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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ओवैसी के 'एनकाउंटर' बयान पर BJP सांसद, विधायक और UP मंत्री का पलटवार

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ओवैसी के 'एनकाउंटर' बयान पर BJP सांसद, विधायक और UP मंत्री का पलटवार

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ओवैसी का 'एनकाउंटर' वाला बयान BJP के लिए पलटवार का मौका बन गया। सांसद, विधायक और UP मंत्री ने एक सुर में इसे सांप्रदायिक राजनीति बताया। SIT जाँच जारी है और मामला अब धर्म की सीमाओं से निकलकर राजनीतिक अखाड़े में पहुँच चुका है।

मुख्य बातें

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कथित तौर पर कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में मुस्लिम होता तो एनकाउंटर हो जाता।
BJP सांसद सुजीत कुमार (भुवनेश्वर) ने बयान को 'हास्यास्पद' बताते हुए कड़ी निंदा की।
BJP विधायक सुरेंद्र मैथानी (कानपुर) ने ओवैसी पर मुस्लिम वोट की राजनीति का आरोप लगाया।
UP मंत्री संजय निषाद ने कहा कि इस मामले को हिंदू-मुस्लिम नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
चढ़ावा चोरी मामले की जाँच के लिए SIT गठित; सरकार ने दोषियों को बख्शने से इनकार किया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस विवादित बयान पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट में कोई मुस्लिम सदस्य होता तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाता। 30 जून को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद, विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे सांप्रदायिक राजनीति का हथियार बताया।

मुख्य घटनाक्रम

मामला अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़ा है, जिसकी जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है। इसी विवाद पर ओवैसी ने एक बयान दिया, जिसे NDA नेताओं ने हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की कोशिश करार दिया। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में मंदिर प्रशासन से जुड़े मुद्दे पहले से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में हैं।

BJP सांसद सुजीत कुमार की प्रतिक्रिया

भुवनेश्वर से BJP सांसद सुजीत कुमार ने ओवैसी के बयान को 'हास्यास्पद' बताते हुए कहा, 'इसमें हिंदू-मुस्लिम कहाँ से आ गया, मुझे समझ नहीं आ रहा। मैं इस बयान की कड़ी निंदा करता हूँ।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पहले ही यह सुनिश्चित कर चुकी है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा — धर्म के नाम पर गलत काम करने वालों को कठोर से कठोर दंड मिलेगा।

कुमार ने यह भी कहा कि जो लोग पहले प्रभु श्रीराम के अस्तित्व और राम मंदिर पर सवाल उठाते थे, वही अब खुद को राम मंदिर के सबसे बड़े समर्थक बताने की कोशिश कर रहे हैं, जो उनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

BJP विधायक सुरेंद्र मैथानी का पलटवार

कानपुर से BJP विधायक सुरेंद्र मैथानी ने आरोप लगाया कि ओवैसी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की तथाकथित मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति के लिए मुस्लिम वोट बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी को यह सोचना चाहिए कि अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे भू-माफियाओं के उदाहरण से यदि वे सभी मुसलमानों को जोड़ेंगे, तो यह मुस्लिम समाज के साथ अन्याय होगा।

मैथानी ने ओवैसी से सवाल किया कि वे अजमेर शरीफ दरगाह, हाजी अली (मुंबई), दरगाह शरीफ बहराइच, बरेली की मजार और निजामुद्दीन औलिया के दरबार में पैसों को लेकर चल रहे विवादों पर चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा, 'हर मस्जिद-दरगाह और मदरसे में आजकल पैसों के लिए जंग छिड़ी हुई है — ओवैसी वहाँ सवाल क्यों नहीं उठाते?'

UP मंत्री संजय निषाद की राय

लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि इस मामले को हिंदू-मुस्लिम के चश्मे से देखना उचित नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, 'अगर वक्फ बोर्ड में किसी हिंदू को नियुक्त किया जाता, तभी इस तरह की तुलना की जा सकती थी। इस विषय पर सांप्रदायिक रंग देने वाले बयान अनुचित हैं।'

आगे क्या होगा

SIT की जाँच जारी है और सरकार का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी, चाहे उनकी धार्मिक पहचान कुछ भी हो। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद आगामी चुनावी मौसम में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की बहस को और तेज कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर दोनों पक्ष इसे जवाबदेही के बजाय पहचान की राजनीति के मंच में बदल रहे हैं। मैथानी का दरगाहों और मदरसों पर प्रतिप्रश्न एक 'व्हाटअबाउटरी' है जो मूल मुद्दे — मंदिर ट्रस्ट की निगरानी और पारदर्शिता — से ध्यान भटकाता है। असली सवाल यह है कि SIT की रिपोर्ट कब आएगी और क्या दोषियों पर कार्रवाई धर्म-निरपेक्ष तरीके से होगी।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया है, जिसकी जाँच के लिए सरकार ने SIT गठित की है। यह मामला मंदिर ट्रस्ट की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
ओवैसी ने क्या बयान दिया था?
ओवैसी ने कथित तौर पर कहा कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट में कोई मुस्लिम सदस्य होता तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाता। इसी बयान पर NDA नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
BJP ने ओवैसी के बयान पर क्या कहा?
BJP सांसद सुजीत कुमार ने बयान को 'हास्यास्पद' और 'हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की कोशिश' बताया। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने इसे मुस्लिम वोट की राजनीति करार दिया और UP मंत्री संजय निषाद ने इसे 'अनुचित' कहा।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
सरकार ने SIT गठित कर दी है और अधिकारियों के अनुसार जाँच जारी है। BJP नेताओं ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को, चाहे उसकी धार्मिक पहचान कुछ भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।
क्या यह विवाद आगे और बढ़ सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आगामी चुनावी मौसम में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की बहस को तेज कर सकता है। दोनों पक्षों की बयानबाजी से मामला प्रशासनिक जवाबदेही से हटकर पहचान की राजनीति पर केंद्रित हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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