यूपी में फिर बनेगी योगी सरकार: BJP विधायक संजय उपाध्याय ने तेज प्रताप यादव के बयान को सही ठहराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 25 मई 2026 को कहा कि जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव का यह कहना बिल्कुल सही है कि उत्तर प्रदेश में अगली बार भी योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में BJP सरकार बनेगी। उपाध्याय के अनुसार, राज्य में विकास कार्यों, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं की बदौलत BJP की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
तेज प्रताप यादव के बयान पर BJP की प्रतिक्रिया
BJP विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि तेज प्रताप यादव ने उत्तर प्रदेश में पुनः योगी सरकार बनने की बात कहकर कोई गलत बयान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह जमीनी हकीकत है जिसे विपक्ष भी महसूस कर रहा है। उनके अनुसार, राज्य की जनता ने विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर BJP को अपना भरोसा दिया है।
योगी सरकार की उपलब्धियों का दावा
उपाध्याय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था में बड़े सुधार का दावा किया। उन्होंने कहा कि माफिया और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। साथ ही, बिजली, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं में तेज़ी से सुधार होने की बात भी उन्होंने कही। 'हर घर जल' जैसी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुँचने से लोगों में संतोष का माहौल बना है, ऐसा उनका कहना है।
उन्होंने वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को उत्तर प्रदेश के 'उत्तम प्रदेश' बनने की दिशा में प्रगति का प्रमाण बताया।
मोदी और शाह की नीतियों की सराहना
BJP विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीब कल्याण योजनाओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति की प्रशंसा की। उनका कहना था कि इन नीतियों ने देश और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है। उन्होंने 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को भी रेखांकित किया और कहा कि कोविड महामारी तथा अंतरराष्ट्रीय संघर्षों जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
विपक्ष पर हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उपाध्याय ने कहा कि राहुल गांधी खुद को देश का 'युवराज' मानते हैं, जबकि एक साधारण परिवार से आए नरेंद्र मोदी वर्षों से देश की सेवा कर मजबूत नेतृत्व दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रहा।
उन्होंने ममता बनर्जी सहित अन्य विपक्षी दलों पर भी हमला बोला और कहा कि चुनावी हार के बाद विपक्षी खेमे में बेचैनी बढ़ी है। जो नेता पहले राहुल गांधी के नेतृत्व को नकारते थे, वे अब विपक्षी एकता की दुहाई दे रहे हैं — यह विरोधाभास खुद विपक्ष की कमज़ोरी दर्शाता है, ऐसा उपाध्याय का तर्क है।