24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भागलपुर में गंगा का कहर: नौगछिया तटबंध 50 मीटर टूटा, ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का आवास जलमग्न

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भागलपुर में गंगा का कहर: नौगछिया तटबंध 50 मीटर टूटा, ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का आवास जलमग्न

सारांश

बिहार के भागलपुर में गंगा का जलस्तर इस कदर उफना कि नौगछिया का 50 मीटर तटबंध रात 2:30 बजे ढह गया — और बाढ़ का पानी खुद ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास तक जा पहुँचा। राहत कार्य जारी है, पर बढ़ता जलस्तर मरम्मत में बाधा बन रहा है।

मुख्य बातें

भागलपुर के नौगछिया में कजिकोरैया-राघोपुर सीमांत तटबंध 24 अगस्त की रात 2:30 बजे लगभग 50 मीटर की चौड़ाई में ध्वस्त हो गया।
बाढ़ के पानी ने राघोपुर इलाके को जलमग्न किया — जो बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल की बस्ती है।
भागलपुर डीएम और आपदा प्रबंधन अधिकारी मौके पर पहुँचे; फ्लड फाइटिंग अभियान जारी।
मंत्री रामकृपाल यादव ने पटना से चिंता जताई और सरकारी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
नौगछिया के कई गाँवों में बाढ़ का खतरा बढ़ा; गंगा का जलस्तर लगातार ऊपर चढ़ रहा है।

बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के उफनते जलस्तर ने 24 अगस्त की देर रात भारी तबाही मचाई, जब नौगछिया इलाके में कजिकोरैया-राघोपुर सीमांत तटबंध रात करीब 2 बजकर 30 मिनट पर ढह गया। तटबंध लगभग 50 मीटर की चौड़ाई में टूटा और बाढ़ का पानी तेज़ी से रिहायशी इलाकों में घुस गया। इस घटना ने बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के आवास को भी नहीं बख्शा — उनकी बस्ती राघोपुर पूरी तरह जलमग्न हो गई।

मुख्य घटनाक्रम

तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही भागलपुर के जिलाधिकारी (डीएम) समेत आपदा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँच गए। प्रशासन ने आनन-फानन में आपातकालीन सुरक्षा उपाय लागू किए और फ्लड फाइटिंग अभियान शुरू किया। हालाँकि, गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते रहने के कारण मरम्मत कार्य में गंभीर बाधा आ रही है।

मौके पर मौजूद एक स्थानीय निवासी ने बताया, 'हम दुर्गा स्थान के पास खेत में खाट पर सो रहे थे, तभी तटबंध की तरफ से लोगों के चिल्लाने की आवाज़ सुनाई दी। हम तुरंत तटबंध देखने गए और पाया कि वह सच में टूट गया है।'

प्रभावित इलाके और खतरे का दायरा

राघोपुर इलाका इस आपदा का सबसे बड़ा शिकार बना है। यह क्षेत्र ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल की बस्ती है और तटबंध टूटते ही यहाँ बाढ़ का पानी घुस गया। नौगछिया के कई गाँवों में बाढ़ का खतरा तेज़ी से बढ़ गया है। गौरतलब है कि यह इलाका हर वर्ष मानसून में गंगा के बढ़ते जलस्तर की चपेट में आता है, लेकिन इस बार तटबंध के ढहने से स्थिति अधिक गंभीर हो गई है।

सरकार की प्रतिक्रिया

पटना में बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'हर साल बाढ़ का कहर बिहार पर टूटता है। भागलपुर बांध का टूटना चिंता का विषय है। पानी का दबाव इतना ज़्यादा था कि बांध टूट गया। मुझे विश्वास है कि सरकार ज़रूरी कदम उठाएगी और बांध को फिर से बनाने के लिए जो भी संभव होगा, सरकार करेगी।'

आम जनता पर असर

तटबंध टूटने से नौगछिया के दर्जनों गाँवों के हज़ारों निवासियों की नींद उड़ गई है। रात के अंधेरे में लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। प्रशासन की राहत टीमें स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और प्रभावित लोगों की मदद में जुटी हैं।

क्या होगा आगे

फिलहाल फ्लड फाइटिंग का काम जारी है, लेकिन गंगा नदी का जलस्तर स्थिर न होने तक तटबंध की स्थायी मरम्मत संभव नहीं है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, आने वाले घंटों में जलस्तर की दिशा तय करेगी कि राहत कार्य कितनी तेज़ी से आगे बढ़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे बिहार में मानसूनी बाढ़ का दबाव चरम पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। राज्य सरकार का 'जल्द मरम्मत' का भरोसा तब तक अधूरा है जब तक तटबंधों की गुणवत्ता जाँच और ठेकेदारों की जवाबदेही तय नहीं होती।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भागलपुर में कौन-सा तटबंध टूटा और कब?
नौगछिया इलाके में कजिकोरैया-राघोपुर सीमांत तटबंध 24 अगस्त की रात करीब 2 बजकर 30 मिनट पर टूटा। यह तटबंध लगभग 50 मीटर की चौड़ाई में ध्वस्त हुआ।
ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का आवास कैसे जलमग्न हुआ?
तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेज़ी से राघोपुर इलाके में घुस गया, जो बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल की बस्ती है। पानी के तेज़ बहाव ने मंत्री के आवास सहित पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया।
भागलपुर बाढ़ से कौन-से इलाके सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं?
राघोपुर और नौगछिया के कई गाँव सबसे अधिक प्रभावित हैं। तटबंध टूटने के बाद इन इलाकों में बाढ़ का खतरा तेज़ी से बढ़ गया है।
प्रशासन ने इस आपदा पर क्या कदम उठाए हैं?
घटना की सूचना मिलते ही भागलपुर के डीएम और आपदा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। आपातकालीन सुरक्षा उपाय लागू किए गए और फ्लड फाइटिंग का काम शुरू किया गया, हालाँकि गंगा का बढ़ता जलस्तर मरम्मत में बाधा बन रहा है।
बिहार सरकार ने भागलपुर बाढ़ पर क्या कहा?
पटना में मंत्री रामकृपाल यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि पानी के अत्यधिक दबाव के कारण बांध टूटा और सरकार इसे फिर से बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले