26 जुलाई 2026
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देश विरोधी बयान देने वालों को BJP कभी नहीं छोड़ेगी: लक्ष्मी नारायण चौधरी का ओवैसी पर पलटवार

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देश विरोधी बयान देने वालों को BJP कभी नहीं छोड़ेगी: लक्ष्मी नारायण चौधरी का ओवैसी पर पलटवार

सारांश

फिरोजाबाद में BJP प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने ओवैसी के 'युवा प्रधानमंत्री' वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि देश विरोधी बयान देने वालों को BJP कभी माफ नहीं करेगी। साथ ही प्रह्लाद जोशी की शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति का स्वागत हुआ।

मुख्य बातें

लक्ष्मी नारायण चौधरी ने फिरोजाबाद में 26 जुलाई को कहा कि देश विरोधी बयान देने वालों को BJP कभी माफ नहीं करेगी।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के 'अगला PM युवा होना चाहिए' वाले बयान पर यह प्रतिक्रिया आई।
एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाने का हवाला देकर BJP की योग्यता-आधारित नीति का बचाव किया।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने प्रह्लाद जोशी की नई केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति का स्वागत किया।
आठवले ने BJP नेता अपर्णा यादव से मुलाकात को NDA गठबंधन के सामान्य समन्वय का हिस्सा बताया।

फिरोजाबाद में उत्तर प्रदेश के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने 26 जुलाई को स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उन लोगों को कभी माफ नहीं करेगी जो देश की एकता और अखंडता के विरुद्ध बयान देते हैं। यह तीखी प्रतिक्रिया ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगला प्रधानमंत्री 80 साल का नहीं, बल्कि युवा होना चाहिए।

ओवैसी के बयान पर BJP का पलटवार

चौधरी ने ओवैसी के बयान को खारिज करते हुए कहा कि BJP ने हमेशा योग्यता और क्षमता को प्राथमिकता दी है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने मुस्लिम समुदाय से आने वाले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को देश का राष्ट्रपति बनाया था और पार्टी को इस पर कोई आपत्ति नहीं थी। यह उल्लेख उन्होंने इस बात के प्रमाण के रूप में किया कि BJP की नीति धर्म-आधारित नहीं, बल्कि योग्यता-आधारित रही है।

देश विरोधी बयानों पर BJP की नीति स्पष्ट

चौधरी ने अपना रुख और कड़ा करते हुए कहा, 'जो लोग देश के खिलाफ बयान देते हैं या अलगाववाद की बात करते हैं, उनके लिए BJP की नीति स्पष्ट है। ऐसे लोगों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। देश की एकता और सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके खिलाफ जाने वालों पर कड़ी प्रतिक्रिया होगी।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर देशभर में बहस तेज है।

शिक्षा मंत्रालय में बदलाव पर प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर चौधरी ने कहा कि मंत्रिपरिषद में बदलाव प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार होता है और यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसी बीच लखनऊ में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति का स्वागत किया। आठवले ने कहा कि जोशी कर्नाटक से आते हैं और इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, इसलिए उनके पास प्रशासनिक अनुभव पर्याप्त है।

अपर्णा यादव से मुलाकात पर आठवले का बयान

आठवले ने BJP नेता अपर्णा यादव से अपनी मुलाकात को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि अपर्णा यादव समाज सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं और उन्होंने कई बार आमंत्रित किया था। NDA गठबंधन के सहयोगी होने के नाते उन्होंने निमंत्रण स्वीकार किया और उनके आवास पर भेंट की। यह ऐसे समय में है जब गठबंधन राजनीति में समन्वय को लेकर हर बैठक सुर्खियाँ बनती है।

आगे क्या

BJP के इस तीखे रुख के बाद राजनीतिक हलकों में ओवैसी की ओर से प्रतिक्रिया की संभावना बनी हुई है। प्रह्लाद जोशी के शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन BJP ने उसे राष्ट्रीय एकता के सवाल से जोड़ दिया — यह फ्रेमिंग की राजनीति है, तथ्य की नहीं। डॉ. कलाम का संदर्भ देना प्रभावशाली है, लेकिन यह इस बात का जवाब नहीं देता कि ओवैसी ने वास्तव में क्या कहा था। असली सवाल यह है कि 'देश विरोधी बयान' की परिभाषा कौन तय करता है और क्या यह परिभाषा हर बार चुनावी जरूरत के अनुसार बदलती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लक्ष्मी नारायण चौधरी ने ओवैसी के बयान पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि BJP देश विरोधी बयान देने वालों को कभी माफ नहीं करेगी। यह प्रतिक्रिया AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर आई जिसमें उन्होंने कहा था कि अगला प्रधानमंत्री युवा होना चाहिए।
BJP ने डॉ. कलाम का संदर्भ क्यों दिया?
चौधरी ने यह साबित करने के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण दिया कि BJP की नीति धर्म-आधारित नहीं बल्कि योग्यता-आधारित है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की BJP सरकार ने ही मुस्लिम समुदाय से आने वाले कलाम को राष्ट्रपति बनाया था।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर BJP का क्या रुख है?
लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि मंत्रिपरिषद में बदलाव प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार होता है और यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति का स्वागत किया।
प्रह्लाद जोशी कौन हैं और उनका अनुभव क्या है?
प्रह्लाद जोशी कर्नाटक से आने वाले वरिष्ठ BJP नेता हैं जो इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। रामदास आठवले ने कहा कि उनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है और वे शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभाएंगे।
रामदास आठवले की अपर्णा यादव से मुलाकात क्यों हुई?
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बताया कि BJP नेता अपर्णा यादव ने उन्हें कई बार आमंत्रित किया था और NDA गठबंधन के सहयोगी होने के नाते उन्होंने निमंत्रण स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि अपर्णा यादव समाज सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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