ओवैसी की 2029 में युवा PM की माँग पर भाजपा-कांग्रेस का पलटवार, बोले — जनता तय करती है नेता
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने माँग की है कि 2029 के आम चुनाव में भारत का प्रधानमंत्री 40 से 45 वर्ष का युवा नेता होना चाहिए, न कि 80 वर्ष का व्यक्ति। 26 जुलाई को इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और एकमत होकर कहा कि भारत में प्रधानमंत्री का चुनाव उम्र नहीं, जनता करती है।
ओवैसी का बयान: युवा आबादी का हवाला
शनिवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, "भारत की 50 प्रतिशत आबादी 25 साल से कम उम्र की है।" उन्होंने घोषणा की कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी युवाओं को उम्मीदवार बनाएगी, ताकि वे बेखौफ होकर जनता की आवाज़ उठा सकें। उन्होंने आगे कहा कि 2029 में उनका प्रयास रहेगा कि देश का प्रधानमंत्री 40 या 45 साल का युवा नेता बने।
भाजपा की प्रतिक्रिया: माहौल बनाने का आरोप
BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने ओवैसी के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उम्र से नेतृत्व की क्षमता नहीं आँकी जाती। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति की उम्र 80 वर्ष से अधिक है, फिर भी वे वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शाह देव ने कहा, "मुझे लगता है कि ओवैसी एक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वह हमेशा मुस्लिमों और तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है।
BJP नेता आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि ओवैसी और अन्य विपक्षी नेता "युवाओं के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति" करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं और छात्रों के लिए जो किया है, वह किसी पूर्व प्रधानमंत्री ने नहीं किया।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया: लोकतंत्र की दुहाई
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ 80 वर्ष का व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता है और युवा भी। उनके अनुसार, "लोकतंत्र में जीतने वाली पार्टी अपना नेता चुनती है — आखिरकार प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश की जनता करती है।"
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने लोकतंत्र में हर व्यक्ति की राय रखने के अधिकार पर बल दिया। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि वे देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
व्यापक संदर्भ: उम्र बनाम अनुभव की बहस
यह ऐसे समय में आया है जब 2029 के आम चुनाव की तैयारियाँ अभी से राजनीतिक दलों के एजेंडे में आने लगी हैं। गौरतलब है कि भारत की युवा जनसंख्या — जिसे अक्सर 'डेमोग्राफिक डिविडेंड' कहा जाता है — पहले भी राजनीतिक विमर्श का केंद्र रही है, लेकिन नेतृत्व की उम्र को सीधे मुद्दा बनाना अपेक्षाकृत नई रणनीति है। ओवैसी का यह बयान उत्तर प्रदेश में पार्टी विस्तार की रणनीति के साथ भी जुड़ा दिखता है।
आगे क्या
ओवैसी के इस बयान ने 2029 चुनाव को लेकर नेतृत्व की उम्र पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में AIMIM की युवा उम्मीदवारी रणनीति इस बयान की व्यावहारिक परीक्षा होगी।