देश और राहत कार्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएँ समय पर पहुँचाई जाएँ। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की सभी तैयारियाँ पूरी रखी जाएँ और जल संसाधन विभाग तटबंधों की निरंतर निगरानी करे। संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराने के भी निर्देश दिए गए।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मानसूनी बाढ़ हर वर्ष लाखों लोगों को प्रभावित करती है और राज्य के उत्तरी व पूर्वी जिले सबसे अधिक संवेदनशील रहते हैं। गौरतलब है कि फरक्का बराज के गेट खोलने के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय इस वर्ष की बाढ़ प्रबंधन रणनीति का एक अहम पहलू रहा। राज्य सरकार की प्राथमिकता अब राहत वितरण और जलस्तर की निरंतर निगरानी पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

समीक्षा बैठकों और निर्देशों के उसी चक्र को दोहराती है — फिर भी दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों की स्थायी भेद्यता बनी रहती है। फरक्का बराज के गेट खोलने के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह तथ्य कि यह वार्ता हर बाढ़ के मौसम में नए सिरे से करनी पड़ती है, एक स्थायी तंत्र की अनुपस्थिति को उजागर करता है। असली सवाल यह है कि राहत वितरण और निकासी की तैयारी कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर कितनी पहुँची — और इसका जवाब अगले 48 घंटे देंगे।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति कितनी गंभीर है?
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 24 अगस्त की सुबह पटना के गांधीघाट पर गंगा खतरे के निशान से 97 सेंटीमीटर ऊपर थी। कोसी, गंडक, घाघरा और सोन सहित कई नदियाँ भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे दियारा और निचले इलाकों में जनजीवन प्रभावित है।
सीएम सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण में किन जिलों का निरीक्षण किया?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अगस्त को पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय और खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद भागलपुर एयरपोर्ट पर उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की गई।
फरक्का बराज के गेट खुलने से बिहार की बाढ़ पर क्या असर होगा?
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद फरक्का बराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। इससे गंगा नदी के जलस्तर में कमी आने और बाढ़ की स्थिति में जल्द सुधार होने की उम्मीद जताई गई है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सरकार ने क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल और राहत सामग्री समय पर पहुँचाई जाए। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की तैयारी पूरी रखी जाए और जल संसाधन विभाग तटबंधों की निरंतर निगरानी करे।
बिहार में बाढ़ की स्थिति में सुधार कब तक होने की संभावना है?
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पानी का दबाव तेजी से कम हो रहा है और बहुत जल्द स्थिति में सुधार होने की संभावना है। फरक्का बराज के गेट खुलने से भी राहत मिलने की उम्मीद है, हालाँकि सटीक समयसीमा अधिकारियों ने नहीं बताई।
राष्ट्र प्रेस
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