यूपी 2027: ओवैसी की AIMIM का मुस्लिम बहुल सीटों पर फोकस, गठबंधन न बना तो 200-250 सीटों पर अकेले उतरने की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी की प्राथमिकता किसी विपक्षी दल के साथ सम्मानजनक गठबंधन की है, लेकिन यदि सितंबर 2026 तक सीट-बंटवारे पर सहमति नहीं बनी, तो AIMIM प्रदेश की 200 से 250 विधानसभा सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी में है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी स्वयं पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर तराई क्षेत्र के बहराइच तक दौरा कर पार्टी की संभावनाओं का आकलन कर चुके हैं।
किन सीटों पर है AIMIM की नज़र
पार्टी ने फिलहाल प्रयागराज, बहराइच, सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर और अमरोहा की कई विधानसभा सीटों पर अपनी सक्रियता बढ़ाई है। इन क्षेत्रों में संगठन को बूथ स्तर तक मज़बूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पार्टी की रणनीति उन विधानसभा क्षेत्रों पर केंद्रित है जहाँ मुस्लिम मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में हैं — पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर अवध और पूर्वांचल के हिस्सों तक।
2023 निकाय चुनाव से मिली प्रेरणा
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, वर्ष 2023 के निकाय चुनावों में AIMIM के कई प्रत्याशियों की जीत ने पार्टी को स्थानीय स्तर पर एक राजनीतिक आधार दिया। अब पार्टी इसी स्थानीय सफलता को विधानसभा चुनाव तक विस्तारित करने की रणनीति पर काम कर रही है। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनावों में AIMIM का प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा और पार्टी अब तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में अपना खाता नहीं खोल सकी है।
विपक्षी समीकरण पर असर
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक हुज्जत रज़ा के अनुसार, यदि AIMIM गठबंधन से बाहर रहकर चुनाव लड़ती है तो इसका असर मुख्य रूप से विपक्षी मतों के बंटवारे के रूप में सामने आ सकता है, जिसका लाभ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिलने की संभावना रहेगी। वहीं, यदि समाजवादी पार्टी (SP)-कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन AIMIM को साथ लेता है, तो चुनावी तस्वीर भिन्न हो सकती है।
गठबंधन के संभावित विकल्प
रज़ा ने यह भी कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद और पल्लवी पटेल जैसे नेताओं व दलों के साथ संभावित तालमेल को 'भीम-मीम' समीकरण के नज़रिए से देखा जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ गठबंधन की संभावना भी पार्टी के विकल्पों में शामिल है। हालाँकि, अतीक अहमद के परिवार से जुड़े किसी चेहरे को चुनाव मैदान में उतारने की संभावना को लेकर अभी किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी।
पार्टी नेतृत्व का बयान
AIMIM सेंट्रल जोन के अध्यक्ष शेख ताहिर सिद्दीकी ने कहा, 'हम BJP को रोकने के लिए सभी विपक्षी दलों के साथ सम्मानजनक हिस्सेदारी वाले गठबंधन के पक्ष में हैं। BSP के साथ गठबंधन की संभावना हो या चंद्रशेखर आज़ाद और अन्य दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का विकल्प — हमारा उद्देश्य BJP को रोकना है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रदेश से चुनाव लड़ने के लिए लगातार आवेदन मिल रहे हैं और बूथ स्तर तक तैयारियाँ जारी हैं। यदि सितंबर 2026 तक गठबंधन की तस्वीर साफ नहीं हुई, तो AIMIM स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरेगी।