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ओवैसी की 2029 में युवा PM की माँग पर भाजपा-कांग्रेस का पलटवार, बोले — जनता तय करती है नेता

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ओवैसी की 2029 में युवा PM की माँग पर भाजपा-कांग्रेस का पलटवार, बोले — जनता तय करती है नेता

सारांश

ओवैसी ने 2029 में 40-45 साल के युवा प्रधानमंत्री की माँग कर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। BJP ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति बताया, कांग्रेस ने लोकतंत्र की दुहाई दी — लेकिन दोनों एकमत हैं कि PM तय करती है जनता, कोई नेता नहीं।

मुख्य बातें

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 2029 में देश का प्रधानमंत्री 40 से 45 वर्ष का युवा होना चाहिए।
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में AIMIM की ओर से युवा उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया।
BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने ओवैसी पर 'माहौल बनाने' और तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया।
BJP नेता आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष 'युवाओं के कंधों पर बंदूक रखकर' राजनीति कर रहा है।
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा और सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि PM चुनना जनता का अधिकार है, किसी दल का नहीं।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने माँग की है कि 2029 के आम चुनाव में भारत का प्रधानमंत्री 40 से 45 वर्ष का युवा नेता होना चाहिए, न कि 80 वर्ष का व्यक्ति। 26 जुलाई को इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और एकमत होकर कहा कि भारत में प्रधानमंत्री का चुनाव उम्र नहीं, जनता करती है।

ओवैसी का बयान: युवा आबादी का हवाला

शनिवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, "भारत की 50 प्रतिशत आबादी 25 साल से कम उम्र की है।" उन्होंने घोषणा की कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी युवाओं को उम्मीदवार बनाएगी, ताकि वे बेखौफ होकर जनता की आवाज़ उठा सकें। उन्होंने आगे कहा कि 2029 में उनका प्रयास रहेगा कि देश का प्रधानमंत्री 40 या 45 साल का युवा नेता बने।

भाजपा की प्रतिक्रिया: माहौल बनाने का आरोप

BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने ओवैसी के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उम्र से नेतृत्व की क्षमता नहीं आँकी जाती। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति की उम्र 80 वर्ष से अधिक है, फिर भी वे वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शाह देव ने कहा, "मुझे लगता है कि ओवैसी एक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वह हमेशा मुस्लिमों और तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है।

BJP नेता आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि ओवैसी और अन्य विपक्षी नेता "युवाओं के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति" करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं और छात्रों के लिए जो किया है, वह किसी पूर्व प्रधानमंत्री ने नहीं किया।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया: लोकतंत्र की दुहाई

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ 80 वर्ष का व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता है और युवा भी। उनके अनुसार, "लोकतंत्र में जीतने वाली पार्टी अपना नेता चुनती है — आखिरकार प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश की जनता करती है।"

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने लोकतंत्र में हर व्यक्ति की राय रखने के अधिकार पर बल दिया। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि वे देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

व्यापक संदर्भ: उम्र बनाम अनुभव की बहस

यह ऐसे समय में आया है जब 2029 के आम चुनाव की तैयारियाँ अभी से राजनीतिक दलों के एजेंडे में आने लगी हैं। गौरतलब है कि भारत की युवा जनसंख्या — जिसे अक्सर 'डेमोग्राफिक डिविडेंड' कहा जाता है — पहले भी राजनीतिक विमर्श का केंद्र रही है, लेकिन नेतृत्व की उम्र को सीधे मुद्दा बनाना अपेक्षाकृत नई रणनीति है। ओवैसी का यह बयान उत्तर प्रदेश में पार्टी विस्तार की रणनीति के साथ भी जुड़ा दिखता है।

आगे क्या

ओवैसी के इस बयान ने 2029 चुनाव को लेकर नेतृत्व की उम्र पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में AIMIM की युवा उम्मीदवारी रणनीति इस बयान की व्यावहारिक परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह 2029 की चुनावी बिसात पर एक सोची-समझी चाल है — उत्तर प्रदेश में युवा मुस्लिम मतदाताओं को लामबंद करने की। जिस 'युवा PM' की बात वे कर रहे हैं, उसका नाम न लेना इस बयान को व्यापक और सुरक्षित रखता है। दूसरी ओर, BJP और कांग्रेस दोनों का एक ही सुर में 'जनता तय करती है' कहना दिलचस्प है — क्योंकि दोनों दल खुद अपने नेतृत्व को लेकर आंतरिक लोकतंत्र की कसौटी पर अक्सर खरे नहीं उतरते। भारत की युवा जनसंख्या का राजनीतिक उपयोग नया नहीं है, लेकिन इसे PM पद की उम्र से सीधे जोड़ना एक नई और जोखिम भरी रणनीति है जिसकी असली परीक्षा UP चुनाव में होगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओवैसी ने युवा प्रधानमंत्री की माँग क्यों उठाई?
ओवैसी ने तर्क दिया कि भारत की 50 प्रतिशत आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है, इसलिए 2029 में देश का नेतृत्व 40-45 वर्ष के युवा के हाथ में होना चाहिए। यह बयान उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक जनसभा के दौरान दिया।
BJP ने ओवैसी के बयान पर क्या कहा?
BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि ओवैसी माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं और यह तुष्टिकरण की राजनीति है। BJP नेता आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करना चाहता है।
कांग्रेस ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में 80 वर्ष का व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता है और युवा भी — प्रधानमंत्री कौन बनेगा, यह जनता तय करती है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने राहुल गांधी को दूरदर्शी नेता बताया।
AIMIM उत्तर प्रदेश चुनाव में क्या रणनीति अपनाएगी?
ओवैसी ने घोषणा की कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में AIMIM युवाओं को उम्मीदवार बनाएगी, ताकि वे बेखौफ होकर जनता की आवाज़ उठा सकें। यह पार्टी की UP में विस्तार रणनीति का हिस्सा है।
क्या भारत में प्रधानमंत्री बनने के लिए उम्र की कोई सीमा है?
भारतीय संविधान के अनुसार लोकसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष है, और प्रधानमंत्री के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। प्रधानमंत्री का चुनाव संसदीय बहुमत और राजनीतिक दलों के आंतरिक निर्णय पर निर्भर करता है।
राष्ट्र प्रेस
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