1 अगस्त 2026
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यूपी चुनाव में भाजपा को हराना एआईएमआईएम का लक्ष्य, वारिस पठान बोले — गठबंधन के लिए तैयार

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यूपी चुनाव में भाजपा को हराना एआईएमआईएम का लक्ष्य, वारिस पठान बोले — गठबंधन के लिए तैयार

सारांश

वारिस पठान ने साफ कर दिया — यूपी में एआईएमआईएम का एकसूत्री एजेंडा भाजपा को हराना है। गठबंधन का दरवाज़ा खुला है, लेकिन सम्मान और सीट-बँटवारे की शर्त पर। साथ ही सपा को 'सॉफ्ट हिंदुत्व' का आरोप लगाकर पठान ने विपक्षी एकता की जटिल तस्वीर और उलझा दी।

मुख्य बातें

एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने 15 जून 2026 को घोषित किया कि यूपी चुनाव में पार्टी का लक्ष्य भाजपा को हराना है।
गठबंधन के लिए सम्मानजनक सीट-बँटवारे और इज्ज़त के साथ आमंत्रण की शर्त रखी गई।
पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बहराइच की जनसभा में भी गठबंधन की तैयारी का संकेत दिया।
पठान ने सपा पर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' का आरोप लगाते हुए भाजपा और सपा को 'एक ही सिक्के के दो पहलू' बताया।
अमेरिकी हमले में भारत के 3 नागरिकों की मौत पर पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए।
टीएमसी बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय पर पठान ने कहा — 'मुसलमानों के नाम पर वोट लिए और पाला बदल लिया।'

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 15 जून 2026 को मुंबई में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का एकमात्र लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से बाहर करना है। पठान ने कहा कि जो भी दल भाजपा को हराना चाहता है, वह एआईएमआईएम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ सकता है।

गठबंधन की शर्तें और रणनीति

पठान ने कहा कि पार्टी गठबंधन के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसके लिए दो बुनियादी शर्तें हैं — सम्मानजनक सीट-बँटवारा और इज्ज़त के साथ आमंत्रण। उन्होंने कहा, 'हमारी शर्त है कि हमें हिस्सेदारी दी जाए और इज्ज़त के साथ बुलाया जाए।' किस दल के साथ गठजोड़ होगा और कितनी सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा, यह बाद में तय होगा।

गौरतलब है कि पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक जनसभा को संबोधित किया, जहाँ बड़ी संख्या में लोग जुटे। उस मंच से ओवैसी ने भी गठबंधन की तैयारी का संकेत दिया था।

सपा पर तीखा प्रहार

पठान ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सपा खुद भाजपा को नहीं हरा पाती, तो एआईएमआईएम को 'भाजपा की बी-टीम' कहना शुरू कर देती है। उनके अनुसार, 'भाजपा और सपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।' पठान का तर्क था कि जहाँ भाजपा खुले हिंदुत्व एजेंडे पर चलती है, वहीं अखिलेश यादव 'सॉफ्ट हिंदुत्व' अपना रहे हैं और मुसलमानों के मुद्दों पर दोनों ही दल मौन रहते हैं।

टीएमसी विद्रोहियों पर प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट के बाद बागी सांसदों के 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (एनसीपीआई) में विलय पर पठान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग एआईएमआईएम पर 'बी-टीम' का आरोप लगाते थे, वे खुद आज कहाँ से कहाँ पहुँच गए। पठान ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने मुसलमानों के नाम पर वोट लिए और फिर पाला बदल लिया।

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर रुख

अमेरिका और ईरान के बीच हाल के शांति समझौते पर पठान ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने बताया कि अमेरिकी हमले में भारत के तीन नागरिकों की जान जा चुकी है और इस युद्ध के कारण भारत में एक महीने के भीतर चार-पाँच बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े। पठान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नागरिकों की मौत की निंदा तक नहीं की, जो उनके अनुसार निराशाजनक है।

कांग्रेस के बयान पर टिप्पणी

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के भाजपा पर प्रतिबंध वाले बयान का समर्थन करते हुए पठान ने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद से विकास के बजाय हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण को ही अपना मुख्य एजेंडा बनाए हुए है। आलोचकों का कहना है कि यूपी में आगामी चुनावी समीकरण तय करने में एआईएमआईएम की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, बशर्ते गठबंधन वार्ता सफल हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यावहारिक राजनीति में एआईएमआईएम की सौदेबाज़ी की ताकत सीमित रही है — 2022 के यूपी चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदों से काफी नीचे रहा था। सपा पर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' का आरोप लगाना एक ओर एआईएमआईएम की अलग पहचान बनाए रखने की कोशिश है, तो दूसरी ओर यह विपक्षी एकजुटता को और जटिल बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या कोई बड़ा दल एआईएमआईएम को सम्मानजनक सीटें देने को तैयार होगा, या यह बयानबाज़ी चुनावी मौसम की रस्म बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएमआईएम यूपी चुनाव में किस के साथ गठबंधन करेगी?
एआईएमआईएम ने अभी किसी दल का नाम तय नहीं किया है। वारिस पठान के अनुसार, जो भी दल भाजपा को हराना चाहता है और सम्मानजनक सीट-बँटवारा देने को तैयार है, उसके साथ गठबंधन पर विचार किया जाएगा।
वारिस पठान ने समाजवादी पार्टी पर क्या आरोप लगाए?
पठान ने सपा पर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा व सपा दोनों मुसलमानों के मुद्दों पर चुप रहते हैं। उनके अनुसार, जब सपा खुद भाजपा को नहीं हरा पाती, तभी एआईएमआईएम को 'बी-टीम' कहा जाता है।
असदुद्दीन ओवैसी ने बहराइच में क्या कहा?
ओवैसी ने बहराइच की जनसभा में मंच से गठबंधन के लिए तैयारी का संकेत दिया। जनसभा में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
अमेरिका-ईरान युद्ध पर एआईएमआईएम का क्या रुख है?
एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने शांति समझौते का स्वागत किया और कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी हमले में भारत के तीन नागरिकों की जान गई और युद्ध के कारण एक महीने में चार-पाँच बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े।
टीएमसी बागी सांसदों के एनसीपीआई विलय पर पठान की क्या प्रतिक्रिया थी?
पठान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग एआईएमआईएम पर 'बी-टीम' का आरोप लगाते थे, वे खुद पाला बदल चुके हैं। उनका आरोप था कि इन नेताओं ने मुसलमानों के नाम पर वोट लिए और फिर दल बदल लिया।
राष्ट्र प्रेस
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