राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ओवैसी के 'एनकाउंटर' बयान पर BJP सांसद, विधायक और UP मंत्री का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस विवादित बयान पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट में कोई मुस्लिम सदस्य होता तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाता। 30 जून को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद, विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे सांप्रदायिक राजनीति का हथियार बताया।
मुख्य घटनाक्रम
मामला अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़ा है, जिसकी जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है। इसी विवाद पर ओवैसी ने एक बयान दिया, जिसे NDA नेताओं ने हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की कोशिश करार दिया। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में मंदिर प्रशासन से जुड़े मुद्दे पहले से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में हैं।
BJP सांसद सुजीत कुमार की प्रतिक्रिया
भुवनेश्वर से BJP सांसद सुजीत कुमार ने ओवैसी के बयान को 'हास्यास्पद' बताते हुए कहा, 'इसमें हिंदू-मुस्लिम कहाँ से आ गया, मुझे समझ नहीं आ रहा। मैं इस बयान की कड़ी निंदा करता हूँ।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पहले ही यह सुनिश्चित कर चुकी है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा — धर्म के नाम पर गलत काम करने वालों को कठोर से कठोर दंड मिलेगा।
कुमार ने यह भी कहा कि जो लोग पहले प्रभु श्रीराम के अस्तित्व और राम मंदिर पर सवाल उठाते थे, वही अब खुद को राम मंदिर के सबसे बड़े समर्थक बताने की कोशिश कर रहे हैं, जो उनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
BJP विधायक सुरेंद्र मैथानी का पलटवार
कानपुर से BJP विधायक सुरेंद्र मैथानी ने आरोप लगाया कि ओवैसी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की तथाकथित मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति के लिए मुस्लिम वोट बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी को यह सोचना चाहिए कि अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे भू-माफियाओं के उदाहरण से यदि वे सभी मुसलमानों को जोड़ेंगे, तो यह मुस्लिम समाज के साथ अन्याय होगा।
मैथानी ने ओवैसी से सवाल किया कि वे अजमेर शरीफ दरगाह, हाजी अली (मुंबई), दरगाह शरीफ बहराइच, बरेली की मजार और निजामुद्दीन औलिया के दरबार में पैसों को लेकर चल रहे विवादों पर चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा, 'हर मस्जिद-दरगाह और मदरसे में आजकल पैसों के लिए जंग छिड़ी हुई है — ओवैसी वहाँ सवाल क्यों नहीं उठाते?'
UP मंत्री संजय निषाद की राय
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि इस मामले को हिंदू-मुस्लिम के चश्मे से देखना उचित नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, 'अगर वक्फ बोर्ड में किसी हिंदू को नियुक्त किया जाता, तभी इस तरह की तुलना की जा सकती थी। इस विषय पर सांप्रदायिक रंग देने वाले बयान अनुचित हैं।'
आगे क्या होगा
SIT की जाँच जारी है और सरकार का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी, चाहे उनकी धार्मिक पहचान कुछ भी हो। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद आगामी चुनावी मौसम में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की बहस को और तेज कर सकता है।