2027 में योगी सरकार फिर बनेगी, राहुल-अखिलेश एक ही थाली के: रामकृपाल यादव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने 29 मई 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में BJP की सरकार भारी बहुमत से फिर बनेगी। उन्होंने कहा कि जनता पहले ही तय कर चुकी है कि भाजपा को दोबारा मौका देना है।
रामकृपाल यादव का विपक्ष पर हमला
रामकृपाल यादव ने कहा, 'राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। समाजवादी पार्टी हमें क्या सबक सिखाएगी? इस बार उनका अस्तित्व ही नहीं बचेगा।' उन्होंने दोनों नेताओं को 'एक सिक्के के दो पहलू' बताते हुए कहा कि उनके राजनीतिक अंत की शुरुआत हो चुकी है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों को लेकर सभी प्रमुख दलों में सियासी हलचल तेज हो गई है और इंडी गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
अवैध प्रवासियों पर JDU का कड़ा रुख
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर एनडीए सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा, 'जो लोग अवैध रूप से भारत में निवास कर रहे हैं, उन्हें देश छोड़ना ही होगा। यदि किसी के पास वैध नागरिकता के कागजात नहीं हैं तो भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने बॉर्डर फेंसिंग समेत सभी जरूरी कदम उठाए जाने की भी बात कही।
राजीव रंजन प्रसाद ने माओवाद-नक्सलवाद उन्मूलन में मिली सफलता का हवाला देते हुए कहा कि अवैध प्रवासियों के खिलाफ भी उसी निर्णायकता से कार्रवाई होगी।
आतंकवाद पर JDU प्रवक्ता की चेतावनी
आतंकवाद के मुद्दे पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यदि दुनिया प्रभावी कदम नहीं उठाती तो कभी किसी एक देश की, तो कभी दूसरे देश की बारी आ सकती है। उन्होंने भारत को पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार बताया।
BJP सांसद का इंडी गठबंधन पर पलटवार
BJP सांसद राधा मोहन सिंह ने कांग्रेस के उस दावे को खारिज किया जिसमें राहुल गांधी को इंडी गठबंधन का सबसे बड़ा नेता बताया गया था। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन अपने अंत की ओर बढ़ रहा है और राहुल गांधी इस प्रक्रिया के सबसे बड़े कारक हैं।
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद से इंडी गठबंधन की एकजुटता पर बार-बार सवाल उठते रहे हैं। आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियाँ और तेज होने की संभावना है।