ओवैसी पर तुष्टिकरण का आरोप, एनडीए का दावा — 2027 में यूपी में फिर बनेगी भाजपा सरकार
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर दिए गए बयान पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 30 जून को कड़ी प्रतिक्रिया दी। एनडीए नेताओं ने ओवैसी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2027 में भी उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
ओवैसी का बयान और चुनावी तैयारी
ओवैसी ने कहा था कि उनकी पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और एआईएमआईएम मेहनतकश व ईमानदार नेताओं को टिकट देगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए पार्टी गठबंधन करने को भी तैयार है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच 2027 के लिए गठजोड़ की संभावनाओं पर चर्चा तेज़ हो रही है।
एनडीए नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने ओवैसी के बयान पर कहा, 'असदुद्दीन ओवैसी हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की बात करते हैं। क्या वे कभी जामा मस्जिद की जाँच कराने की माँग करेंगे? क्या वे किसी मज़ार या मस्जिद की जाँच की बात करेंगे? यह सनातन धर्म और हिंदुओं का धर्म है, जहाँ लोग जाँच का सामना करते हैं और ज़रूरत पड़ने पर जेल भी जाते हैं। ओवैसी का उद्देश्य उत्तर प्रदेश या देश का विकास नहीं, बल्कि तुष्टिकरण की राजनीति करना है।'
भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा, 'ओवैसी साहब को किसने रोका है? उन्हें पहले भी किसी ने नहीं रोका और अब भी कोई नहीं रोक रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने कभी उन्हें नहीं रोका।'
भाजपा का विकास का दावा
भाजपा सांसद भोला सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में भाजपा की डबल इंजन सरकार ने जनकल्याण, विकास, कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के लिए निरंतर काम किया है, जिससे प्रदेश की जनता संतुष्ट है। उन्होंने कहा, 'असदुद्दीन ओवैसी आएँ या कोई और, भारतीय जनता पार्टी ही सरकार बनाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास के आधार पर प्रदेश की जनता 2027 में लगातार तीसरी बार भाजपा को स्पष्ट बहुमत देगी।'
राम मंदिर विवाद पर पलटवार
ओवैसी ने राम मंदिर से जुड़े एक विवाद पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा था कि सरकार को संबंधित समिति में किसी मुसलमान को रखना चाहिए था। इस पर यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने पलटवार करते हुए कहा, 'इसमें मुसलमान क्यों रहेगा।' उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड में हिंदू को रख लें।
आगे क्या
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 अभी करीब दो साल दूर हैं, लेकिन सभी प्रमुख दलों ने जमीनी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। एआईएमआईएम की गठबंधन की पेशकश और भाजपा का आत्मविश्वास — दोनों ही संकेत देते हैं कि अगला विधानसभा चुनाव राजनीतिक रूप से अत्यंत प्रतिस्पर्धी रहेगा।