30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या एआईएमआईएम बिहार चुनाव में केवल कुछ सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या एआईएमआईएम बिहार चुनाव में केवल कुछ सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी?

सारांश

बिहार चुनाव में इंडिया गठबंधन के सीट बंटवारे पर सपा की प्रतिक्रिया, फखरुल हसन चांद का बयान। एआईएमआईएम की सीटों पर लड़ाई और भाजपा की स्थिति पर भी चर्चा। क्या यह चुनाव बिहार के लिए एक नया मोड़ लाएगा?

मुख्य बातें

इंडिया गठबंधन बिहार चुनाव में मजबूत स्थिति में है।
सपा का कहना है कि भाजपा अपने सहयोगियों का सम्मान नहीं करती।
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का चुनावी निर्णय महत्वपूर्ण है।

लखनऊ, 12 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर दिल्ली में तेजस्वी यादव की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से होने वाली मुलाकात पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया सामने आई है। सपा नेता फखरुल हसन चांद ने कहा कि गठबंधन में सीट बंटवारे पर लगातार बातचीत चल रही है। इंडिया गठबंधन बिहार में सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सपा नेता ने सीट बंटवारे को लेकर कहा कि हम किसी भी अनसुलझे मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहते। आज सीट बंटवारे पर बैठक हो रही है। हम जल्द ही सीट बंटवारा कर लेंगे।

एनडीए पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब वहां टिकट का बंटवारा होगा तो बिखराव देखने को मिलेगा। इंडिया गठबंधन मजबूती से बिहार चुनाव लड़ेगा और इस बार हमारी सरकार बनेगी।

सुभासपा के बिहार चुनाव लड़ने पर सपा नेता ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है। सुभासपा यूपी में कई बार अकेले चुनाव लड़ चुकी है। उन्हें गठबंधन में अलग-थलग कर दिया जाता है। बिहार में भी उन्हें अलग कर दिया गया है। ओम प्रकाश राजभर को यूपी में सीटें नहीं मिल रही हैं, जहां उनके पुत्र हार रहे हैं। सपा समझती है कि वे भाजपा गठबंधन में हैं। उनके गठबंधन में क्या हो रहा है, इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपने सहयोगियों का सम्मान नहीं करती।

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के बिहार चुनाव में उतरने पर सपा नेता फखरुल हसन चांद ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और चुनाव लड़ने का अधिकार है। सवाल यह है कि वे किन सीटों पर लड़ रहे हैं और क्या उनका मकसद किसी और की मदद करना है। अगर वे बड़ी पार्टी हैं तो चुनिंदा सीटों पर ही क्यों लड़ते हैं? क्या वे किसी और के लिए चुनाव लड़ रहे हैं?

कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर दिल्ली सरकार की ओर से लगाए गए प्रतिबंध पर उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठते रहे हैं। यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल है। मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के मामले में सपा जांच की मांग करती है।

रायबरेली में पीटकर मारे गए हरिओम वाल्मीकि के परिजनों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात पर सपा नेता ने कहा कि दलितों पर हो रहे अत्याचार किसी से छिपे नहीं हैं। दलित समाज इंडिया गठबंधन की ओर देख रहा है। भाजपा के शासन में यूपी में मजदूर से लेकर सांसद तक दलितों पर अत्याचार देख रहे हैं। भाजपा घटनाओं के बाद केवल खानापूर्ति करती है। यूपी में महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं।

डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा को मानने वाले लोग आज उन्हें याद कर रहे हैं। लोकतंत्र खतरे में है और भाजपा इसे कमजोर करने में लगी है। लोहिया की विचारधारा हमें ताकत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिहार चुनाव में विभिन्न दलों की रणनीतियों और उनके बीच के गठबंधनों ने एक नए राजनीतिक परिदृश्य का निर्माण किया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये गठबंधन और चुनावी रणनीतियाँ कैसे आगे बढ़ती हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया गठबंधन का उद्देश्य क्या है?
इंडिया गठबंधन का उद्देश्य बिहार में एक मजबूत और स्थायी सरकार बनाना है।
एआईएमआईएम ने क्यों सीमित सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया?
एआईएमआईएम का कहना है कि वे अपने संसाधनों और रणनीतियों को ध्यान में रखकर चुनाव लड़ रहे हैं।
फखरुल हसन चांद का क्या कहना है?
फखरुल हसन चांद ने कहा कि हम किसी भी अनसुलझे मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहते।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले